Crude Oil Price Today: फिर 100 डॉलर के पार पहुंची कच्‍चे तेल की कीमत; होर्मुज तनाव से ग्‍लोबल मार्केट में बढ़ी हलचल

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज के आसपास हमलों के चलते कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है. ब्रेंट क्रूड समेत WTI में उछाल देखने को मिला है. इसका असर भारत में भी देखने को मिला. तेल उत्पादन में कटौती और सप्लाई संकट की आशंका के बीच वैश्विक बाजार और अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने की चिंता जताई जा रही है.

क्रूड ऑयल Image Credit: Getty image

Crude Oil Price Today: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के चलते ग्‍लोबल मार्केट बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जिससे वैश्विक बाजार में हलचल बढ़ गई है. इससे अर्थव्‍यवस्‍था की भी कमर टूट गई.

वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 2.68प्रतिशत चढ़कर 103.14 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया. वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) का भाव भी 2.98 पतिशत बढ़कर करीब 98.71 डॉलर प्रति बैरल हो गया. सप्ताह की शुरुआत में क्रूड की कीमतें लगभग 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, हालांकि बाद के सत्रों में इसमें कुछ नरमी देखने को मिली.

भारत में भी चढ़े दाम

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्‍चे तेल की कीमतों में आए उबाल का असर घरेलू कमोडिटी बाजार में भी देखने को मिला. 13 मार्च को MCX पर क्रूड ऑयल की कीमत करीब 0.27 प्रतिशत उछलकर 9076 रुपये प्रति बैरल पर बंद हुई.

कीमतों में उछाल की वजह

जानकारों के मुताबिक तेल की कीमतों में ताजा तेजी की बड़ी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास बढ़ते हमले और समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता है. ब्‍लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान से जुड़े हमलों के चलते होर्मुज के आसपास कमर्शियल शिपिंग पर खतरा बढ़ गया है. इसी बीच ओमान ने अपने प्रमुख तेल निर्यात टर्मिनल से सभी जहाजों को हटाने का फैसला किया है. यह टर्मिनल होर्मुज मिडवाटर्स के बाहर स्थित है और मध्य-पूर्व से दुनिया के बाजारों तक तेल पहुंचाने के प्रमुख मार्गों में से एक है.

इराक ने भी रोका ऑपरेशन

तनाव के चलते इराक ने अपने तेल टर्मिनलों पर ऑपरेशन अस्थायी रूप से रोक दिया है. रिपोर्ट के अनुसार इराकी जलक्षेत्र में दो टैंकरों पर हमले के बाद यह फैसला लिया गया. इन घटनाओं से पूरे मध्य-पूर्व में ऊर्जा ढांचे और शिपिंग मार्गों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बढ़ गई है.

तेल उत्पादन में कटौती

होर्मुज संकट के बाद इराक, कुवैत और सऊदी अरब जैसे खाड़ी देशों ने भी तेल उत्पादन में कटौती शुरू कर दी है. इससे वैश्विक आपूर्ति पर और दबाव बढ़ गया है.

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IEA ने जारी किए 400 मिलियन बैरल

तेल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने करीब 400 मिलियन बैरल तेल के भंडार जारी करने का फैसला किया है. अमेरिका ने भी वैश्विक प्रयासों के तहत 172 मिलियन बैरल तेल रिलीज करने की योजना का ऐलान किया है .

वैश्विक बाजार पर असर

दुनिया भर में रोजाना करीब 100 मिलियन बैरल तेल की खपत होती है. वहीं खाड़ी देशों ने पहले ही करीब 6 प्रतिशत आपूर्ति घटा दी है. अगर तनाव और बढ़ता है तो तेल की कीमतों में और उछाल आ सकता है.