India-USA Joint Statement: 5 साल में $500 अरब का अमेरिकी सामान खरीदेगा भारत, जानें किन-किन सामानों का होगा आयात

भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्ते और गहरे होने जा रहे हैं. दोनों देशों के संयुक्त बयान के मुताबिक भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से करीब $500 अरब का सामान खरीदेगा. इस आयात में ऊर्जा उत्पाद, कोकिंग कोयला, विमान, तकनीकी सामान और कीमती धातुएं शामिल होंगी, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास को मजबूती मिलने की उम्मीद है.

India-USA Trade Deal Image Credit: Canva/ Money9

India-USA Trade Deal Interim Joint Statement: भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्ते और मजबूत होने जा रहे हैं. ट्रेड डील पर दोनों देशों के संयुक्त बयान के अनुसार, भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से करीब $500 अरब (लगभग ₹40 लाख करोड़) के उत्पाद खरीदेगा. इसमें ऊर्जा उत्पाद, विमान और उनके पुर्जे, कीमती धातुएं, तकनीक से जुड़े सामान और कोकिंग कोयला शामिल होगा. सरकार का मानना है कि यह समझौता भारत की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देगा.

ऊर्जा और कोकिंग कोयले पर खास जोर

इस डील में ऊर्जा क्षेत्र सबसे अहम है. भारत पहले से ही अमेरिका से कच्चा तेल, LNG और LPG का आयात बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. इसके साथ ही कोकिंग कोयला भी बड़ी जरूरत बना हुआ है, क्योंकि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक देश है. वित्त वर्ष 2025 में भारत ने अमेरिका से कुल 20 मिलियन टन कोयला खरीदा, जिसमें 40% से ज्यादा कोकिंग कोयला था. चालू वित्त वर्ष (FY26) में नवंबर तक ही अमेरिका से 6.04 मिलियन टन कोकिंग कोयला आ चुका है.

स्टील उत्पादन बढ़ाने की योजना से बढ़ेगी मांग

भारत की मौजूदा स्टील उत्पादन क्षमता करीब 205 मिलियन टन प्रति वर्ष है. सरकार इसे 2030-31 तक 300 मिलियन टन और 2047 तक 500 मिलियन टन तक ले जाना चाहती है. इसी वजह से हाल ही में कोकिंग कोयले को क्रिटिकल मिनरल घोषित किया गया है. भारतीय ऊर्जा सप्ताह में कोयला मंत्रालय के सचिव विक्रम देव दत्त ने भी कहा कि अमेरिका से कोयले के आयात की अच्छी संभावनाएं हैं.

कच्चे तेल में अमेरिका बन सकता है बड़ा सप्लायर

रूस से तेल आयात को लेकर अमेरिका के दबाव के बीच भारत फिलहाल संतुलन बनाए हुए है, लेकिन तेल आयात में विविधता लाने के तहत अमेरिका से खरीद बढ़ रही है. जनवरी में भारत ने अमेरिका से करीब 2.97 लाख बैरल प्रतिदिन तेल आयात किया. नवंबर में यह आंकड़ा 5.68 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया था. विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले समय में अमेरिका भारत की कुल कच्चे तेल की जरूरत का करीब 10% तक सप्लाई कर सकता है.

निर्यातकों के लिए खुलेगा बड़ा बाजार

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए $30 ट्रिलियन के बाजार के दरवाजे खोलेगा. हालांकि भारत अपनी जरूरत का करीब 80% कच्चा तेल आयात करता है, जिससे वह वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील रहता है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तेल की कीमत में $1 प्रति बैरल की बढ़ोतरी होती है, तो भारत का आयात बिल करीब ₹13,000 करोड़ बढ़ सकता है. FY25 में भारत ने $167 अरब का कच्चा तेल आयात किया था.

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