चांदी में रिकॉर्ड हाई के बाद बड़ी गिरावट, 12500 रुपये टूटकर 2.43 लाख रुपये प्रति किलो पहुंची; सोना भी हुआ सस्ता
सर्राफा बाजार में रिकॉर्ड स्तर के बाद चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. गुरुवार को मुनाफावसूली के चलते चांदी 12,500 रुपये टूटकर 2.43 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि सोना भी 900 रुपये सस्ता हो गया. वैश्विक बाजार में दबाव, निवेशकों का सतर्क रुख और आर्थिक आंकड़ों से पहले अनिश्चितता ने बुलियन कीमतों को प्रभावित किया है.
Gold-Silver Price: गुरुवार को दुनिया भर में प्रॉफिट-बुकिंग की होड़ के बीच चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर से तेजी से फिसल गईं. राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोना भी दबाव में नजर आया. रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद मुनाफावसूली बढ़ने से चांदी के दाम 12,500 रुपये गिरकर 2,43,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गए. वहीं सोना 900 रुपये कमजोर होकर 1,40,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर प्रॉफिट-बुकिंग और निवेशकों के सतर्क रुख ने बुलियन कीमतों पर दबाव डाला.
रिकॉर्ड हाई से फिसली चांदी
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, इससे पहले बुधवार को चांदी की कीमतों में 5,000 रुपये की तेजी दर्ज की गई थी और यह 2,56,000 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी. हालांकि, ऊंचे स्तरों पर पहुंचते ही निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी. इसका नतीजा यह रहा कि अगले ही कारोबारी सत्र में चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली.
सोने की कीमतों में भी नरमी
स्थानीय बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत भी घट गई. पिछले बंद भाव 1,41,400 रुपये प्रति 10 ग्राम की तुलना में सोना अब 900 रुपये सस्ता होकर 1,40,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा. जानकारों का मानना है कि सेफ-हेवन डिमांड में कमी और अमेरिकी डॉलर में स्थिरता के कारण सोने की चमक कुछ फीकी पड़ी है.
वैश्विक बाजार से मिले कमजोर संकेत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी पर दबाव नजर आया. स्पॉट गोल्ड की कीमत 29.65 डॉलर यानी 0.67 प्रतिशत गिरकर 4,426.91 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई. वहीं चांदी 3.22 प्रतिशत या 2.51 डॉलर टूटकर 75.67 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी. वैश्विक निवेशक आने वाले अहम आर्थिक और राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं.
एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं
HDFC Securities के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी के अनुसार, सोने में गिरावट की प्रमुख वजह लॉन्ग लिक्विडेशन रही. उन्होंने कहा कि सुरक्षित निवेश की मांग में नरमी और डॉलर की स्थिरता के कारण ट्रेडर्स ने अपनी पोजीशन कम की है, जिससे कीमतों पर दबाव बना है. वहीं LKP Securities के वाइस प्रेसिडेंट और रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी का कहना है कि बाजार की नजर अब शुक्रवार को जारी होने वाले नॉन-फार्म पेरोल्स डेटा पर टिकी हुई है. यह रिपोर्ट बुलियन बाजार में अस्थिरता बढ़ा सकती है और आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है.
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