Gold and Silver Rate Today: सोने-चांदी की गिरावट थमी, दिखी मामूली बढ़त, सिल्वर 2000 रुपये से ज्यादा हुई महंगी
डॉलर इंडेक्स में मुनाफावसूली के बाद आई कमजोरी से सोना विदेशी खरीदारों के लिए सस्ता हुआ, जिससे अमेरिकी सोने के वायदा भाव में तेजी दर्ज की गई. घरेलू भारतीय बाजार में भी आज सोना-चांदी चमकते नजर आएं. इसके अलावा अमेरिका–वेनेजुएला तनाव और Donald Trump की ग्रीनलैंड पर टिप्पणी के बाद से भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया है, जिसका असर भी बुलियन मार्केट में देखने को मिला.
Gold and Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में बीते दो-तीन दिनों से गिरावट देखने को मिल रही थी. इनमें उतार-चढ़ाव भी काफी ज्यादा था, लेकिन अब इसकी गिरावट थम गई है. हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार 9 जनवरी की सुबह घरेलू वायदा बाजार में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में तेजी देखी गई. मजबूत स्पॉट डिमांड, डॉलर की कमजोरी और जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के चलते कीमती धातुओं को समर्थन मिला.
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर करीब 9:15 बजे फरवरी डिलीवरी वाला सोना 0.20% चढ़कर ₹1,38,015 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था, जबकि मार्च डिलीवरी वाली चांदी 0.83% की बढ़त के साथ ₹2,45,349 प्रति किलो पर पहुंच गई. यानी सोना आज 273 रुपये और चांदी 2,025 रुपये महंगी हो गई है.
रिटेल और इंटरनेशल मार्केट में कीमत
रिटेल पर नजर डालें तो बुलियन वेबसाइट के मुताबिक 9 जनवरी को 24 कैरेट सोना 310 रुपये की बढ़त के साथ 138,390 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखा, जबकि चांदी 2510 रुपये चढ़कर 245,450 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड करती नजर आई. कैरेटलेन पर आज सोना 12587 रुपये प्रति ग्राम पर कारोबार करता दिखा, ये 22 कैरेट गोल्ड के भाव हैं.
इंटरनेशनल मार्केट पर नजर डालें तो स्पॉट गोल्ड 0.29 फीसदी की तेजी के साथ 4,465 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था. इसमें उछाल देखने को मिला. वहीं चांदी 1.66 फीसदी लुढ़ककर 76.58 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी.
क्यों आई तेजी?
मुनाफावसूली के चलते डॉलर इंडेक्स 98.99 के स्तर तक पहुंचने के बाद कीमतों में नरमी देखने को मिली. डॉलर आधारित बुलियन विदेशी खरीदारों के लिए सस्ता हो गया. इसी असर से अमेरिकी बाजार में फरवरी डिलीवरी वाला सोना चढ़ गया. वहीं, भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं सोने की कीमतों को लगातार समर्थन दे रही हैं. अमेरिका–वेनेजुएला से जुड़े घटनाक्रम पर बाजार की नजर बनी हुई है, जबकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को लेकर हालिया टिप्पणियों पर नाटो देशों की तीखी प्रतिक्रिया ने भी सोने की सुरक्षित निवेश मांग को मजबूत किया है.