Gold and Silver Rate Today: सोने में 15 साल की बड़ी गिरावट, क्या शादी की खरीदारी या निवेश के लिए आ गया टाइम, जानें एक्सपर्ट की राय
सोने-चांदी में 15 साल की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली. वैश्विक तनाव, फेड की सख्त नीति, मजबूत डॉलर और निवेशकों की बिकवाली इसके पीछे मुख्य वजह रही. एक्सपर्ट्स के मुताबिक आगे और गिरावट संभव है, जिससे शादी की खरीदारी और निवेश के लिए मौका बन सकता है.
Gold and Silver Rate Today: पश्चिम एशिया में युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतों में हुए इजाफे और अनिश्चितता के चलते वैश्विक बाजार में सोना और चांदी इस समय जबरदस्त दबाव में हैं. शुक्रवार को सोने की कीमतों में फिर गिरावट दर्ज की गई. घरेलू बुलियन बाजार समेत इंटरनेशनल मार्केट दोनों में कीमती धातुओं के भाव लुढ़क गए. अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड फ्यूचर्स 0.7 फीसदी गिरकर 4,574.90 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. पूरे हफ्ते में सोना करीब 9.6 फीसदी टूट गया, जो सितंबर 2011 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है. यानी इस हफ्ते सोने में नरमी करीब 15 साल की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है. चूंकि भारत में शादी का सीजन आने वाला है ऐसे में लोग कंफ्यूजन में है कि क्या ये खरीदारी का सही समय है या नहीं, वहीं निवेशक भी इस गिरावट से सतर्क हैं. तो कहां तक जाएंगे सोने के भाव, चांदी का कैसा रहेगा रुख, जानें एक्सपर्ट ने क्या दी राय.
बुरी तरह टूटा सोना-चांदी
अमेरिका-ईरान युद्ध और बढ़ती आर्थिक अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है.अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड फ्यूचर्स 0.7 फीसदी गिरकर 4,574.90 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. तो वहीं सिल्वर फ्यूचर्स 2 फीसदी से ज्यादा गिरकर 69.66 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. चांदी में लगातार तीसरे हफ्ते गिरावट रही और इस दौरान यह 14 फीसदी से ज्यादा टूट चुकी है.
भारत में भी दबाव में सोना
वैश्विक तनाव का असर भारतीय बुलियन मार्केट पर भी पड़ा. जिसके चलते MCX पर सोना 20 मार्च को 144,825 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हआ. सोने की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली और यह करीब 8.57 फीसदी टूट गए. यह गिरावट मार्च 2000 के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावटों में से एक मानी जा रही है.
क्यों आई सोने में गिरावट?
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय सुरेश केडिया का कहना है कि इस गिरावट की मुख्य वजह वैश्विक बाजारों में व्यापक बिकवाली रही. बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते निवेशकों ने सोने के साथ-साथ इक्विटी, क्रिप्टो और रियल एस्टेट जैसे अन्य एसेट क्लास में भी अपनी पोजीशन घटाई है. इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और ब्याज दरों में कटौती में देरी की संभावना ने सोने जैसे बिना ब्याज वाले निवेश की आकर्षण को कम कर दिया. वहीं जबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ती बॉन्ड यील्ड ने भी कीमतों पर दबाव बनाया है.
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आगे भी गिरावट जारी रहने की आशंका
अजय केडिया के मुताबिक लॉन्ग पोजिशन की बिकवाली और मार्जिन कॉल्स के चलते गिरावट और तेज हो गई, जिससे यह गिरावट टेक्निकल कारणों से ज्यादा प्रेरित दिखी. ऐसी स्थिति होने पर गिरावट आगे भी जारी रहने की आशंका जताई जा रही है. वहीं कुछ दूसरे विशेषज्ञों का भी मानना है कि गोल्ड में आगे और गिरावट देखने को मिल सकती है.अगर यही ट्रेंड जारी रहा तो भारत में सोना 1,27,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक और अंतरराष्ट्रीय बाजार में 4,250 डॉलर प्रति औंस तक गिर सकता है. ऐसे में शादी सीजन के लिए खरीदारी करने वालो के पास मौका होगा.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
