ईरान में एक किलो गोश्त 1.9 करोड़ रियाल, चावल 38 लाख रियाल और दूध 11 लाख रियाल प्रति लीटर, बेतहाशा महंगाई में लोग
ईरान में पिछले 10 वर्षों में फूड आइटम की कीमतों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. 2016 में साप्ताहिक फूड बास्केट की कीमत जहां 1.2 मिलियन रियाल थी, वहीं 2026 तक यह बढ़कर 36.6 मिलियन रियाल पहुंच गई. 2021 के बाद महंगाई ने तेज रफ्तार पकड़ी और 2026 में सालाना ग्रोथ करीब 90 फीसदी रही. कमजोर होती करेंसी और बढ़ती महंगाई ने आम परिवारों की खरीदारी क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है.
जहां एक तरफ ईरान इजरायल और अमेरिका से युद्ध और तनाव में उलझा हुआ है, वहीं दूसरी ओर उसके अपने देश में महंगाई ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है. पिछले 10 साल में फूड आइटम की कीमतें करीब 30 गुना तक बढ़ गई हैं. 2016 में जो साप्ताहिक फूड बास्केट 1.2 मिलियन रियाल में मिलती थी, वह 2026 तक 36.6 मिलियन रियाल पहुंच गई. सैलरी बढ़ोतरी इस रफ्तार की बराबरी नहीं कर पाई है. हालात ऐसे हो गए हैं कि आम परिवारों के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल होता जा रहा है.
10 साल में कीमतों में भारी उछाल
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, 2016 से 2026 के बीच फूड बास्केट की कीमत करीब 30 गुना तक बढ़ गई. यह बढ़ोतरी किसी भी अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय मानी जाती है. 10 साल पहले जो सामान कम दाम में मिल जाता था, अब उसके लिए कई गुना ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है. इससे मध्यम और निम्न आय वर्ग पर सबसे ज्यादा दबाव पड़ा है. रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना कठिन होता जा रहा है.
2021 के बाद तेजी से बढ़ी महंगाई
2016 से 2020 के बीच कीमतों में धीमी लेकिन स्थिर बढ़ोतरी हुई. हालांकि 2021 के बाद महंगाई ने तेज रफ्तार पकड़ ली. 2023 में फूड बास्केट की लागत 10.9 मिलियन रियाल तक पहुंच गई, जो 2016 के मुकाबले करीब नौ गुना ज्यादा थी. इसके बाद हर साल कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिला. इससे बाजार में अस्थिरता बढ़ी और लोगों की चिंता भी गहरी हुई.
1 किलो गोश्त (लाल मांस) — लगभग 13–22 मिलियन रियाल तक (लगभग $10 → $17)
1 लीटर दूध — लगभग 520,000 → 1.1 मिलियन रियाल तक
1 बॉक्स पास्ता — लगभग 340,000 → 570,000 रियाल तक
एक ब्रेड का पैकेट ~50,000 ईरानी रियाल तक बताया जा रहा है
2025 से 2026 के बीच सबसे बड़ा झटका
सबसे बड़ा उछाल 2025 से 2026 के बीच दर्ज किया गया. इस दौरान कीमत 19.3 मिलियन रियाल से बढ़कर 36.6 मिलियन रियाल हो गई. यानी एक साल में ही लगभग दोगुनी बढ़ोतरी हुई. 2026 में सालाना ग्रोथ रेट करीब 90 फीसदी तक पहुंच गई, जो बेहद हाई लेवल की महंगाई को दिखाती है. यह स्थिति आम परिवारों के लिए बड़ा आर्थिक झटका है.
| श्रेणी | महंगाई / कीमत का स्तर | टिप्पणी |
|---|---|---|
| समग्र महंगाई (Inflation) | 40–60%+ | पूरे देश में औसत मुद्रास्फीति |
| खाद्य महंगाई (Food Inflation) | 70–90%+ | रोज़मर्रा की खाने-पीने की चीजों में तेजी |
| गोश्त (1 किलो) | 13–22 मिलियन रियाल ($10–17) | लाल मांस की कीमत में लगातार बढ़ोतरी |
| दूध (1 लीटर) | 520,000–1.1 मिलियन रियाल | घरेलू दूध की कीमतों में उछाल |
| पास्ता (1 बॉक्स) | 340,000–570,000 रियाल | आयातित और घरेलू ब्रांडों में अंतर |
| जीवन पर असर | बहुत कठिन | आम लोगों की खरीद क्षमता घट गई, सस्ते विकल्प या कर्ज़ लेना पड़ा |
महंगाई दर में लगातार बढ़ोतरी
जून 2025 में 12 महीने की कुल महंगाई दर करीब 39.4 फीसदी थी. दिसंबर 2025 तक यह बढ़कर 42.2 फीसदी हो गई. नवंबर 2025 में यह दर लगभग 40.4 फीसदी दर्ज की गई. 2026 की शुरुआत में हालात और बिगड़ गए. जनवरी और फरवरी 2026 में महंगाई दर करीब 60 फीसदी तक पहुंच गई, जबकि फरवरी में यह 68.1 फीसदी तक चली गई.
कमजोर होती करेंसी और बढ़ता दबाव
ईरान की करेंसी ईरानियन रियाल लगातार कमजोर होती गई है. फरवरी 2026 तक एक अमेरिकी डॉलर की कीमत करीब 1314315 रियाल पहुंच गई. यह गिरावट पिछले 8 साल में सबसे तेज मानी जा रही है. करेंसी की कमजोरी से आयात महंगा हुआ है, जिसका असर सीधे खाने पीने की चीजों पर पड़ा है. इससे आम लोगों की क्रय शक्ति (purchasing power) लगातार घटती जा रही है.
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