GST अपीलेट ट्रिब्यूनल के सामने अपील दायर करने की डेडलाइन बढ़ी, पोर्टल पर दबाव के चलते सरकार का बड़ा फैसला
पहले यह समयसीमा 30 जून 2026 थी, जिसे सरकार ने 17 सितंबर 2025 की अधिसूचना के जरिए तय किया था. सरकार ने बताया कि GSTAT पोर्टल पर अपीलों की संख्या अचानक बढ़ने से तकनीकी दिक्कतें सामने आईं है. यह समयसीमा GST कानून की धारा 112(1) को धारा 112(3) के साथ पढ़े जाने वाले मामलों में दायर की जाने वाली अपीलों पर लागू होगी.
केंद्र सरकार ने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) में अपील दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 जुलाई 2026 कर दी है. पहले यह समयसीमा 30 जून 2026 थी, जिसे सरकार ने 17 सितंबर 2025 की अधिसूचना के जरिए तय किया था. सरकार ने बताया कि GSTAT पोर्टल पर अपीलों की संख्या अचानक बढ़ने से तकनीकी दिक्कतें सामने आईं है. इसी को देखते हुए टैक्सपेयर्स को अतिरिक्त एक महीने का समय दिया गया है.
किन मामलों में मिलेगा बढ़ी हुई समयसीमा का फायदा?
सरकार के मुताबिक, यह समयसीमा GST कानून की धारा 112(1) को धारा 112(3) के साथ पढ़े जाने वाले मामलों में दायर की जाने वाली अपीलों पर लागू होगी. इससे पहले 17 सितंबर 2025 को जारी अधिसूचना में अपील दाखिल करने की आखिरी तारीख 30 जून 2026 तय की गई थी. अब इसमें सुधार कर 31 जुलाई 2026 कर दिया गया है.
पोर्टल पर बढ़े लोड के बाद लिया गया फैसला
सरकार ने बताया कि आखिरी तारीख नजदीक आने के साथ GSTAT पोर्टल पर अपील दाखिल करने वालों की संख्या अचानक बढ़ गई थी. विभिन्न हितधारकों ने सरकार को बताया कि पोर्टल पर अधिक ट्रैफिक की वजह से तकनीकी समस्याएं आ रही हैं और समय पर अपील दाखिल करने में दिक्कत हो रही है. इन्हीं समस्याओं को देखते हुए अपील दाखिल करने की समयसीमा एक महीने बढ़ाने का फैसला लिया गया.
15 दिनों में दाखिल हुईं 30,000 अपीलें
सरकार के अनुसार, पिछले 15 दिनों में 30,000 अपीलें GSTAT पोर्टल पर दाखिल की गईं. वहीं, एक दिन में सबसे अधिक 5,500 अपीलें दर्ज की गईं. इतने कम समय में बड़ी संख्या में अपीलें दाखिल होने से पोर्टल पर दबाव बढ़ गया, जिससे कई टैक्सपेयर्स को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
टैक्सपेयर्स को सरकार की सलाह
सरकार ने टैक्सपेयर्स से अपील की है कि वे आखिरी समय तक इंतजार न करें और समय रहते अपनी अपील दाखिल करें. इससे GSTAT पोर्टल पर अनावश्यक दबाव कम रहेगा और तकनीकी समस्याओं से भी बचा जा सकेगा.
क्या है GSTAT?
GSTAT वह पहला न्यायिक अपीलीय मंच है, जहां टैक्सपेयर्स GST अधिकारियों के आदेश के खिलाफ पहली अपील का निपटारा होने के बाद चुनौती दे सकते हैं. ऐसे में समयसीमा बढ़ने से उन टैक्सपेयर्स को राहत मिलेगी, जो तकनीकी कारणों से तय समय तक अपनी अपील दाखिल नहीं कर पा रहे थे.
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