कच्चा तेल 116 डॉलर के पार, ग्राउंड ऑपरेशन की आशंका से बढ़ी टेंशन, क्या बढ़ेंगे पेट्रोल डीजल के दाम!
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है और WTI 102 डॉलर के पार पहुंच गया है जो जुलाई 2022 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है. ईरान से जुड़ा युद्ध पांचवे हफ्ते में पहुंच गया है और तनाव लगातार बढ़ रहा है. हूती विद्रोहियों के हमलों और अमेरिका की सैन्य तैयारी ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है.
Crude Oil Prices: सोमवार को एक बार फिर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है. WTI की कीमतों में करीब 3.20 फीसदी की तेजी दर्ज की गई, जिसके बाद यह 102 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. वहीं ब्रेंट क्रूड की कीमतें भी 3.20 फीसदी बढ़कर 116 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं. यह जुलाई 2022 के बाद तेल की कीमतों का सबसे ऊंचा स्तर है.
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच इस बात की अटकलें तेज हो गई हैं कि अमेरिका ईरान में ग्राउंड ऑपरेशन शुरू कर सकता है. इसके अलावा हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में हमले किए जाने से तेल की सप्लाई बाधित होने का खतरा बढ़ गया है. इन सभी कारणों से तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है.
कमोडिटी मार्केट में उतार चढ़ाव
कमोडिटी बाजार में भी अलग- अलग सेक्टर में हलचल देखी जा रही है. क्रूड ऑयल 3.20 फीसदी बढ़कर 102.83 पर पहुंच गया है. ब्रेंट क्रूड भी 116 डॉलर के ऊपर ट्रेड कर रहा है. वहीं नेचुरल गैस में करीब 3 फीसदी की गिरावट आई है. गैसोलीन की कीमतों में भी 2.28 फीसदी की बढ़त देखी गई है. यह बदलाव बाजार की अस्थिरता को दिखाता है. आने वाले दिनों में यह ट्रेंड जारी रह सकता है.
| कमोडिटी | कीमत (डॉलर प्रति बैरल) | बदलाव (%) | स्थिति |
|---|---|---|---|
| WTI Crude Oil | 102+ | +3.20% | 102 डॉलर के पार |
| Brent Crude | 116 | +3.20% | 116 डॉलर प्रति बैरल |
जमीनी हमले से डरा मार्केट
ईरान से जुड़ा युद्ध अब पांचवे हफ्ते में पहुंच गया है. हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं और किसी समाधान की संभावना कम दिख रही है. निवेशकों में डर बढ़ने से तेल की मांग और सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है. युद्ध लंबा खिंचने से ग्लोबल बाजार में दबाव बना हुआ है. इसके अलावा अमेरिका द्वारा ईरान पर जमीनी हमले की भी अटकले तेज है. इससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है. आने वाले समय में यह और बढ़ सकता है.
हूती हमलों ने बढ़ाया रिस्क
यमन के हूती विद्रोहियों के इस संघर्ष में शामिल होने से हालात और बिगड़ गए हैं. हूती समूह ने इजरायल पर मिसाइल हमले किए हैं. उन्होंने साफ संकेत दिया है कि हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक ईरान और उससे जुड़े समूहों पर कार्रवाई नहीं रुकती. इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है. निवेशकों के लिए यह एक बड़ा जोखिम बन गया है. इसका सीधा असर तेल की कीमतों पर दिख रहा है.
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अमेरिका की सैन्य तैयारी तेज
अमेरिका ने क्षेत्र में हजारों सैनिकों की तैनाती का आदेश दिया है. रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ईरान में जमीनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है. यह ऑपरेशन कई हफ्तों तक चल सकता है. इससे युद्ध और ज्यादा फैलने की आशंका है. निवेशकों को डर है कि इससे सप्लाई बाधित हो सकती है. यही वजह है कि तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं.
