वैश्विक संकट के बीच अलर्ट मोड में सरकार! PM मोदी ने बुलाई बैठक, ऊर्जा, बिजली और उर्वरक सेक्टर की करेंगे समीक्षा
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पीएम मोदी आज ऊर्जा, बिजली और उर्वरक सेक्टर की समीक्षा करेंगे. होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट से सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर दबाव बढ़ा है. सरकार अब हालात संभालने के लिए अलर्ट मोड में है.
पश्चिम एशिया में जारी जंग का असर भारत की ऊर्जा और जरूरी सेक्टर्स पर साफ दिखने लगा है. तेल और गैस सप्लाई में रुकावट, महंगे कच्चे तेल और सप्लाई चेन में बाधा ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है. ऐसे हालात में अब सरकार खुद हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरी कदम उठाने की तैयारी में है.
पीएम मोदी ने बुलाई अहम बैठक
इन्हीं हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार शाम एक अहम बैठक करने जा रहे हैं. इस बैठक में पेट्रोलियम, बिजली और उर्वरक जैसे महत्वपूर्ण सेक्टर्स की स्थिति की समीक्षा की जाएगी. पीटीआई की रिपोक्ट के मुताबिक, बैठक में इस बात को सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा कि देश में सप्लाई किसी भी हालत में न रुके और लोगों तक जरूरी चीजें समय पर पहुंचती रहें.
सरकार का फोकस इस बात पर है कि देशभर में ऊर्जा और उर्वरक की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रहे. साथ ही लॉजिस्टिक्स और वितरण व्यवस्था को भी मजबूत रखने की कोशिश की जा रही है.
क्यों बढ़ी है चिंता
ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को झटका दिया है. होर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया की करीब 20% ऊर्जा सप्लाई गुजरती है, वहां रुकावट ने हालात और बिगाड़ दिए हैं. इसका असर तेल, गैस और यहां तक कि उर्वरक सप्लाई पर भी पड़ रहा है.
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प्रधानमंत्री मोदी इस पूरे संकट के दौरान कई देशों के नेताओं के संपर्क में भी रहे हैं. इसका मकसद साफ है, भारत की ऊर्जा सुरक्षा और सप्लाई चेन को किसी भी तरह के बड़े झटके से बचाना.
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