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Coca-Cola की बॉटलिंग कंपनी का IPO आएगा, SEBI के पास फाइल किए ड्राफ्ट पेपर; जानें पूरी डिटेल

Coca-Cola की भारतीय बॉटलिंग कंपनी Hindustan Coca-Cola Beverages (HCCB) की पैरेंट कंपनी Hindustan Coca-Cola Holdings ने IPO के लिए SEBI के पास DRHP दाखिल किया है. यह पूरी तरह OFS होगा, जिसमें 99.74 करोड़ शेयरों की बिक्री होगी.

आईपीओ Image Credit: Canva/ Money9

Highlights

  • HCCB की पैरेंट कंपनी HCCH ने 6 नवंबर 2026 को IPO के लिए SEBI के पास DRHP दाखिल किया.
  • IPO पूरी तरह OFS होगा. इसके तहत 99,74,61,456 इक्विटी शेयरों की बिक्री प्रस्तावित है.
  • जून 2026 को समाप्त तीन महीने की अवधि में कंपनी का रेवेन्यू 20.46% बढ़कर 4,310.17 करोड़ रुपये हो गया.

Coca-Cola की भारतीय बॉटलिंग कंपनी Hindustan Coca-Cola Beverages (HCCB) के IPO की तैयारी तेज हो गई है. इसकी पैरेंट कंपनी Hindustan Coca-Cola Holdings Limited (HCCH) ने प्रस्तावित IPO भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर दिया है. कंपनी के शेयर 2027 में BSE और NSE पर लिस्ट करने की योजना है.

इस IPO में नए शेयर जारी नहीं किए जाएंगे. यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा. इसके तहत Hindustan Coca-Cola Overseas Holdings Pte Ltd के 99,74,61,456 इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे. हर शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है. यानी IPO के जरिए मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे.

IPO में कौन बेचेगा अपनी हिस्सेदारी?

DRHP के मुताबिक, इस IPO के तहत Hindustan Coca-Cola Overseas Holdings Pte Ltd अपने 99,74,61,456 इक्विटी शेयरों की बिक्री करेगी. यह पूरा इश्यू OFS के रूप में आएगा. इसका मतलब है कि कंपनी इस IPO के जरिए नए शेयर जारी करके सीधे कैपिटल नहीं जुटाएगी.

कंपनी के शेयरों को 2027 में BSE और NSE पर लिस्ट करने का प्रस्ताव है. The Coca-Cola Company के प्रेसिडेंट और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर जॉन मर्फी ने पिछले महीने सितंबर तिमाही के नतीजे घोषित करने के बाद एनालिस्ट्स से कहा था कि कंपनी भारत में अपने बॉटलिंग कारोबार के संभावित IPO की संभावना तलाश रही है. उन्होंने कहा था कि इस बारे में जरूरत के मुताबिक आगे जानकारी दी जाएगी.

HCCB के कारोबार में कितनी हुई बढ़ोतरी?

Hindustan Coca-Cola Holdings Limited अपनी सब्सिडियरी Hindustan Coca-Cola Beverages (HCCB) के जरिए कारोबार करती है. HCCB मुख्य रूप से भारत के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में काम करती है. 30 जून 2026 को समाप्त तीन महीने की अवधि में कंपनी के रेवेन्यू में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई. इस दौरान ऑपरेशंस से रेवेन्यू 20.46% बढ़कर 4,310.17 करोड़ रुपये हो गया. वहीं, कंपनी की कुल बिक्री मात्रा यानी सेल्स वॉल्यूम में 18.61% की बढ़ोतरी हुई.

कंपनी का EBITDA मार्जिन भी बेहतर हुआ. अन्य आय और असाधारण मदों को छोड़कर EBITDA मार्जिन पिछले साल की इसी अवधि के 13.76% से बढ़कर 17.20% हो गया.

Jubilant Beverages ने खरीदी थी 40% हिस्सेदारी

कंपनी के शेयरहोल्डिंग ढांचे में भी हाल के समय में बदलाव हुआ है. साल 2025 में Jubilant Beverages ने HCCB में 40% हिस्सेदारी खरीदी थी. फिलहाल HCCH के पास कंपनी की 60% हिस्सेदारी है. IPO के बाद HCCH की हिस्सेदारी घटकर 45% रह जाएगी.

DRHP के मुताबिक, कंपनी जिन चुनिंदा राज्यों में कारोबार करती है, वहां की कुल आबादी करीब 616.9 मिलियन है. इन राज्यों में भारत के आठ सबसे बड़े मेट्रो शहरों में से पांच शामिल हैं. इन राज्यों की प्रति व्यक्ति GDP देश के औसत से करीब 1.5 गुना है.

2031 तक कितना बड़ा हो सकता है पेय पदार्थों का बाजार?

DRHP में कंपनी ने अपने कारोबार वाले चुनिंदा राज्यों में नॉन-अल्कोहलिक रेडी-टू-ड्रिंक (NARTD) पेय पदार्थों के बाजार की संभावनाओं का भी जिक्र किया है.

दस्तावेज के मुताबिक, इन राज्यों में NARTD पेय पदार्थों का बाजार FY26 में 637.3 अरब रुपये यानी 63,730 करोड़ रुपये का था. इसके FY31 तक बढ़कर 1,183.2 अरब रुपये यानी 1,18,320 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है. इस दौरान बाजार के 13.17% की एनुअल कंपाउड रेट (CAGR) से बढ़ने का अनुमान है.

कंपनी ने हाल के समय में अपनी कारोबारी रणनीति में भी बदलाव किए हैं. इसमें डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत करना, प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का विस्तार करना और अलग-अलग प्रोडक्ट की कीमत और पैकेजिंग को बेहतर बनाना शामिल है. DRHP के मुताबिक, इसका मकसद पोर्टफोलियो में मौजूद कमियों को दूर करना है.

IPO के लिए इन बैंकरों को मिली जिम्मेदारी

इस IPO के लिए Kotak Mahindra Capital Company Limited, Citigroup Global Markets India Private Limited, J.P. Morgan India Private Limited, Morgan Stanley India Company Private Limited, Axis Capital Limited, Goldman Sachs (India) Securities Private Limited और IIFL Capital Services Limited को बुक-रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है. भारत Coca-Cola के लिए दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा बाजार है. कंपनी को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में भारत उसका दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार बन सकता है. ऐसे में HCCB की प्रस्तावित लिस्टिंग पर निवेशकों की नजर रहेगी.

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