ये हैं भारत के सबसे अमीर जौहरी… गहने बेचकर कमा लिए ₹47 हजार करोड़, दुबई तक है राज

ईरान-अमेरिका तनाव और दुनिया में बढ़ती आर्थिक अनिश्चितता के कारण लोग सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की तरफ लौट रहे हैं. इसी बीच Modi की ओर से लोगों से एक साल तक सोना खरीदने से बचने की अपील की चर्चा भी तेज हो गई है. माना जा रहा है कि इसका सीधा असर भारत के बड़े ज्वेलरी कारोबारियों और पूरे गोल्ड इंडस्ट्री पर पड़ सकता है.

ये हैं भारत के सबसे अमीर जौहरी Image Credit: Canva/Money9 live

Richest Jewellers list: भारत में सोना सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों की बचत, निवेश और सामाजिक परंपरा का भी अहम हिस्सा माना जाता है. ईरान-अमेरिका तनाव और दुनिया में बढ़ती आर्थिक अनिश्चितता के कारण लोग सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की तरफ लौट रहे हैं. इसी बीच Modi की ओर से लोगों से एक साल तक सोना खरीदने से बचने की अपील की चर्चा भी तेज हो गई है. माना जा रहा है कि इसका सीधा असर भारत के बड़े ज्वेलरी कारोबारियों और पूरे गोल्ड इंडस्ट्री पर पड़ सकता है.

World Gold Council की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में करीब 3 लाख से 3.5 लाख छोटे और बड़े ज्वेलर्स कारोबार कर रहे हैं. इस इंडस्ट्री से लाखों लोगों को रोजगार मिलता है और देश की GDP में इसका करीब 1.3 प्रतिशत योगदान माना जाता है. भारत के ज्वेलरी बाजार में कई बड़े नाम हैं, लेकिन Kalyan Jewellers, Joyalukkas, Malabar Gold और GRT Jewellers सबसे टॉप कारोबारियों में शामिल हैं. इन कंपनियों का कारोबार भारत के साथ-साथ विदेशों तक फैला हुआ है.

जॉय अलुक्कास

Joyalukkas Group के मालिक जॉय अलुक्कास को भारत के सबसे अमीर ज्वेलर्स में गिना जाता है. Forbes की 10 मार्च 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति करीब 5 अरब डॉलर है. उनका कारोबार भारत के अलावा मिडिल ईस्ट और दूसरे देशों तक फैला हुआ है. कंपनी के भारत में 100 से ज्यादा और विदेशों में 60 से ज्यादा स्टोर हैं. बड़े शोरूम और तेजी से विस्तार उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह मानी जाती है.

Kalyan Jewellers

Kalyan Jewellers के मालिक टी.एस. कल्याणरमन भी भारत के बड़े ज्वेलरी कारोबारियों में शामिल हैं. कंपनी के दुनिया भर में 83 से ज्यादा शोरूम हैं. Kalyan Jewellers ने दक्षिण भारत से शुरुआत की थी, लेकिन अब यह देश की सबसे बड़ी संगठित ज्वेलरी कंपनियों में शामिल हो चुकी है. Kalyan Jewellers की शुरुआत साल 1993 में केरल के त्रिशूर से हुई थी.

कंपनी के मालिक टी.एस. कल्याणरमन पहले टेक्सटाइल कारोबार से जुड़े थे. लेकिन साल 1998 में तमिलनाडु के कोयंबटूर में हुए बम धमाकों के बाद कारोबार की दिशा बदल गई. उस समय लोग खरीदारी के लिए कोयंबटूर जाना कम करने लगे और पलक्कड़ जैसे इलाकों में स्थानीय ज्वेलरी दुकानों की मांग बढ़ गई.

भारत की सबसे बड़ी ज्वेलरी कंपनियां कौन सी हैं.

भारतीय ज्वेलरी बाजार में Titan की Tanishq सबसे बड़ी संगठित क्षेत्र की कंपनी मानी जाती है. यह टाटा ग्रुप की कंपनी है और पूरे देश में इसका बड़ा नेटवर्क मौजूद है. वहीं Malabar Gold & Diamonds भी तेजी से बढ़ती ज्वेलरी चेन में शामिल है. कंपनी का कारोबार लगातार बढ़ रहा है और इसका नाम देश के बड़े ज्वेलरी ब्रांड्स में गिना जाता है.

नाम / कंपनीकारोबारअनुमानित संपत्ति / मार्केट वैल्यू ≈
जॉय अलुक्कासJoyalukkas Group5 अरब डॉलर
टी.एस. कल्याणरमनKalyan Jewellers2.5 अरब डॉलर
एम.पी. अहमदMalabar Gold & Diamonds1 अरब डॉलर
Titan Company (Tanishq)ज्वेलरी और लग्जरी प्रोडक्टमार्केट वैल्यू करीब ₹3.73 लाख करोड़
सोर्स: Forbes और Screener

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सोने की मांग में बदलाव से क्या होगा असर

अगर लोग सोने की खरीदारी कम करते हैं तो इसका असर ज्वेलरी कारोबारियों की बिक्री पर पड़ सकता है. हालांकि भारत में सोना सिर्फ निवेश नहीं बल्कि परंपरा से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी मांग पूरी तरह खत्म होना मुश्किल माना जाता है. फिलहाल दुनिया भर की आर्थिक परिस्थितियों और सरकार की नीतियों पर पूरे गोल्ड बाजार की नजर बनी हुई है.

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