मुश्किलों में घिरा भारत-ब्रिटेन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, स्कॉच व्हिस्की पर टैरिफ में कटौती पर फिर से हो सकता है विचार

भारत-ब्रिटेन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट अब मुश्किलों में घिरता नजर आ रहा है. इस समझौते पर पिछले साल मई में हस्ताक्षर किए गए थे और जिसके इस साल लागू होने की उम्मीद थी. ब्रिटेन के ट्रेड सेक्रेटरी पीटर काइल मंगलवार को कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल के साथ बातचीत के लिए भारत आ रहे हैं.

भारत- ब्रिटेन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट. Image Credit: CANVA

भारत और ब्रिटेन के बीच नई द्विपक्षीय व्यापार वार्ता से पहले एक अहम खबर सामने आई है. एक भारतीय अधिकारी ने सोमवार को नई द्विपक्षीय व्यापार वार्ता से पहले कहा कि अगर ब्रिटेन, स्टील सुरक्षा उपायों को लेकर नई दिल्ली की चिंताओं का समाधान करने में विफल रहता है, तो भारत स्कॉच व्हिस्की जैसे उत्पादों पर ब्रिटेन को दी गई टैरिफ रियायतों पर फिर से विचार कर सकता है. भारत-ब्रिटेन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट अब मुश्किलों में घिरता नजर आ रहा है. इस समझौते पर पिछले साल मई में हस्ताक्षर किए गए थे और जिसके इस साल लागू होने की उम्मीद थी.

क्यों हुआ ऐसा?

ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि ब्रिटेन ने अपने घरेलू उद्योग की सुरक्षा के लिए स्टील आयात पर कड़े सुरक्षा उपाय प्रस्तावित किए हैं. एक भारतीय व्यापार अधिकारी ने सोमवार को पत्रकारों से कहा, ‘अगर वे अपने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का फायदा नहीं उठाते हैं, तो हम हमेशा उन रियायतों पर फिर से विचार कर सकते हैं जो हमने उन्हें दी थीं.

भारत आ रहे हैं ब्रिटेन के ट्रेड सेक्रेटरी

ब्रिटेन के ट्रेड सेक्रेटरी पीटर काइल मंगलवार को कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल के साथ बातचीत के लिए भारत आ रहे हैं. इस ट्रेड पैक्ट के तहत, भारत ने स्कॉच व्हिस्की पर टैरिफ को शुरू में 150 फीसदी से घटाकर 75 फीसदी करने और फिर 10 साल में इसे और घटाकर 40 फीसदी करने पर सहमति जताई है.

सामानों पर टैरिफ में कटौती की बात

इस डील में दोनों पक्षों द्वारा टेक्सटाइल से लेकर व्हिस्की और कारों तक, कई तरह के सामानों पर टैरिफ में कटौती की बात कही गई है. साथ ही, यह दुनिया की पांचवीं और छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में व्यवसायों के लिए मार्केट एक्सेस को भी बढ़ाएगी. दोनों देशों को उम्मीद है कि इस समझौते से 2040 तक द्विपक्षीय व्यापार में अतिरिक्त 25.5 अरब पाउंड ($34 अरब) की बढ़ोतरी होगी.

भारत ने जताई आपत्ति

भारत ने ब्रिटेन के स्टील सेफगार्ड उपायों पर आपत्ति जताई है. भारत का कहना है कि इन उपायों से भारतीय निर्यात के लिए बाजार तक पहुंच सीमित हो सकती है. अधिकारियों ने बताया कि यह विवाद टैरिफ-मुक्त कोटा और स्टील की कुछ खेपों पर अधिक ड्यूटी को लेकर है. इससे भारतीय निर्यातकों के लिए एक नई अनिश्चितता पैदा हो गई है, जबकि दोनों पक्ष व्यापार समझौते को लागू करने पर काम कर रहे हैं.

भारत ने ब्राजील, तुर्की, जापान, दक्षिण कोरिया, स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर, विश्व व्यापार संगठन में ब्रिटेन द्वारा टैरिफ-मुक्त स्टील आयात पर लगाए गए नए प्रतिबंधों को लेकर चिंता जताई है.

कार्बन से जुड़े सीमा-संबंधी उपाय

ब्रिटेन ने कार्बन उत्सर्जन कम करने के अपने प्रयासों के तहत, 1 जनवरी 2027 से कार्बन से जुड़े सीमा-संबंधी उपाय लागू करने का प्रस्ताव भी रखा है, जिसमें लोहा और स्टील, एल्यूमीनियम, सीमेंट और उर्वरक जैसे उत्पादों के आयात को शामिल किया गया है.

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