AI बूम से भारत बना ग्लोबल हब, GPU की भारी मांग से इस कंपनी को बड़ा फायदा; 1.5 अरब डॉलर जुटाने की तैयारी
भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित हो रहा है और Nvidia GPU की मांग सप्लाई से ज्यादा हो गई है. Yotta Data Services के पास देश की 60 से 70 फीसदी GPU कैपेसिटी है, जिससे यह AI इंफ्रास्ट्रक्चर में प्रमुख खिलाड़ी बन गई है. Google, Microsoft और OpenAI जैसी कंपनियां भारत में बड़े डेटा सेंटर निवेश कर रही हैं.
Yotta Data Services: भारत तेजी से AI इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. देश में AI मॉडल बनाने और डेटा सेंटर विस्तार के कारण Nvidia के GPU की डिमांड सप्लाई से ज्यादा हो गई है. इस तेजी से बढ़ती मांग का सबसे ज्यादा फायदा मुंबई स्थित डेटा सेंटर कंपनी Yotta Data Services को मिल रहा है. कंपनी के पास वर्तमान में भारत की 60 से 70 फीसदी GPU कैपेसिटी है. Google, Microsoft और OpenAI जैसी वैश्विक टेक कंपनियां भी भारत में बड़े निवेश कर रही हैं, जिससे भारत AI हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.
GPU की डिमांड सप्लाई से ज्यादा
भारत में AI मॉडल और एप्लिकेशन के तेजी से विस्तार के कारण GPU की मांग तेजी से बढ़ रही है. GPU AI मॉडल को ट्रेन करने और चलाने के लिए जरूरी कंप्यूटिंग पावर प्रोवाइड करते हैं. Yotta Data Services ने 2023 से Nvidia GPU खरीदना शुरू किया और अब यह देश की सबसे बड़ी GPU कैपेसिटी वाली कंपनी बन गई है. कंपनी के अनुसार, जैसे जैसे भारत में AI यूजर बेस बढ़ेगा, GPU की मांग और तेजी से बढ़ेगी. इससे डेटा सेंटर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बड़ा अवसर बन रहा है.
कंपनियों को मिल रहा मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर
हाल ही में India AI Summit के दौरान कई भारतीय कंपनियों ने अपने AI मॉडल लॉन्च किए, जिनमें Sarvam AI का Indus chatbot भी शामिल है. इन AI मॉडल को ट्रेन करने के लिए Nvidia GPU और Yotta के डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर का यूज किया गया. इससे साफ है कि भारत अब अपने खुद के AI मॉडल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर मिलने से भारतीय स्टार्टअप और कंपनियों को AI क्षेत्र में तेजी से विकास करने में मदद मिलेगी.
इंफ्रास्ट्रक्चर पर अरबों डॉलर का निवेश
AI इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए वैश्विक टेक कंपनियां भी बड़े निवेश कर रही हैं. Google दक्षिण भारत में 15 अरब डॉलर का डेटा सेंटर हब बना रही है, जबकि Microsoft 17.5 अरब डॉलर निवेश कर अपने डेटा सेंटर विस्तार की योजना बना रही है. OpenAI ने TCS के डेटा सेंटर के साथ 100 मेगावाट कैपेसिटी का समझौता किया है. इन निवेशों से भारत की डेटा सेंटर कैपेसिटी 2028 तक लगभग दोगुनी होकर 4 गीगावाट तक पहुंच सकती है.
भारत के लिए बड़ा अवसर
Yotta Data Services अब अपने विस्तार के लिए 1.2 से 1.5 अरब डॉलर जुटाने की योजना बना रही है और अगले 12 महीनों में IPO ला सकती है. कंपनी का लक्ष्य GPU कैपेसिटी और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करना है. जानकारों का मानना है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से हो रहा निवेश भारत को वैश्विक टेक हब बना सकता है. इससे रोजगार, स्टार्टअप और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिलेगा.
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AI हब बनने की दिशा में कदम
भारत की डेटा सेंटर कैपेसिटी 2025 में 1.93 गीगावाट है, जो 2028 तक दोगुनी होने की उम्मीद है. आने वाले पांच से सात साल में AI इंफ्रास्ट्रक्चर में 277 अरब डॉलर तक निवेश की योजना है. इससे भारत वैश्विक AI बाजार में मजबूत स्थिति बना सकता है. Nvidia GPU, डेटा सेंटर विस्तार और वैश्विक निवेश के साथ भारत AI की दौड़ में तेजी से आगे बढ़ रहा है.
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