Gold-Silver Price Today 02-03-2026: फिर ₹3 लाख के पार पहुंची चांदी, सोना भी ₹8100 महंगा; क्या करें निवेशक?

Gold Silver Rate Today 02-03-2026 Latest News Updates: मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच सोना और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल देखने को मिला. 2 मार्च को दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी 3 लाख रुपये प्रति किलो और सोना 1,72,800 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया. जियो पॉलिटिकल अनिश्चितता के चलते निवेशकों ने तेजी से सुरक्षित एसेट्स का रुख किया, जिससे बुलियन बाजार में जोरदार खरीदारी दर्ज हुई.

गोल्ड-सिल्वर में तेजी Image Credit: @Money9live

Gold Silver Rate After Iran-Israel Tension: मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक बाजारों में हलचल मचा दी है. इसका सीधा असर कीमती धातुओं पर देखने को मिला. सोमवार, 2 मार्च को राजधानी के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतें उछलकर 3,00,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गईं, जबकि सोना 1,72,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर जा पहुंचा. निवेशकों ने रिस्क से बचने के लिए तेजी से सुरक्षित निवेश विकल्पों का रुख किया, जिससे बुलियन बाजार में जोरदार खरीदारी देखने को मिली.

चांदी में करीब 12 फीसदी की छलांग

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, चांदी के दाम में एक ही दिन में 32,000 रुपये की तेजी दर्ज की गई. यह लगभग 11.94 फीसदी की उछाल है. पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,68,000 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी, जो अब बढ़कर 3 लाख रुपये के स्तर को पार कर गई है. टैक्स सहित यह अब तक के ऊंचे स्तरों में से एक है.

सोने में भी तेज चमक

सोने के 99.9 फीसदी शुद्धता वाले भाव में भी 8,100 रुपये की बढ़त दर्ज हुई, जो लगभग 4.92 फीसदी की तेजी है. पिछले सत्र में यह 1,64,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था. बाजार जानकारों का कहना है कि अनिश्चितता के माहौल में सोना पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है और इसी वजह से मांग में अचानक उछाल आया.

क्यों बढ़ी घबराहट?

जानकारों के मुताबिक, सप्ताहांत में अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर समन्वित सैन्य कार्रवाई के बाद टेंशन तेजी से बढ़ा. इस घटनाक्रम ने वैश्विक वित्तीय बाजारों को झकझोर दिया. जवाबी कार्रवाई में ईरान ने भी खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में अमेरिकी सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया. इससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता की आशंका गहरा गई है. विश्लेषकों का कहना है कि इस टकराव का दायरा बढ़ने से एनर्जी सप्लाई, तेल इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक व्यापार मार्गों पर असर पड़ सकता है. यही वजह है कि इक्विटी बाजारों में दबाव दिखा और निवेशकों ने पूंजी को सुरक्षित एसेट्स की ओर मोड़ दिया.

ग्लोबल मार्केट में भी उछाल

ग्लोबल मार्केट में भी सोने और चांदी की कीमतों में तेज बढ़त दर्ज की गई. स्पॉट गोल्ड करीब 2 फीसदी से ज्यादा उछलकर 5,400 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया, जो दो महीनों का उच्चतम स्तर है. वहीं चांदी भी मजबूती के साथ 95 डॉलर प्रति औंस के ऊपर कारोबार करती दिखी. कमोडिटी विशेषज्ञों के मुताबिक, जियो पॉलिटिकल टेंशन के चलते “रिस्क-ऑफ” माहौल बन गया है. इसका मतलब है कि निवेशक जोखिम वाले एसेट्स जैसे शेयरों से पैसा निकालकर सोना-चांदी जैसे पारंपरिक सुरक्षित विकल्पों में लगा रहे हैं.

आगे क्या रहेगा ट्रिगर?

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाला सप्ताह अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के लिहाज से अहम है. मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस PMI, ADP नॉन-फार्म एम्प्लॉयमेंट डेटा और बेरोजगारी के आंकड़े जारी होने हैं. इन आंकड़ों से फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को लेकर नई अटकलें लग सकती हैं, जिससे सोना-चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.

निवेशकों के लिए संकेत

बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक मिडिल ईस्ट में तनाव कम नहीं होता, तब तक कीमती धातुओं में अस्थिरता बनी रह सकती है. हालांकि ऊंचे स्तर पर खरीदारी करते समय निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि जियो पॉलिटिकल हालात में किसी भी सकारात्मक बदलाव से कीमतों में तेज मुनाफावसूली भी आ सकती है. मौजूदा हालात ने यह साफ कर दिया है कि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में सोना और चांदी अब भी निवेशकों के लिए सबसे भरोसेमंद सुरक्षित ठिकाना बने हुए हैं.

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