Bank vs NBFC: Gold Loan में कौन मारेगा बाजी?
भारत के गोल्ड लोन मार्केट में इस समय बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. जहां पहले तक गोल्ड लोन पर एनबीएफसी का दबदबा माना जाता था, वहीं अब बैंक्स तेजी से इस सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह हाल के महीनों में गोल्ड प्राइस में तेज उछाल और बैंकों द्वारा कम ब्याज दरों पर गोल्ड लोन की पेशकश मानी जा रही है. इस बदलाव से पहले गोल्ड लोन सेक्टर पर मुथूट फाइनेंस और मणप्पुरम फाइनेंस जैसी कंपनियों का वर्चस्व रहा है, खासकर छोटे कर्जदारों और ग्रामीण इलाकों में. लेकिन अब बैंक्स भी आक्रामक रणनीति के साथ आगे बढ़ रहे हैं.
कम ब्याज दर, ज्यादा पारदर्शिता और मजबूत रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के चलते बैंक गोल्ड लोन को पहले से ज्यादा आकर्षक बना रहे हैं. गोल्ड की बढ़ती कीमतों ने लोन अमाउंट बढ़ाने में मदद की है, जिससे बैंकों को कम जोखिम में ज्यादा सिक्योर्ड लोन देने का मौका मिला है. इसके साथ ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के डेटा भी यह संकेत देते हैं कि एसेट बैक्ड लोन की मांग लगातार बढ़ रही है.
More Videos
अमेरिका के दबाव से भारत के हितों पर क्या पड़ेगा असर, जानें भारत अपने फायदे की कैसे करेगा रक्षा
Budget 2026: कैसे होती है केंद्र सरकार की कमाई , जानिए पूरी डिटेल
America- Venezuela Conflict: जून 2026 तक $50/बैरल पर आ सकता है कच्चा तेल, क्या कम होंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?




