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यूपी में न्यूनतम मजदूरी में 21% की बढ़ोतरी का ऐलान, जानें अब कितनी मिलेगी सैलरी, नोएडा प्रदर्शन के बाद आया फैसला!

सरकार ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब नोएडा और गाजियाबाद जैसे औद्योगिक हब में मजदूरों और प्रबंधन के बीच टकराव चरम पर था. मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह निर्णय उद्योगों की चुनौतियों और श्रमिकों की जरूरतों के बीच संतुलन बनाने की एक कोशिश है.

Noida sec 62 Protest Image Credit: PTI

नोएडा में सोमवार को हुए श्रमिक प्रदर्शन और भड़की हिंसा के बाद उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मजदूरों के गुस्से को शांत करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने प्रदेश के लाखों मजदूरों के न्यूनतम वेतन (Minimum Wage) में 1,000 रुपये से लेकर 3,000 रुपये तक की बड़ी बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है. यह नया शासनादेश 1 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में प्रभावी हो गया है, जिसे श्रमिक हितों की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.

नया वेतन चार्ट

योगी सरकार ने एनसीआर के जिलों (गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद) के लिए विशेष स्लैब तय किया है, क्योंकि यहां रहने का खर्च अन्य जिलों की तुलना में अधिक है.

गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में नई दरें:

  • अकुशल मजदूर (Unskilled): 11,313 रुपये से बढ़कर अब 13,690 रुपये मिलेंगे.
  • अर्धकुशल मजदूर (Semi-skilled): 12,445 रुपये से बढ़कर अब 15,059 रुपये मिलेंगे.
  • कुशल मजदूर (Skilled): 13,940 रुपये से बढ़कर अब 16,868 रुपये मिलेंगे.

अन्य नगर निगम क्षेत्रों में वेतन:

  • अकुशल: 13,006 रुपये
  • अर्धकुशल: 14,306 रुपये
  • कुशल: 16,025 रुपये

अंतरिम राहत के लिए लिया गया फैसला

योगी सरकार का मानना है कि इस कदम से औद्योगिक अशांति खत्म होगी और मजदूरों का पलायन रुकेगा. हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह बढ़ोतरी फिलहाल एक ‘अंतरिम राहत’ के तौर पर दी गई है. इसके बाद एक ‘वेज बोर्ड’ (Wage Board) का गठन किया जाएगा जो पूरे मामले की व्यापक समीक्षा करेगा.

यह भी पढ़ें: मैं नोएडा हूं! जापान से ज्यादा कमाई, UP का सबसे अमीर शहर; फिर क्यों मेरी सड़कों पर मजदूर?

यानी आने वाले समय में श्रमिकों के वेतन और सुविधाओं में और भी सुधार की गुंजाइश बनी हुई है. नोएडा की हिंसा के बाद लिया गया यह फैसला सीधे तौर पर उन हजारों मजदूरों के लिए मरहम का काम करेगा जो लंबे समय से बेहतर वेतन की मांग कर रहे थे.