गोल्ड खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर, हॉलमार्किंग महंगी होने से बढ़ेगा फर्जीवाड़े का खतरा

Gold Hallmarking Fees ₹45 से बढ़कर ₹75 हो गई है. फीस बढ़ने के बाद नकली हॉलमार्क के जरिए गोल्ड फ्रॉड का खतरा बढ़ने की आशंका है.

हॉलमार्किंग

सोने की ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए हॉलमार्किंग से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है. गोल्ड हॉलमार्किंग की फीस ₹45 से बढ़ाकर ₹75 प्रति आर्टिकल कर दी गई है. यानी इसमें करीब 67% की बढ़ोतरी हुई है. इसके बाद ज्वेलरी इंडस्ट्री ने नकली हॉलमार्किंग स्टांप के इस्तेमाल का खतरा बढ़ने की आशंका जताई है.

नकली हॉलमार्क का क्यों बढ़ सकता है खतरा?

ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) के मुताबिक, बढ़ी हुई लागत से ईमानदारी से नियमों का पालन करने वाले ज्वेलर्स पर अनुपालन का बोझ बढ़ सकता है. ऐसे में कुछ गलत कारोबारी असली हॉलमार्किंग की जगह नकली स्टांप का इस्तेमाल कर ग्राहकों को गुमराह करने की कोशिश कर सकते हैं.

खास चिंता टियर-2, टियर-3 और टियर-4 शहरों को लेकर है, जहां हॉलमार्क और HUID की जांच को लेकर ग्राहकों में जागरूकता अभी सीमित बताई गई है. GJC के अनुसार देश के करीब 800 जिलों में केवल लगभग 10% में BIS Care App को लेकर पर्याप्त जागरूकता है.

₹45 से बढ़कर ₹75 हुई हॉलमार्किंग फीस

BIS के संशोधित नियमों के तहत गोल्ड ज्वेलरी की हॉलमार्किंग फीस ₹45 से बढ़ाकर ₹75 प्रति आर्टिकल कर दी गई है. यह बदलाव 14 सितंबर 2026 को अधिसूचित BIS (Hallmarking) Amendment Regulations, 2026 के तहत किया गया. वहीं, चांदी की हॉलमार्किंग फीस ₹35 पर ही बनी हुई है.

GJC ने इस बढ़ोतरी को वापस लेकर पुरानी ₹45 फीस बहाल करने की मांग की है. संगठन ने BIS से यह भी पूछा है कि फीस बढ़ाने के पीछे उपकरण, कर्मचारियों, प्रोसेसिंग और स्टोरेज पर आने वाली अतिरिक्त लागत कितनी है.

ग्राहक ऐसे पहचानें असली हॉलमार्क

सोने की ज्वेलरी खरीदते समय सिर्फ हॉलमार्क का निशान देखकर संतुष्ट नहीं होना चाहिए. असली हॉलमार्क वाली ज्वेलरी पर BIS का लोगो, प्योरिटी/फाइनेस ग्रेड और 6 अंकों का HUID नंबर होता है. HUID को BIS Care App में जाकर Verify HUID विकल्प के जरिए चेक किया जा सकता है.

उदाहरण के लिए 22K916 का मतलब 22 कैरेट सोना और 91.6% गोल्ड कंटेंट है, जबकि 18K750 में 75% गोल्ड होता है. इसलिए ज्वेलरी खरीदते समय बिल के साथ हॉलमार्क और HUID की भी जांच करना जरूरी है.

हॉलमार्किंग का नेटवर्क हुआ बड़ा

सरकारी आंकड़ों के अनुसार जुलाई 2026 तक देश में मान्यता प्राप्त Assaying and Hallmarking Centres की संख्या बढ़कर 1,577 हो गई, जो जुलाई 2022 में 1,220 थी. 2025-26 में करीब 13.22 करोड़ ज्वेलरी आर्टिकल्स की हॉलमार्किंग हुई.

GJC का अनुमान है कि नई फीस से पूरे इकोसिस्टम पर करीब ₹400 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ सकता है, इसके अलावा लगभग ₹80 करोड़ का GST प्रभाव भी हो सकता है.

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