सितंबर में 30 महीने के हाई लेवल पर कोर सेक्टर ग्रोथ, कोयला और बिजली ने भरी ताकत

Core sectors growth: 'इंडेक्स ऑफ कोर इंडस्ट्रीज' (ICI), जो इंफ्रास्ट्रक्चर के 9 सेक्टर्स के उत्पादन को मापता है, के अनुसार सितंबर में छह उद्योगों में वृद्धि दर्ज की गई, जबकि नेचुरल गैस, कच्चे तेल और उर्वरक क्षेत्रों में गिरावट जारी रही.

औद्योगिक उत्पादन Image Credit: Getty image

Highlights

  • सितंबर में कोयले के उत्पादन में 10.7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.
  • कुल मिलाकर तेजी आने के बावजूद, तीन क्षेत्रों में कमजोरी बनी रही.
  • अप्रैल-सितंबर 2026 के दौरान कोर सेक्टर की ग्रोथ दर 5.1 फीसदी तक पहुंच गई.

Core Sectors Growth: सितंबर 2026 में भारत के कोर सेक्टर के आउटपुट में 7.9 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यह पिछले 30 महीनों में सबसे अधिक है. इसमें कोयला उत्पादन में आई जोरदार तेजी और बिजली उत्पादन तथा रिफाइनरी उत्पादों में डबल-डिजिट की ग्रोथ का बड़ा योगदान रहा. सितंबर के आंकड़े अप्रैल 2024 के बाद से उपलब्ध सीरीज में सबसे ऊंचे रहे. यह अगस्त में दर्ज 5.9 फीसदी की संशोधित वृद्धि दर और पिछले साल सितंबर की 3.1 फीसदी की वृद्धि दर से अधिक है.

‘इंडेक्स ऑफ कोर इंडस्ट्रीज’ (ICI), जो इंफ्रास्ट्रक्चर के 9 सेक्टर्स के उत्पादन को मापता है, के अनुसार सितंबर में छह उद्योगों में वृद्धि दर्ज की गई, जबकि नेचुरल गैस, कच्चे तेल और उर्वरक क्षेत्रों में गिरावट जारी रही.

कोयले में रिकवरी, बिजली क्षेत्र की रफ्तार बरकरार

सितंबर में कोयले के उत्पादन में 10.7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि अगस्त में इसमें 3.8 फीसदी की गिरावट आई थी. यह सुधार चालू वित्त वर्ष की शुरुआत में देखी गई कमजोरी से एक बड़ा बदलाव है, क्योंकि अप्रैल और मई दोनों महीनों में कोयले के उत्पादन में कमी आई थी.

बिजली उत्पादन में 11.4 फीसदी का इजाफा हुआ है, जो लगातार चौथे महीने डबल डिजिट की बढ़त को दर्शाती है. हालांकि, अगस्त के 13.1 फीसदी की तुलना में इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी रही.

रिफाइनरी प्रोडक्शन

रिफाइनरी उत्पादों में 10.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जो अगस्त की 5.6 फीसदी की वृद्धि से लगभग दोगुनी है. वहीं, लौह अयस्क (iron ore) के उत्पादन में 18.4 फीसदी की तेजी आई, जो पिछले महीने के 5.5 फीसदी से कहीं अधिक है.

सीमेंट उत्पादन में 9.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई (अगस्त में यह 11.7 प्रतिशत थी), जबकि स्टील उत्पादन की वृद्धि दर 3.5 फीसदी से बढ़कर 4.9 फीसदी हो गई.

उर्वरक क्षेत्र में अभी भी सुस्त

कुल मिलाकर तेजी आने के बावजूद, तीन क्षेत्रों में कमजोरी बनी रही.

सितंबर में उर्वरक उत्पादन में 11.7 फीसदी की गिरावट आई. यह लगातार सातवां महीना है जब इसमें कमी देखी गई है, हालांकि अगस्त की 12.4 फीसदी की गिरावट के मुकाबले इसमें थोड़ी सुधार (कमी में कमी) आई है.

नेचुरल गैस के उत्पादन में 4.6 फीसदी की गिरावट आई, जो लंबे समय से जारी गिरावट के क्रम को दर्शाती है. वहीं, कच्चे तेल के उत्पादन में 1.4 फीसदी की गिरावट आई, जबकि अगस्त में इसमें 3.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी.

पहली छमाही में ग्रोथ डबल

सितंबर में आई इस तेजी की मदद से अप्रैल-सितंबर 2026 के दौरान कोर सेक्टर की कुल वृद्धि दर 5.1 फीसदी तक पहुंच गई. यह पिछले साल की इसी अवधि में दर्ज की गई 2.5 फीसदी की वृद्धि दर से दोगुनी से भी अधिक है.

यह भी पढ़ें: इटरनल के मुनाफे में 92 फीसदी का उछाल, जोमैटो और ब्लिंकिट की पैरेंट कंपनी का रेवेन्यू ₹24138 करोड़ हुआ