टूटने के बाद फिर आई चांदी में तेजी, ₹2.50 लाख पहुंचा भाव; सोना भी हुआ 1200 रुपये महंगा

दिल्ली सर्राफा बाजार में 9 जनवरी को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला. वैश्विक अनिश्चितता, जियो-पॉलिटिकल टेंशन और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के बीच चांदी 6,500 रुपये महंगी होकर 2.50 लाख रुपये प्रति किलो पहुंच गई, जबकि सोना 1,200 रुपये चढ़कर बंद हुआ. जानें क्या है नया भाव.

gold silver price Image Credit: money9 live

Gold and Silver Price Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में शुक्रवार, 9 जनवरी को सोने और चांदी की कीमतों में फिर से तेजी देखने को मिली. वैश्विक अनिश्चितताओं और सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) की बढ़ती मांग के चलते सोना और चांदी दोनों मजबूत हुए. ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, चांदी की कीमत में 6,500 रुपये प्रति किलो की उछाल आई और यह बढ़कर 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई. वहीं, सोना भी 1,200 रुपये महंगा होकर 99.9 फीसदी शुद्धता के साथ 1,41,700 रुपये प्रति 10 ग्राम (टैक्स सहित) पर बंद हुआ.

गिरावट के बाद फिर आई तेजी

इससे पहले के कारोबारी सत्र में चांदी में भारी गिरावट देखी गई थी. मुनाफावसूली के चलते चांदी 12,500 रुपये या करीब 5 फीसदी टूटकर 2,43,500 रुपये प्रति किलो पर आ गई थी. गौरतलब है कि बुधवार को चांदी ने 2,56,000 रुपये प्रति किलो का अब तक का रिकॉर्ड स्तर भी छुआ था. वहीं, सोना पिछले सत्र में 1,40,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था.

क्यों दौड़ने लग गई चांदी?

कमोडिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, वैश्विक स्तर पर बढ़ते जियो पॉलिटिकल टेंशन और अमेरिका से जुड़ी अनिश्चितताओं ने सोने की सुरक्षित निवेश वाली छवि को एक बार फिर मजबूत किया है. HDFC Securities के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) में सकारात्मक निवेश और सुरक्षित निवेश की मांग के चलते सोने में मजबूती आई है. उन्होंने कहा कि बाजार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को लेकर दिए गए बयानों और टैरिफ से जुड़े मामलों पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के संभावित फैसलों को लेकर सतर्क बना हुआ है.

टैरिफ पर कोर्ट के फैसले से होगा फैसला!

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर टैरिफ से जुड़े मामलों में कोर्ट का फैसला बाजार के पक्ष में आता है, तो ग्लोबल ट्रेड वॉर की आशंकाएं कुछ हद तक कम हो सकती हैं. ऐसी स्थिति में सोने और चांदी की कीमतों में आगे की तेजी सीमित रह सकती है. हालांकि, फिलहाल निवेशक संभावित उतार-चढ़ाव से बचने के लिए बुलियन में निवेश को तरजीह दे रहे हैं.

इंटरनेशनल मार्केट में भी तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो स्पॉट गोल्ड हल्की तेजी के साथ 4,479.38 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता नजर आया. वहीं, चांदी 1.37 डॉलर या करीब 1.79 फीसदी की बढ़त के साथ 78.38 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई. इससे पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी एक समय 5.53 फीसदी तक टूटकर 73.83 डॉलर प्रति औंस के निचले स्तर पर आ गई थी, हालांकि बाद में इसमें रिकवरी देखने को मिली.

रूसी तेल खरीद भी कर सकता है टैरिफ को सपोर्ट

Kotak Securities की कमोडिटी रिसर्च प्रमुख कायनात चैनवाला के अनुसार, अमेरिका द्वारा रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर भारी टैरिफ लगाने की संभावनाओं ने भी सोने-चांदी को सपोर्ट दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500 फीसदी तक टैरिफ लगाने पर विचार कर रहा है. इससे चीन, भारत और ब्राजील जैसे बड़े खरीदारों पर दबाव बढ़ सकता है, जो रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदते हैं.

क्यों है सोने में मजबूती?

Mirae Asset Sharekhan के कमोडिटीज हेड प्रवीण सिंह का कहना है कि अमेरिकी आर्थिक आंकड़े सकारात्मक रहने और इंडेक्स रीबैलेंसिंग के चलते बिकवाली के बावजूद सोने की कीमतें फिलहाल मजबूत बनी हुई हैं. कुल मिलाकर, वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितताओं, ट्रेड टेंशन और जियो पॉलिटिकल रिस्क के बीच सोना और चांदी एक बार फिर निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प के रूप में उभरते नजर आ रहे हैं.

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