भारत-पाक के बीच बढ़े तनाव ने सोने को बनाया ‘सुनहरा हथियार’, कीमतों में लगी आग
भारत-पाकिस्तान के बीच अचानक बढ़े तनाव ने न सिर्फ सीमा पर हलचल बढ़ाई है, बल्कि बाजारों में भी हलचल मचा दी है. निवेशक घबराए हुए हैं और सुरक्षित विकल्प की तलाश में हैं. ऐसे में एक धातु ने फिर से लोगों का भरोसा जीत लिया है लेकिन इसकी वजह जानना जरूरी है.
Gold Price in India: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के दौरन बुधवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई. यह उछाल ऐसे वक्त में आया है जब निवेशक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं से बचने के लिए सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं. खास बात यह है कि यह तेजी उस समय दर्ज की गई जब भारतीय सेना ने बुधवार तड़के पाकिस्तान और POK के आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए.
मिसाइल स्ट्राइक के बाद निवेशकों का रुख बदला
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेनाओं ने बहावलपुर और मुरिदके जैसे आतंकी गढ़ों को निशाना बनाते हुए नौ ठिकानों पर सटीक मिसाइल स्ट्राइक की. इसके तुरंत बाद ही सोने की कीमतों में बड़ा उछाल देखा गया. 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 1000 रुपये बढ़कर 1,00,750 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई जबकि मंगलवार को यह 99,750 रुपये थी.
वहीं, 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने में 1,050 रुपये की बढ़त दर्ज की गई और यह 1,00,350 रुपये पर बंद हुआ. पिछले बाजार बंद भाव के मुताबिक यह 99,300 रुपये था.
चांदी भी चमकी, अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी
चांदी की कीमतों में भी तेजी देखी गई. यह 440 रुपये बढ़कर 98,940 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई, जबकि मंगलवार को यह 98,500 रुपये थी. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में थोड़ा विपरीत रुख देखने को मिला. स्पॉट गोल्ड वहां 62.12 डॉलर यानी 1.8 फीसदी गिरकर 3,369.65 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. चांदी की कीमत भी 1.24 फीसदी घटकर 32.81 डॉलर प्रति औंस रही.
बाजार की नजर अब फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर
कोटक सिक्योरिटीज की केनात चेनवाला के मुताबिक, अब बाजार की नजर यूएस फेडरल रिजर्व की आगामी एफओएमसी मीटिंग पर है, जहां ब्याज दरें यथावत रहने की उम्मीद है. हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप लगातार दरों में कटौती की मांग कर रहे हैं ताकि अमेरिकी अर्थव्यवस्था को गति मिल सके.
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अबांस फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ चिन्तन मेहता का कहना है कि “भले ही अमेरिका-चीन ट्रेड वार की चर्चाएं फिलहाल चिंता को थोड़ा कम कर रही हों, लेकिन भारत-पाक तनाव, मिडिल ईस्ट और यूक्रेन जैसे मुद्दे अब भी सोने को एक सुरक्षित निवेश विकल्प बनाए हुए हैं.”
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