दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल कंपनी पर ड्रोन हमला! सऊदी Aramco की रिफाइनरी बंद; 1.74 ट्रिलियन डॉलर है मार्केट कैप

सऊदी Aramco की रास तनुरा रिफाइनरी पर ड्रोन हमले के बाद प्लांट को एहतियातन बंद कर दिया गया. हमले से आग लगने की खबर है, हालांकि स्थिति कंट्रोल बताई जा रही है. इस घटना के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत 9 फीसदी से अधिक चढ़ गई. स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में बढ़ते तनाव से ग्लोबल एनर्जी मार्केट में चिंता बढ़ गई है.

सऊदी Aramco की रास तनुरा रिफाइनरी पर ड्रोन हमला हुआ है. Image Credit:

Aramco Drone Attack: इजरायल- ईरान में जारी युद्ध की बीच सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी Aramco पर बड़ा हमला हुआ है. इस हमले ने ग्लोबल ऑयल मार्केट को हिला दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक रास तनुरा रिफाइनरी पर हमले के बाद एहतियातन इसे बंद कर दिया गया. हमले के कारण आग लग गई थी, हालांकि हालात काबू में बताए जा रहे हैं. इस घटना के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला. ब्रेंट क्रूड की कीमत एक समय 9 फीसदी से अधिक चढ़ गई. स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में तनाव ने भी चिंता बढ़ा दी है. इस हमले में हूती विद्रोहियों का हाथ बताया जा रहा है.

रास तनुरा रिफाइनरी पर ड्रोन हमला

रिपोर्ट के अनुसार ईरान की ओर से किए गए ड्रोन हमले में Aramco की रास तनुरा रिफाइनरी को निशाना बनाया गया. हमले के बाद वहां आग लगने की खबर सामने आई. एहतियात के तौर पर कंपनी ने रिफाइनरी का ऑपरेशन रोक दिया. अभी तक किसी के मारे जाने की खबर नहीं है.

Aramco की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं

सोशल मीडिया पर धुएं के गुबार वाले कुछ वीडियो सामने आए हैं, लेकिन उनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. Aramco ने अभी तक हमले और बंदी को लेकर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया है. इससे बाजार में अनिश्चितता और बढ़ गई है.

कितनी बड़ी कंपनी है Aramco

साल 2026 की शुरुआत तक सऊदी Aramco का मार्केट कैपिटलाइलेशन लगभग 1.66 ट्रिलियन से 1.74 ट्रिलियन डॉलर के बीच आंका गया है, जिससे यह दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में शामिल बनी हुई है. कंपनी अब भी दुनिया की सबसे बड़ी तेल उत्पादक है. वित्त वर्ष 2024 से 2025 के दौरान इसकी कुल इक्विटी करीब 440 अरब डॉलर रही, जबकि एनुअल नेट इनकम 100 अरब डॉलर से अधिक दर्ज की गई.

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर बढ़ा तनाव

अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में तनाव बढ़ गया है. यह दुनिया के तेल व्यापार का अहम रास्ता है. खबर है कि कई जहाज मालिकों ने एहतियातन आवाजाही रोक दी है. इससे ग्लोबल सप्लाई पर असर पड़ सकता है और कीमतों में और तेजी आ सकती है.

ग्लोबल एनर्जी मार्केट में चिंता

सऊदी अरब, यूएई और कुवैत जैसे देश बड़े तेल निर्यातक होने के साथ आधुनिक रिफाइनरी भी चलाते हैं. अगर क्षेत्र में तनाव लंबा चलता है तो डीजल, जेट फ्यूल और अन्य प्रोडक्ट की सप्लाई प्रभावित हो सकती है. जानकारों का मानना है कि स्थिति लंबी खिंचने पर ग्लोबल मार्केट में भारी उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है.

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