40 साल पुराना है मेहता परिवार और HDFC बैंक का विवाद, अब आई लीलावती ट्रस्ट की सफाई, फिर निशाने पर CEO

लीलावती ट्रस्ट और HDFC बैंक के बीच के विवाद बढ़ गया है. लीलावती ट्रस्ट ने HDFC बैंक के सीईओ शशिधर जगदीशन पर 2.05 करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप लगाया है, जिससे ट्रस्ट को 1,000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है. ट्रस्ट ने और क्या कहा

लीलावती ट्रस्ट vs HDFC बैंक Image Credit: Money9live/Canva

Lilavati Trust HDFC Case: मुंबई का लीलावती अस्पताल चलाने वाले लीलावती ट्रस्ट और HDFC का झगड़ा अब और बड़ा होता जा रहा है. एक बार फिर लीलावती ट्रस्ट (लीलावती कीर्तिलाल मेहता मेडिकल ट्रस्ट) ने HDFC बैंक के एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन पर सीधा हमला बोला है. ट्रस्ट ने साफ कहा कि न ट्रस्ट का और न ही इसके परमानेंट ट्रस्टी प्रशांत किशोर मेहता का HDFC बैंक से किसी लोन को लेकर कोई लेना-देना है. ट्रस्ट ने कहा कि उन्होंने कभी बैंक से एक रुपया भी उधार नहीं लिया और न ही उनका उस कर्जदार कंपनी Splendour Gems Ltd से कोई रिश्ता है, जिसका जिक्र HDFC कर रहा है.

क्या है ट्रस्ट का आरोप?

लीलावती ट्रस्ट का कहना है कि HDFC के सीईओ ने 2.05 करोड़ की रिश्वत लेकर चेतन मेहता ग्रुप को ट्रस्ट पर अवैध रूप से कब्जा बनाए रखने में मदद की है. वहीं अब तक HDFC बैंक के सीईओ ने इस रिश्वत के आरोप को खारिज नहीं किया है. ट्रस्ट के मुताबिक, इस धोखाधड़ी और गड़बड़ी की वजह से 1,000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है और इसी के चलते CEO के खिलाफ सिविल और क्रिमिनल मानहानि के केस दर्ज किए गए हैं.

बता दें चेतन मेहता लीलावती ट्रस्ट के मौजूदा ट्रस्टी मेहता भाइयों के चचेरे भाई हैं जो खुद भी पहले ट्रस्टी थे.

यह भी पढ़ें: कौन है मेहता परिवार, जिसने लिया HDFC बैंक से पंगा; इनके अस्पताल में अरबपति से लेकर सेलेब्स कराते हैं इलाज

HDFC बैंक का जवाब

इससे पहले HDFC बैंक ने कहा था कि उनके अधिकारी और बैंक खुद कुछ “गलत मंशा वाले लोगों” के टारगेट पर हैं. बैंक ने कहा कि ये लोग कानून का दुरुपयोग कर रहे हैं ताकि Splendour Gems Ltd से बकाया वसूली को रोका जा सके.

बता दें कि Splendour Gems Ltd कंपनी मेहता परिवार की है जो लीलावती ट्रस्ट में भी शामिल हैं.

बैंक ने बताई पूरी टाइमलाइन-

  • मेहता परिवार की इस कंपनी ने 1995 में HDFC बैंक और अन्य बैंकों से कर्ज लिया था.
  • 2001 में ये कंपनी आधिकारिक तौर पर डिफॉल्टर घोषित की गई थी.
  • 2004 में डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल (DRT) ने HDFC बैंक को वसूली का सर्टिफिकेट दिया था. बावजूद इसके, मई 2025 तक कंपनी पर HDFC बैंक का 65.22 करोड़ का कर्ज बाकी है.
  • HDFC ने ये भी कहा कि Splendour Gems Ltd सिर्फ उनसे ही नहीं, बल्कि अन्य बैंकों और संस्थानों से भी कर्ज लेकर चुका नहीं रही है.

इस पूरे मामले में दो बातें मुख्य रूप से सामने हैं. एक, मेहता परिवार का HDFC बैंक से लिया गया कर्ज जिसे वो चुका नहीं रही (बैंक के अनुसार) और दूसरा HDFC बैंक के CEO पर मेहता परिवार का आरोप – जिसमें वो कह रहे हैं कि ट्रस्ट को अवैध रूप से कब्जे में रखने के लिए रिश्वत दी गई.

इस पर HDFC बैंक ने आरोप लगाया कि मेहता परिवार कर्ज चुकाने से बचने के लिए ये खेल रच रहा है.

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