भारत OALP-XI बिड राउंड में पेश करेगा 21 तेल और गैस ब्लॉक, जानें- क्या है ये मेगा प्लान
बिडिंग के लिए जो इलाका पेश किया जा रहा है, वह लगभग 80,235 वर्ग किलोमीटर का है. DGH ने कहा, 'बोली जमा करने की शुरुआत और आखिरी तारीखों का ऐलान जल्द ही किया जाएगा.' OALP-X अब तक का सबसे बड़ा तेल और गैस क्षेत्र प्रस्ताव है, जिसमें 25 ब्लॉक शामिल हैं.
भारत ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी (OALP) के तहत अगले बिडिंग राउंड में तेल और प्राकृतिक गैस की खोज के लिए 21 ब्लॉक पेश कर सकता है. हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (DGH) के अनुसार, इस लिस्ट में 12 जमीनी इलाके, चार कम गहरे पानी वाले ब्लॉक, एक गहरे समुद्र वाला ब्लॉक और चार बहुत गहरे समुद्र वाले ब्लॉक शामिल हैं. इन ब्लॉक को OALP (OALP-XI) के 11वें राउंड में पेश किया जाएगा. DGH ने अपनी वेबसाइट पर 21 ब्लॉक की एक लिस्ट जारी की है.
80,235 वर्ग किलोमीटर का इलाका
बिडिंग के लिए जो इलाका पेश किया जा रहा है, वह लगभग 80,235 वर्ग किलोमीटर का है. DGH ने कहा, ‘बोली जमा करने की शुरुआत और आखिरी तारीखों का ऐलान जल्द ही किया जाएगा.’ DGH ने OALP-XI राउंड के लिए ब्लॉक और बोली के नियम जारी कर दिए हैं, जबकि पिछले OALP-X राउंड के लिए बोलियां अभी आनी बाकी हैं. DGH के मुताबिक, जो बोली लगाने वाले सबसे ज्यादा रेवेन्यू शेयर देंगे और साथ ही सबसे बड़ा वर्क प्रोग्राम पेश करेंगे, उन्हें OALP-XI में पेश किए जा रहे कैटेगरी-I सेडिमेंट्री बेसिन के 14 ब्लॉक दिए जाएंगे.
Category-II और III ब्लॉक
दूसरे, Category-II और III ब्लॉक के लिए, जो बोली लगाने वाले भूकंपीय सर्वेक्षण और कुओं की ड्रिलिंग का सबसे बड़ा वर्क प्रोग्राम पेश करेंगे, उन्हें ही ये ब्लॉक मिलेंगे. Category-I सेडिमेंट्री बेसिन वह है जहां तेल और गैस का व्यावसायिक उत्पादन साबित हो चुका है. Category-II वे हैं जहां हाइड्रोकार्बन का जमाव तो पक्का है, लेकिन अभी तक व्यावसायिक उत्पादन के लिए उनका विकास नहीं हुआ है. जबकि Category-III वे हैं जिन्हें भूवैज्ञानिक रूप से संभावनापूर्ण माना जाता है, लेकिन अब तक वहां कोई व्यावसायिक खोज नहीं हुई है.
बढ़ाई गई डेडलाइन
OALP-X राउंड, जिसे फरवरी 2025 में नई दिल्ली में इंडिया एनर्जी वीक (IEW) 2025 के दौरान लॉन्च किया गया था, असल में उसी साल जुलाई के आखिर में खत्म होने वाला था. जुलाई के आखिर में, इसकी डेडलाइन बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दी गई और फिर 31 दिसंबर, 2025 तक बढ़ा दी गई. इसके बाद डेडलाइन 18 फरवरी, 2026 तक बढ़ाई गई और अब यह 29 मई को खत्म होगी.
सबसे बड़ा तेल और गैस क्षेत्र का ऑफर
OALP-X अब तक का सबसे बड़ा तेल और गैस क्षेत्र प्रस्ताव है, जिसमें 25 ब्लॉक शामिल हैं और यह कुल लगभग 191,986 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करता है. DGH के अनुसार, इस प्रस्ताव में 13 सेडिमेंट्री बेसिनों में फैले छह ऑनशोर ब्लॉक, छह शैलो-वॉटर क्षेत्र, एक डीप-वॉटर ब्लॉक और 12 अल्ट्रा-डीप-वॉटर ब्लॉक शामिल हैं.
यह राउंड कच्चे तेल की खोज और उत्पादन के लिए अब तक का सबसे बड़ा क्षेत्र उपलब्ध कराता है. कच्चे तेल को रिफाइन करके पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन बनाए जाते हैं, और प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल बिजली बनाने, यूरिया बनाने, CNG में बदलकर गाड़ियां चलाने और घरों के रसोईघरों में खाना पकाने के लिए किया जाता है.
पिछला राउंड
पिछले 9 राउंड में 3.78 लाख वर्ग किलोमीटर का इलाका पेश किया गया था. पिछला बिड राउंड, OALP-IX, OALP-X राउंड से पहले का सबसे बड़ा राउंड था. OALP-IX बिड राउंड में तेल और गैस की खोज और उत्पादन के लिए 1.36 लाख वर्ग किलोमीटर में फैले 28 ब्लॉक या इलाके पेश किए गए थे.
बदल गई है प्रैक्टिस
OALP बिड राउंड 2016 में ओपन एकरेज पॉलिसी आने के बाद शुरू किए गए थे. इस पॉलिसी ने सरकार की पिछली प्रैक्टिस को बदल दिया, जिसमें सरकार खुद ब्लॉक की पहचान करके उनकी बिडिंग करती थी. अब खोजकर्ताओं को यह आजादी दी गई कि वे तेल और गैस की खोज के लिए किसी भी ऐसे क्षेत्र की पहचान कर सकें, जो पहले से किसी दूसरी कंपनी के पास न हो.
इस पॉलिसी की मुख्य बातें, जिसे हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन एंड लाइसेंसिंग पॉलिसी (HELP) कहा जाता है, में कम रॉयल्टी दरें और शुरुआती कमर्शियल प्रोडक्शन के लिए रियायती रॉयल्टी दरें, कोई ऑयल सेस नहीं, पूरे कॉन्ट्रैक्ट की अवधि के दौरान सभी रखे गए क्षेत्रों पर एक्सप्लोरेशन के अधिकार, और मार्केटिंग और कीमत तय करने की आजादी शामिल हैं.
बोली लगाने वाली कंपनियां
DGH के अनुसार, सितंबर 2024 में OALP-IX में चार बोली लगाने वाले आए, जिनमें सरकारी स्वामित्व वाली ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) और ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) और निजी क्षेत्र की वेदांता लिमिटेड शामिल थीं. ज्यादातर ब्लॉक के लिए सिर्फ दो ही बोलियां मिलीं. यह भी पहली बार हुआ है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड-BP Plc की जोड़ी ने गुजरात के ऑफशोर में एक ब्लॉक के लिए ONGC के साथ मिलकर बोली लगाई.
ONGC ने अकेले 11 ब्लॉक जीते और OIL के साथ पार्टनरशिप में तीन और ब्लॉक जीते. इसने गुजरात-सौराष्ट्र बेसिन में शो वॉटर ब्लॉक भी जीता, जिसके लिए इसने Reliance-BP के साथ बोली लगाई थी. माइनिंग अरबपति अनिल अग्रवाल की कंपनी Vedanta, जिसने ऑफर में मौजूद सभी 28 ब्लॉकों के लिए बोली लगाई थी, ने सात ब्लॉक जीते, जबकि बाकी छह ब्लॉक OIL के हिस्से में आए.
