हरदीप पुरी बोले भारत के पास 30-60 दिनों की एनर्जी सप्लाई मौजूद, अगर ऐसा हुआ तो फिर गंभीर हो जाएंगे हालात
खाड़ी संकट का जिक्र करते हुए पुरी ने कहा, 'हो सकता है कि यह टकराव सिर्फ उसी इलाके तक सीमित न रहे. आप जानते हैं, दूसरी जगहों पर भी दिक्कतें हो सकती हैं. पुरी ने चेतावनी दी कि वेस्ट एशिया में लंबे समय तक चलने वाले टकराव के ग्लोबल इकोनॉमी पर गंभीर नतीजे हो सकते हैं.

पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने पूरी दुनिया में तेल संकट पैदा कर दिया है. भारत भी तेल की सप्लाई में आई रुकावट से प्रभावित है और तेल कंपनियां अपने नुकसान को कम करने के लिए पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों में इजाफा कर रही हैं.
इस बीच गुरुवार को पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को CNN-News18 से कहा कि अगर खाड़ी संकट दूसरे इलाकों में फैलता है, तो नई मुश्किलें पैदा हो सकती हैं और यह चिंता की बात होगी. उन्होंने यह भी बताया कि नई दिल्ली के पास 76-80 दिनों तक चलने लायक तेल और गैस का भंडार है.
कब हो जाएगी चिंताजनक स्थिति?
खाड़ी संकट का जिक्र करते हुए पुरी ने कहा, ‘हो सकता है कि यह टकराव सिर्फ उसी इलाके तक सीमित न रहे. आप जानते हैं, दूसरी जगहों पर भी दिक्कतें हो सकती हैं. हो सकता है कि कोई और इलाका भी संघर्ष का केंद्र बन जाए, जो चिंताजनक होगा.’
60 दिनों की सप्लाई
केंद्रीय पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद भी रहता है, तो भी भारत अगले 30 से 60 दिनों तक ऊर्जा आपूर्ति में आने वाली रुकावटों को संभालने की अच्छी स्थिति में है.
हालांकि, पुरी ने चेतावनी दी कि वेस्ट एशिया में लंबे समय तक चलने वाले टकराव के ग्लोबल इकोनॉमी पर गंभीर नतीजे हो सकते हैं. इस अहम समुद्री रास्ते के बंद होने की आशंकाओं पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के पास एनर्जी की पर्याप्त सप्लाई है और उसने अपने सोर्स में भी डायवर्सिफिकेशन लाया है.
कम्फर्ट पॉइंट
उन्होंने कहा, ‘अगर होर्मुज अगले 30 दिनों तक बंद रहता है तो क्या होगा? हमारे पास घरेलू जरूरतें हैं, स्टॉक हैं. मेरा कम्फर्ट पॉइंट 60-60-60 था, यानी 60 दिनों का कच्चा तेल, नेचुरल गैस और LPG, जो मेरे पास है. मैं कहूंगा कि यह स्थिति आरामदायक है. यह बयान ऐसे समय में आया है जब होर्मुज के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जहां से दुनिया की तेल और गैस सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है.
इमरजेंसी प्लान
मंत्री ने कहा कि भारत के पास शॉर्ट-टर्म रुकावटों से निपटने के लिए इमरजेंसी प्लान और सहयोगी देशों का समर्थन मौजूद है. उन्होंने कहा, ‘यहां दो-तीन बातें हो रही हैं. एक बहुत गंभीर स्थिति यह हो सकती है कि संघर्ष उस इलाके से बाहर फैल जाए. यह चिंता की बात होगी.
सप्लाई के अलग-अलग सोर्स
दूसरी बात यह है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद रहता है, तो हमने सप्लाई के अलग-अलग स्रोत भी शुरू कर दिए हैं. हम बहुत भाग्यशाली हैं कि हमारे पास UAE जैसे दोस्त हैं. UAE ने हमें सीधे LPG कार्गो ऑफर किए हैं. इसलिए, मुझे लगता है कि हम इसे संभाल सकते हैं.’