चेक इंजन लाइट जली है? गाड़ी चलाने से पहले जान लें इसका मतलब; ये हो सकता है बड़ा कारण
गाड़ी के मीटर पर जल रही चेक इंजन लाइट और अन्य वार्निंग लाइट को समझना हर ड्राइवर के लिए बेहद जरूरी है. कई बार लोग मीटर पर दिख रही लाइट को नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर बड़े नुकसान और महंगे खर्च का कारण बन सकता है. लाल, पीली और हरी वार्निंग लाइट अलग-अलग संकेत देती हैं, जिनका समय पर सही मतलब समझना सुरक्षित ड्राइविंग के लिए जरूरी है.
Check Engine Light: आज के समय में गाड़ी चलाना जितना आम हो गया है. लेकिन उतना ही जरूरी हो गया है कि ड्राइवर को गाड़ी के मीटर यानी इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर पर दिखाई देने वाली वार्निंग लाइट की सही जानकारी हो. अक्सर देखा जाता है कि लोग गाड़ी तो चला लेते हैं, लेकिन मीटर पर जल रही लाइट को नजरअंदाज कर देते हैं. यही छोटी सी लापरवाही आगे चलकर बड़े हादसे, भारी खर्च और जान के जोखिम का कारण बन सकती है. इसलिए हर ड्राइवर के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि कौन-सी वार्निंग लाइट क्या संकेत देती है. कई बार ड्राइवर के सामने दो अलग-अलग मीटर होते हैं और उनमें गोले के अंदर अलग-अलग चिन्ह जलते नजर आते हैं.
ऐसे में सबसे ज्यादा कंफ्यूजन “चेक इंजन” वार्निंग लाइट को लेकर होता है. बहुत से लोग समझ नहीं पाते कि इनमें से असली चेक इंजन वार्निंग लाइट कौन-सी है और उसे नजरअंदाज कर देते हैं.
चेक इंजन वार्निंग लाइट क्या बताती है
चेक इंजन वार्निंग लाइट आमतौर पर इंजन के साइज जैसी दिखाई देती है. इस लाइट के जलने का मतलब होता है कि इंजन या उससे जुड़े किसी सेंसर में गड़बड़ी पाई गई है. यह गड़बड़ी छोटी भी हो सकती है, जैसे फ्यूल कैप का ठीक से बंद न होना, और बड़ी भी हो सकती है, जैसे इंजन मिसफायर या एमिशन सिस्टम में खराबी. अगर यह लाइट लगातार जल रही है, तो गाड़ी को जल्द से जल्द मैकेनिक को दिखाना चाहिए. वहीं, अगर यह लाइट ब्लिंक कर रही है, तो समझ लेना चाहिए कि मामला गंभीर है और गाड़ी को तुरंत रोकना ज्यादा सुरक्षित होता है.
लाल, पीली और हरी वार्निंग लाइट का फर्क
मीटर पर आने वाली वार्निंग लाइट को आमतौर पर तीन रंगों में बांटा जाता है. पहली होती है लाल रंग की वार्निंग लाइट, जिसे सबसे खतरनाक माना जाता है. लाल लाइट का मतलब होता है कि गाड़ी में कोई गंभीर समस्या है, जैसे इंजन का ओवरहीट होना, ऑयल प्रेशर खत्म होना या ब्रेक सिस्टम में खराबी. ऐसी स्थिति में गाड़ी चलाते रहना नुकसानदायक हो सकता है.
दूसरी होती है पीली या नारंगी रंग की वार्निंग लाइट. यह इस बात का संकेत देती है कि गाड़ी में कोई समस्या शुरू हो रही है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. चेक इंजन लाइट, एबीएस वार्निंग और टायर प्रेशर वार्निंग इसी कैटेगरी में आती हैं. इसमें तुरंत गाड़ी रोकना जरूरी नहीं होता, लेकिन जांच करवाना जरूरी होता है. तीसरी होती है हरी या नीली लाइट, जो सिर्फ जानकारी देने के लिए होती है. जैसे हेडलाइट ऑन होना, इंडिकेटर चालू होना या क्रूज कंट्रोल एक्टिव होना. ये लाइटें खतरनाक नहीं होतीं.
वार्निंग लाइट की जानकारी क्यों जरूरी है
मीटर पर आने वाली हर वार्निंग लाइट ड्राइवर से संवाद करती है. अगर ड्राइवर इन संकेतों को समय पर समझ ले, तो बड़ी खराबी से बचा जा सकता है. कई बार मामूली सी लाइट को नजरअंदाज करने से इंजन पूरी तरह खराब हो जाता है और हजारों रुपये का खर्च आ जाता है. इसलिए जरूरी है कि हर ड्राइवर इन वार्निंग लाइट को पहचाने, समझे और सही समय पर सही कदम उठाए. यही समझदारी सुरक्षित ड्राइविंग और गाड़ी की लंबी उम्र की पहचान है.
यह भी पढ़ें: गाड़ियों के पुर्जे बनाने वाली इन तीन कंपनियों पर रखें नजर, कर्ज जीरो, मजबूत है कैश रिजर्व, रिटर्न 318% पार