ट्रंप के टैरिफ से बेफिक्र लखनऊ की चिकनकारी, अमेरिका पर नहीं है निर्भर; गल्फ देश हैं मुख्य बाजार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 50 फीसदी टैरिफ लगाने के बावजूद लखनऊ की चिकनकारी इंडस्ट्री पर असर सीमित रहेगा. कारोबारियों का कहना है कि इसका मुख्य बाजार गल्फ, दक्षिण एशिया और अफ्रीका है, जबकि अमेरिका की हिस्सेदारी 1 फीसदी से भी कम है. हालांकि अमेरिका में कीमतें 40-45 फीसदी तक बढ़ेंगी, लेकिन मांग पर बड़ा असर नहीं होगा.

50 फीसदी टैरिफ लगने के बावजूद लखनऊ की चिकनकारी इंडस्ट्री पर असर सीमित रहेगा Image Credit:

Lucknow Chikankari: लखनऊ की चिकनकारी इंडस्ट्री अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ से बेफिक्र है. कारोबारियों का कहना है कि चिकनकारी का मुख्य बाजार गल्फ, अफ्रीका और दक्षिण एशिया है जबकि अमेरिका में इसकी सप्लाई एक फीसदी से भी कम है. ऐसे में टैरिफ का असर सीमित रहेगा. कारोबारियों का विश्वास है कि चिकनकारी की खास पहचान और अनोखी कढ़ाई इसे वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाए रखेगी.

अमेरिका में कीमतें बढ़ेंगी पर असर कम रहेगा

लखनऊ चिकनकारी हैंडीक्राफ्ट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सुरेश छबलानी ने बताया कि अमेरिका में चिकनकारी उत्पादों की कीमतें टैरिफ के कारण 40 से 45 फीसदी तक बढ़ जाएंगी. उदाहरण के तौर पर जो कुर्ता 1400 रुपये में बिकता था अब 2000 रुपये तक जाएगा. मांग में थोड़ी गिरावट हो सकती है लेकिन चिकनकारी की वैश्विक पहचान के कारण इसका असर सीमित रहेगा.

गल्फ और दक्षिण एशिया बने सहारा

फैशन डिजाइनर असमा हुसैन ने कहा कि चिकनकारी का असली बाजार गल्फ और दक्षिण एशियाई देश हैं जहां इसकी भारी मांग रहती है. अमेरिका में केवल हाई एंड उत्पाद ही बिकते हैं और खरीदार अधिकतर भारत आकर खरीदारी करना पसंद करते हैं. इसलिए टैरिफ का सीधा असर सीमित रहेगा.

कारोबारी खोज रहे नए बाजार

अदा चिकनकारी के प्रमुख विनोद पंजाबी ने बताया कि भारत से हर साल करीब 3000 करोड़ रुपये के चिकनकारी उत्पाद निर्यात होते हैं जिनमें अमेरिका की हिस्सेदारी केवल 20 करोड़ रुपये की है. कारोबारी पहले से ही मैक्सिको, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका जैसे देशों में नए बाजार बना रहे हैं जिससे किसी तरह का बड़ा नुकसान नहीं होगा.

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सरकार और तकनीक से मिल रही मदद

केंद्र सरकार ने चिकनकारी पर निर्यात शुल्क नहीं लगाया है जिससे कारोबारियों को राहत मिल रही है. वित्त मंत्री ने भी निर्यातकों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है. कारोबारी डिजिटल मार्केटिंग और नए व्यापार समझौतों के जरिये दुनिया भर में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं.