111 रुपये रोजाना के लिए अब भी नोएडा की सड़कों पर मजदूर, सरकार ने दिया है ₹91 का तोहफा, समझें मिनिमम वेज का कैलकुलेशन
Noida Labour Wage: मंगलवार को प्रदेश की सरकार ने श्रमिकों के वेतन में 21 फीसदी तक इजाफा कर, विरोध की आंच को कम करने की कोशिश की. लेकिन मजदूर इसे खुश नहीं हुए और अब उनका कहना है कि हालिया वेतन संशोधन नाकाफी है.

Noida Labour Wage: उत्तर प्रदेश के नोएडा में जो बात मजदूरी बढ़ाने की मांग के तौर पर शुरू हुई थी, वह अब वेतन से जुड़े सबसे गंभीर विवादों में से एक बन गई है. मंगलवार को प्रदेश की सरकार ने श्रमिकों के वेतन में 21 फीसदी तक इजाफा कर, विरोध की आंच को कम करने की कोशिश की. लेकिन मजदूर इसे खुश नहीं हुए और अब उनका कहना है कि हालिया वेतन संशोधन नाकाफी है. अब उनकी मांग है कि न्यूनतम मजदूरी को 20,000 रुपये महीने किया जाए.
प्रदर्शन के बाद बढ़ा वेतन
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने अकुशल, अर्ध-कुशल और कुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी में अंतरिम बढ़ोतरी की घोषणा की है. यह घोषणा नोएडा में श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन के हिंसक रूप लेने के एक दिन बाद की गई.
21 फीसदी का इजाफा
एक अंतरिम उपाय के तौर पर राज्य सरकार ने 1 अप्रैल से पूरे राज्य में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में 21 फीसदी तक की बढ़ोतरी की है. नोएडा और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों की मजदूरी में 21 फीसदी की बढ़ोतरी होगी, जिन शहरों में नगरपालिकाएं हैं, वहां 15 फीसदी की बढ़ोतरी होगी, और बाकी जगहों पर 9 फीसदी की बढ़ोतरी होगी.
प्रतिदिन कितनी बढ़ी मजदूरी
उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी अभी 11,313 रुपये प्रति माह है. यानी प्रतिदिन के हिसाब से देखें तो इन्हें करीब 377 रुपये मिलते हैं. लेकिन 1 अप्रैल से इस न्यूनतम मजदूरी को 13,690 रुपये कर दिया गया है, तो अब मजदूरों को लगभग 456 रुपये प्रतिदिन मिलेगे. यानी अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में 79 रुपये प्रतिदिन का इजाफा हुआ है.
इसी तरह जिन इलाकों में नगरपालिकाएं हैं, वहां काम करने वालों को 13,006 रुपये प्रति माह मिलेंगे. पहले यह वेतन 11,313 रुपये था. यानी अब प्रतिदिन 433 रुपये मिलेंगे. पहले प्रतिदिन 377 रुपये मिलते थे. इस तरह न्यूनतम वेतन में 56 रुपये प्रतिदिन का इजाफा हुआ है. जबकि राज्य के बाकी हिस्सों में काम करने वालों को 12,356 रुपये मिलेंगे, यानी 411 रुपये प्रतिदिन की कमाई मजदूर करेंगे.
अर्ध-कुशल श्रमिकों के वेतन में कितना इजाफा
नोएडा और गाजियाबाद में अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन 12,445 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 15,059 रुपये कर दिया गया है. यानी इन्हें पहले 414 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी मिलती थी, अब बढ़े हुए वेतन के अनुसार, उन्हें लगभग 501 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से न्यूनतम मजदूरी मिलेगी. इस तरह उन्हें कुल 87 रुपये बढ़कर मिलेगा.
न्यूनतम मजदूरी बढ़ोतरी का विवरण
| श्रेणी / क्षेत्र | पुराना मासिक वेतन (₹) | नया मासिक वेतन (₹) | पुराना दैनिक वेतन (₹) | नया दैनिक वेतन (₹) | दैनिक बढ़ोतरी (₹) |
| अकुशल (नोएडा/गाजियाबाद – 21%) | 11,313 | 13,690 | 377 | 456 | 79 |
| अकुशल (नगरपालिका क्षेत्र – 15%) | 11,313 | 13,006 | 377 | 433 | 56 |
| अकुशल (अन्य क्षेत्र – 9%) | 11,313 | 12,356 | 377 | 411 | 34 |
| अर्ध-कुशल (नोएडा/गाजियाबाद) | 12,445 | 15,059 | 414 | 501 | 87 |
| कुशल श्रमिक | 13,940 | 16,668 | 464 | 555 | 91 |
कुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी
इसी तरह कुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी को 13,940 रुपये से बढ़ाकर 16,668 रुपये प्रति माह कर दिया गया है. यानी पहले लगभग 464 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मिलते थे, लेकिन अब बढ़ोतरी के बाद लगभग 555 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मिलेगा. यानी अब प्रतिदिन 91 रुपये अधिक मिलेंगे.
मजदूर अब मिनिमम वेतन को 20,000 रुपये प्रति महीने करने की मांग कर रहे हैं. अगर इस हिसाब से देखें, तो मजदूरों की मांग है कि प्रतिदिन उनकी न्यूनतम कमाई लगभग 666 रुपये की जाए. अगर कुशल श्रमिकों की बढ़े हुए वेतन से मांग की जाने वाली सैलरी को देखें, तो करीब 111 रुपये का अंतर है. यानी अब मजदूर 111 रुपये के लिए नोएडा की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.