Gold-Silver Rate Today 11-03-2026: सोने-चांदी की तेजी पर ब्रेक, मुनाफावसूली हावी, MCX पर लुढ़के भाव, जानें कितना हुआ सस्ता
सोने और चांदी की हालिया तेजी पर बुधवार को मुनाफावसूली के कारण ब्रेक लग गया और MCX पर दोनों धातुओं के भाव में गिरावट दर्ज की गई.कमजोर डॉलर और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के कारण गिरावट सीमित रही और बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है.
Gold-Silver Rate Today: कमजोर अमेरिकी डॉलर और वैश्विक बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के चलते सोना और चांदी उछाल मार रहा था. मगर मुनाफावसूली के चलते 11 मार्च, बुधवार को इन कीमती धातुओं की तेजी पर ब्रेक लग गया. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज MCX पर बुधवार सुबह सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली. हालांकि कमजोर डॉलर और बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने सोने की गिरावट को सीमित कर दिया है.
सुबह करीब 9:02 बजे MCX पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 0.27 प्रतिशत गिरकर 1,62,870 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था. वहीं मई डिलीवरी वाली चांदी 0.59 प्रतिशत गिरकर 2,76,224 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई. यानी शुरुआती कोराबारी दौर में सोना 433 रुपये और चांदी 1,626 रुपये सस्ता हो गया.
इंटरनेशनल और रिटेल के हाल
शुरुआती दौर में इंटरनेशनल लेवल पर गोल्ड और सिल्वर में तेजी देखने को मिली थी, लेकिन बाद में इसमें गिरावट दर्ज की गई. स्पॉट गोल्ड 0.57 प्रतिशत गिरकर 5,203 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि सिल्वर 1.27 फीसदी लुढ़ककर 88.22 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता नजर आया.
बुलियन वेबसाइट पर आज 24 कैरेट सोने की कीमत 163,390 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई, जबकि चांदी की कीमत 275,470 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही थी. यानी आज सोना करीब 0.270 फीसदी और चांदी 0.680 फीसदी गिरी है.

डॉलर कमजोर होने से सोने को सहारा
डॉलर इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की गई और यह 98.79 पर आ गया. डॉलर कमजोर होने से अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए सोना सस्ता हो जाता है, जिससे इसकी मांग को कुछ समर्थन मिलता है. निवेशक फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को लेकर मिल रहे विरोधाभासी संकेतों के बीच मुनाफावसूली कर रहे हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि ईरान के साथ युद्ध जल्द खत्म हो सकता है. हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और इजराइल अब भी ईरान पर हवाई हमले जारी रखे हुए हैं.
चांदी की कीमत क्यों गिरी?
तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई हैं, जिससे वैश्विक बाजार में महंगाई को लेकर कुछ चिंता कम हुई है. यह गिरावट उस बयान के बाद आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध जल्दी खत्म हो सकता है. साथ ही इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने सप्लाई में संभावित बाधाओं को कम करने के लिए रणनीतिक भंडार से बड़े पैमाने पर तेल जारी करने का प्रस्ताव भी रखा है. हालांकि तेल की कीमतों में नरमी के बावजूद वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव अभी भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रहा है.
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