1 अप्रैल से बदलेगा FASTag Annual Pass का रेट, ₹3000 की जगह देना होगा ₹3075, जानें पूरा नियम

राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वालों के लिए FASTag Annual Pass से जुड़ी अहम खबर है. NHAI ने अगले वित्त वर्ष के लिए इस पास की कीमत 3000 रुपये से बढ़ाकर 3075 कर दी है, जो 1 अप्रैल से लागू होगी. इस पास के तहत कार, जीप और वैन जैसे गैर-व्यावसायिक वाहन एक साल या 200 टोल क्रॉसिंग तक सुविधा का लाभ ले सकते हैं.

फास्टैग एनुअल पास. Image Credit: Money9live

राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वालों के लिए FASTag से जुड़ी एक अहम खबर आई है. सरकार ने अगले वित्त वर्ष के लिए FASTag एनुअल पास की कीमत में हल्की बढ़ोतरी कर दी है. 12 मार्च को इश्यू ऑर्डर के मुताबिक, अब 1 अप्रैल 2026 से गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए इस पास की कीमत ₹3000 से बढ़ाकर ₹3075 कर दी जाएगी. हालांकि सरकार का कहना है कि यह बदलाव नियमों के तहत किया गया है और इसका उद्देश्य टोल सिस्टम को व्यवस्थित रखना है.

FASTag एनुअल पास की नई कीमत

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के आदेश के मुताबिक, 1 अप्रैल 2026 से FASTag Annual Pass की कीमत ₹3075 होगी, जो पहले ₹3000 थी. यह पास खास तौर पर कार, जीप और वैन जैसे गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए उपलब्ध है.

सरकार ने यह व्यवस्था पिछले साल 15 अगस्त को शुरू की थी, ताकि नियमित रूप से हाईवे पर यात्रा करने वाले लोगों को टोल खर्च में राहत मिल सके और टोल प्लाजा पर आवाजाही आसान हो सके.

कैसे काम करता है FASTag Annual Pass

इस पास के तहत वाहन मालिक को एक साल या 200 बार टोल क्रॉसिंग की सुविधा मिलती है. यानी एक बार पास खरीदने के बाद वाहन चालक किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग के टोल प्लाजा से 200 बार तक बिना अलग से टोल दिए गुजर सकता है. इस पास को खरीदने के लिए वाहन में सक्रिय FASTag होना जरूरी है. इसे Rajmargyatra मोबाइल ऐप या NHAI की वेबसाइट के जरिए खरीदा जा सकता है.

हर साल बदलेगी कीमत

FASTag Annual Pass की कीमत में बदलाव National Highway Fee (Determination of Rates and Collection) Amendment Rules, 2025 के तहत किया गया है. इन नियमों के मुताबिक पास की कीमत हर साल संशोधित की जाएगी.

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, फिलहाल देश में 50 लाख से ज्यादा लोग FASTag Annual Pass का इस्तेमाल कर रहे हैं. राष्ट्रीय राजमार्गों पर कारों से होने वाले कुल टोल ट्रांजैक्शन में करीब 28 प्रतिशत हिस्सा FASTag Annual Pass के जरिए हो रहा है.

यह भी पढ़ें: Adani Group का बड़ा प्लान! अगले 5 साल तक हर साल ₹2 लाख करोड़ का ग्रीन निवेश, इस शेयर पर दिखेगा तगड़ा असर

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2016 में FASTag शुरू होने के बाद से अब तक 11.86 करोड़ FASTag जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से करीब 5.9 करोड़ FASTag सक्रिय हैं. वर्तमान में राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाले 98 प्रतिशत टोल कलेक्शन FASTag के जरिए ही होता है.