वैश्विक दबाव के बीच मजबूत बनी रहेगी भारत की ग्रोथ, सरकार ने FY26 में GDP 7.4% रहने का जताया अनुमान

भारत सरकार ने FY26 के लिए GDP ग्रोथ 7.4% रहने का अनुमान जताया है. वैश्विक सुस्ती और टैरिफ दबाव के बावजूद सर्विस सेक्टर, निवेश और सरकारी खर्च के दम पर भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है. टैक्स राहत और GST कटौती से खपत को सहारा मिला है.

जीडीपी ग्रोथ डेटा. Image Credit: Money9live

केंद्रीय बजट 2026 से पहले भारत सरकार ने अनुमान जताया है कि वित्त वर्ष 2025–26 (FY26) में देश की GDP ग्रोथ 7.4% रह सकती है. यह अनुमान ऐसे समय में सामने आया है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ रही है और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ से जुड़े कड़े रुख के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है. इसके बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था में मजबूती के संकेत मिल रहे हैं. सरकार का यह अनुमान Reserve Bank of India के हालिया 7.3% के अनुमान से थोड़ा ज्यादा है और पिछले वित्त वर्ष की 6.5% की ग्रोथ से भी बेहतर माना जा रहा है. वहीं, नॉमिनल GDP के FY26 में 8% बढ़ने का अनुमान है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 9.7% रही थी.

एशिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना भारत

आंकड़ों के मुताबिक, वैश्विक अनिश्चितता और सख्त वित्तीय परिस्थितियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है. ग्रोथ को खासतौर पर सर्विस सेक्टर की मजबूती, निवेश में तेजी और टार्गेटेड सरकारी खर्च का सहारा मिल रहा है. इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में सुधार, क्रेडिट फ्लो में बढ़ोतरी और गहरे होते मार्केट रिफॉर्म्स ने आर्थिक गति को बनाए रखा है. इन्हीं कारणों से भारत एशिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल बना हुआ है.

लोगों के हाथ में ज्यादा डिस्पोजेबल इनकम

वित्त वर्ष के दौरान सरकार ने मिडिल क्लास के लिए इनकम टैक्स में राहत दी और 22 सितंबर से कई उत्पादों पर GST दरों में कटौती की. इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन दोनों कदमों से आम लोगों के हाथ में ज्यादा डिस्पोजेबल इनकम आई, जिससे मांग को सहारा मिला और रिटेल स्तर पर कीमतों का दबाव कम हुआ.

GST में कटौती से भी असर

खासतौर पर GST में कटौती से कीमतों में पारदर्शिता और उत्पादों की अफोर्डेबिलिटी बेहतर हुई. इससे उपभोक्ताओं ने डिस्क्रेशनरी खर्च बढ़ाया और उन खरीदारी फैसलों को आगे बढ़ाया, जिन्हें महंगाई के चलते टाल दिया गया था. टैक्स राहत और इनडायरेक्ट टैक्स में कटौती ने मिलकर FMCG, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और सर्विस सेक्टर में वॉल्यूम ग्रोथ को सपोर्ट किया.

रीयल ग्रॉस वैल्यू एडेड

डेटा यह भी दर्शाता है कि रीयल ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) के FY26 में 7.3% बढ़ने का अनुमान है, जो FY25 में 6.4% था. वहीं, नॉमिनल GVA की ग्रोथ FY26 में 7.7% रहने की संभावना है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 9.3% रही थी. कुल मिलाकर, आंकड़े संकेत देते हैं कि बाहरी दबावों के बावजूद भारत की आर्थिक नींव मजबूत बनी हुई है और ग्रोथ का रुझान सकारात्मक है.

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