Infosys Q3: दिग्गज IT कंपनी का मुनाफा 2.2 फीसदी गिरा, रेवेन्यू में करीब 9% का उछाल

Infosys Q3: नतीजों की घोषणा से पहले इंफोसिस के शेयर NSE पर 0.6 फीसदी बढ़कर 1,608.9 रुपये पर बंद हुए. पिछले एक साल में स्टॉक में 17 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है. इंफोसिस ने कहा कि एडजस्टेड आधार पर ऑपरेटिंग मार्जिन 21.2 फीसदी रहा.

इंफोसिस का मुनाफा घटा. Image Credit: Getty image

Infosys Q3: देश की दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के नतीजे बुधवार को जारी कर दिए. इंफोसिस का Q3 FY26 का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 2.2 फीसदी गिरकर 6,654 करोड़ रुपये हो गया, जो स्ट्रीट की उम्मीदों से कम रहा, जबकि इस IT कंपनी ने सीजन के हिसाब से कमजोर तिमाही में भी लगातार ग्रोथ और मजबूत डील हासिल कीं.

कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में इजाफा

इंफोसिस का फिस्कल तीसरी तिमाही में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 8.9 फीसदी बढ़कर 45,479 करोड़ रुपये हो गया, जबकि ऑपरेटिंग मार्जिन एक साल पहले के 21.3 फीसदी से घटकर 18.4 फीसदी हो गया, जिसकी वजह ज्यादा लागत और लेबर कोड से जुड़े प्रावधानों का असर था. इंफोसिस ने कहा कि एडजस्टेड आधार पर ऑपरेटिंग मार्जिन 21.2 फीसदी रहा.

कॉन्सटैंट करेंसी

कॉन्सटैंट करेंसी के मामले में इंफोसिस ने सालाना आधार पर 1.7 फीसदी और तिमाही आधार पर 0.6 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की. तिमाही के दौरान बड़ी डील 4.8 अरब डॉलर पर मजबूत बनी रहीं, जिसमें से 57 फीसदी नई डील से आईं, जिससे शॉर्ट-टर्म रेवेन्यू विजिबिलिटी को कुछ सपोर्ट मिला.

रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस

कंपनी ने FY26 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को लगातार करेंसी के मामले में 3.0-3.5 फीसदी तक बढ़ा दिया और साल के लिए अपने ऑपरेटिंग मार्जिन आउटलुक को 20-22 फीसदी पर दोहराया. नतीजों की घोषणा से पहले इंफोसिस के शेयर NSE पर 0.6 फीसदी बढ़कर 1,608.9 रुपये पर बंद हुए. पिछले एक साल में स्टॉक में 17 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है, जो निफ्टी 50 से काफी कम प्रदर्शन है, जिसने इसी अवधि में लगभग 11 फीसदी का फायदा उठाया है.

सैलरी में बढ़ोतरी होगी या नहीं

इंफोसिस के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO), जयेश संघराजका ने कहा कि IT कंपनी ने अभी यह तय नहीं किया है कि वह सैलरी में अगली बढ़ोतरी कब करेगी. इंफोसिस के CFO संघराजका ने कहा, ‘हमने अभी-अभी अपनी सैलरी का एक साइकिल पूरा किया है, जो जनवरी में दो हिस्सों में हुआ था. हमने अगले पांच साल के बारे में अभी फैसला नहीं किया है. जैसे-जैसे हम आगे बढ़ेंगे, हम फैसला करेंगे.’

इंफोसिस का वॉलंटरी एट्रीशन रेट 2025-26 की तीसरी तिमाही में 140 बेसिस पॉइंट गिरकर 12.3% हो गया, जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर की इसी तिमाही में यह 13.7% था. क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर (QoQ) आधार पर, मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की तीसरी तिमाही में इंफोसिस का एट्रीशन रेट दूसरी तिमाही की तुलना में 2% कम हो गया.

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