Gold Rate Today: त्योहारी सीजन से पहले सस्ता हुआ सोना-चांदी, मुनाफावसूली से लगा झटका, जानें आज क्या है भाव
8 सितंबर यानी हफ्ते के पहले कारोबारी दिन में इंटरनेशनल लेवल और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX दोनों पर सोने की कीमत लुढ़की हुई नजर आई. सोने में मुनाफावसूली के चलते इसकी कीमतें गिर गई हैं. इसके अलावा कुछ दूसरे कारणों की वजह से भी इसकी कीमतें नीचे आई हैं. तो क्या है आज 24 कैरेट गोल्ड के भाव यहां करें चेक.
Gold and Silver Rate today: पिछले कुछ समय से सोना लगातार नए-नए रिकॉर्ड बना रहा था. इसकी आसमान छूती कीमतों की वजह से सोना लोगों के बजट से बाहर होता जा रहा था. मगर त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले सोमवार को इसकी कीमतों में आई गिरावट से खरीदारों को राहत मिली है. सोने की कीमतों में गिरावट की बड़ी वजह मुनाफावसूली है. इसके अलावा डॉलर के मजबूत होने से भी सोने की मांग कमजोर पड़ी है.
8 सितंबर यानी हफ्ते के पहले कारोबारी दिन में इंटरनेशनल लेवल और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX दोनों पर सोने की कीमत लुढ़की हुई नजर आई. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आज सोना जहां 0.53 फीसदी लुढ़ककर 3,583 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता नजर आया. वहीं MXC पर सोमवार को सोना 523 रुपये की गिरावट के साथ 107,205 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. सोने के अलावा एमसीएक्स पर चांदी में भी गिरावट देखने को मिली. चांदी 8 सितंबर को 774 रुपये लुढ़ककर 123,923 रुपये प्रति किलो पर जा पहुंची.
रिटेल में क्या है सोने के भाव?
रिटेल पर सोने की कीमतों पर नजर डाले तो 8 सितंबर को 24 कैरेट गोल्ड के भाव तनिष्क की वेबसाइट पर 108930 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई, 7 सितंबर को भी वेबसाइट पर यही भाव थे. यानी इसकी कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. इसी तरह 22 कैरेट के भाव 99850 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई, जो कल भी इसी रेट पर थे.

क्यों गिरे सोने-चांदी के दाम?
घरेलू फ्यूचर्स बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली हुई और अमेरिकी डॉलर में बढ़ोतरी देखी गई. डॉलर इंडेक्स करीब 0.20 फीसदी चढ़ा, जिससे विदेशी मुद्राओं में पीली धातु महंगी हो गई और मांग में कमी आई. पिछले सत्र में सोने की कीमतें रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंची थीं, क्योंकि इस महीने अमेरिकी फेड की ब्याज दर में कटौती की उम्मीदें बढ़ी थीं. हालिया बाजार डेटा के अनुसार, अमेरिकी नौकरी बाजार दबाव में है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त में नौकरी वृद्धि तेजी से कमजोर हुई और बेरोजगारी दर लगभग चार साल के उच्चतम स्तर 4.3 फीसदी तक पहुंच गई.
Latest Stories
क्या खत्म हो गया एडवांस बुकिंग पर सस्ती फ्लाइट टिकट का दौर? यात्रियों को लग सकता है झटका
RBI फिर बढ़ा सकता है रेपो रेट, 100 बेसिस पॉइंट तक बढ़ोतरी का अनुमान; आपकी EMI पर क्या होगा असर?
Bank Holidays: 12 से 18 अक्टूबर तक, अगले हफ्ते किस दिन रहेगी बैंक की छुट्टी?
