ईरान-अमेरिका जंग, कितना बड़ा नुकसान? गीता गोपीनाथ की भविष्यवाणी!
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को लेकर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर की आशंका जताई जा रही है. प्रख्यात अर्थशास्त्री और हार्वर्ड प्रोफेसर गीता गोपीनाथ ने चेतावनी दी है कि अगर यह संघर्ष और गहराता है तो इसका प्रभाव सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है. सबसे बड़ा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है, क्योंकि मध्य पूर्व वैश्विक ऊर्जा सप्लाई का एक प्रमुख केंद्र है. यदि तनाव के कारण तेल की सप्लाई बाधित होती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है.
तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से दुनिया भर में महंगाई बढ़ने का खतरा भी पैदा हो सकता है. इससे कई देशों के केंद्रीय बैंकों के लिए ब्याज दरों को नियंत्रित करना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाएगा. पहले से ही कई देशों पर भारी कर्ज का दबाव है, ऐसे में ऊर्जा कीमतों का झटका आर्थिक वृद्धि को धीमा कर सकता है. गीता गोपीनाथ के अनुसार, अगर यह जियोपॉलिटिकल संकट लंबा खिंचता है तो वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ सकती है और आर्थिक स्थिरता पर बड़ा खतरा पैदा हो सकता है.
