भारत का कारनामा, गुजरात में बना पेरिस से 5X बड़ा एनर्जी स्टोरेज सिस्टम, इन शहरों की कभी नहीं होगी बत्ती गुल

रूस-यूक्रेन और ईरान-अमेरिका जैसे वैश्विक संघर्षों के बीच दुनिया अब ऊर्जा सुरक्षा को लेकर नई रणनीति बना रही है. इसी दिशा में भारत ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए गुजरात के खावड़ा में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम शुरू किया है. यह मेगा प्रोजेक्ट सोलर और विंड एनर्जी को स्टोर कर लाखों घरों तक लगातार बिजली पहुंचाने में सक्षम होगा.

battery energy storage system Image Credit: Canva/ Money9/ Adani green

World’s largest battery energy storage system : पहले रूस-यूक्रेन और अब ईरान-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध ने दुनिया भर के देशों को एनर्जी सिक्योरिटी के मसले पर नए सिरे से सोचने के लिए मजबूर कर दिया है. भारत समेत हर देश ऊर्जा के पारंपरिक स्रोतों पर अपनी निर्भरता कम करके ग्रीन एनर्जी की ओर रुख कर रहा है. रिन्यूएबल एनर्जी से पैदा होने वाली ऊर्जा को स्टोर करना अपने आप में एक चुनौती है. इस दिशा में भारत ने एक नया कारनामा करके दिखाया है.

चीन के बाद दुनिया का सबसे बड़ा बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट भारत में बना है. अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने कच्छ सीमा पर स्थित खावड़ा में 3.37 गीगावाट/घंटे क्षमता वाला बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम शुरू कर दिया है. यहां रखी बैटरियों में सोलर और विंड एनर्जी से बनी बिजली को स्टोर कर जरूरत पड़ने पर किसी भी शहर को सप्लाई किया जा सकता है. 10 महीने में बने इस सिस्टम से गोवा राज्य और इंदौर जैसे शहरों को 24 घंटे बिजली दी जा सकती है. यह स्टोरेज 1.2 करोड़ LED बल्बों को लगातार 10 घंटे तक जलाए रख सकता है.

पेरिस से भी बड़ा है खावड़ा प्रोजेक्ट

538 वर्ग किलोमीटर में बना खावड़ा प्रोजेक्ट पेरिस शहर से पांच गुना बड़ा है. यहां दुनिया का सबसे बड़ा 30 गीगावॉट का रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट बन रहा है. इस प्रोजेक्ट का एक बड़ा हिस्सा, लगभग 9.9GW, चालू हो चुका है. इसका तेजी से निर्माण कार्य जारी है, जिसका लक्ष्य 2029 तक इसे पूरी तरह से चालू करना है.

क्या है बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम

जब बिजली की मांग कम होती है या सोलर/विंड एनर्जी का उत्पादन अधिक होता है, तब यह सिस्टम उस बिजली को बैटरी में स्टोर कर लेता है. बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम ऐसी बड़ी बैटरियां होती हैं, जो बिजली को स्टोर करने का काम करती हैं. जरूरत पड़ने पर इस बिजली का इस्तेमाल किया जा सकता है.

रिन्यूएबल एनर्जी में चीन सबसे आगे

दुनिया में चीन रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में सबसे आगे है. चीन के शिनजियांग और इनर मंगोलिया प्रांतों में दुनिया के सबसे बड़े बैटरी प्रोजेक्ट्स स्थित हैं. इनकी क्षमता 4 हजार मेगावॉट-घंटा है. ये बैटरियां माइनस तापमान में भी बिना रुके काम कर सकती हैं.

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