Muhurat Trading 2026: गोल्ड या सिल्वर ETF, कहां लगाएं पैसा? किसमें 62% तक तेजी का अनुमान
मुहूर्त ट्रेडिंग 2026 में Gold ETF और Silver ETF निवेश के विकल्प हो सकते हैं. संवत 2083 में सोने की कीमत 26% और चांदी की कीमत 62% तक बढ़ने का अनुमान है. हालांकि, चांदी में उतार-चढ़ाव ज्यादा हो सकता है. निवेश से पहले जोखिम क्षमता, ETF का प्रीमियम और ट्रेडिंग वॉल्यूम देखना जरूरी है.
Highlights
- संवत 2083 में सोने की कीमत 1,42,500 रुपये से बढ़कर 1,80,000 रुपये तक पहुंचने का अनुमान है. संभावित तेजी 26% है.
- चांदी की कीमत 1,85,000 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 3,00,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है.
- कम जोखिम लेने वाले निवेशक Gold ETF पर विचार कर सकते हैं, जबकि ज्यादा जोखिम उठाने की क्षमता वाले निवेशक Silver ETF देख सकते हैं.
दिवाली के मौके पर अगर आप मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान सोने या चांदी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो Gold ETF और Silver ETF आपके लिए एक विकल्प हो सकते हैं. खासकर उन छोटे निवेशकों के लिए, जो सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों के चलते फिजिकल गोल्ड या सिल्वर खरीदने का खर्च नहीं उठा सकते. ETF के जरिए निवेशक कम रकम में सोने या चांदी की कीमतों में होने वाले बदलाव का फायदा उठा सकते हैं.
मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, संवत 2083 में सोने की कीमत में 26% तक और चांदी की कीमत में 62% तक तेजी आने का अनुमान है. मौजूदा अनुमान के हिसाब से चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा संभावित रिटर्न दिख रहा है. हालांकि, सिर्फ ज्यादा रिटर्न के अनुमान को देखकर Silver ETF चुनना सही फैसला नहीं होगा. निवेश से पहले अपने जोखिम उठाने की क्षमता, ETF में ट्रेडिंग वॉल्यूम और उसके प्रीमियम को भी समझना जरूरी है.
संवत 2083 में सोने और चांदी की कीमत कहां तक जा सकती है?
रिपोर्ट में दिए गए बाजार अनुमानों के मुताबिक, भारत में सोने की मौजूदा कीमत करीब 1,42,500 रुपये प्रति 10 ग्राम है. अनुमान है कि अगले साल दिवाली तक सोने का भाव बढ़कर 1,80,000 रुपये तक पहुंच सकता है. इस हिसाब से संवत 2083 में सोने की कीमत में करीब 26% तक तेजी आने की संभावना जताई गई है.
वहीं, चांदी की मौजूदा कीमत करीब 1,85,000 रुपये प्रति किलो बताई गई है. अनुमान है कि दिवाली 2027 तक इसका भाव बढ़कर 3,00,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकता है. इस हिसाब से चांदी की कीमत में करीब 62% तक की बढ़ोतरी हो सकती है.
| मेटल | मौजूदा कीमत | अगली दिवाली तक अनुमानित कीमत | संभावित तेजी |
|---|---|---|---|
| सोना | ₹1,42,500 | ₹1,80,000 | 26% |
| चांदी | ₹1,85,000 प्रति किलो | ₹3,00,000 प्रति किलो | 62% |
ये कीमतों को लेकर लगाए गए अनुमान हैं, पक्के रिटर्न की गारंटी नहीं. बाजार की स्थिति के हिसाब से वास्तविक कीमतों में बदलाव हो सकता है.
Gold ETF और Silver ETF में क्या है अंतर?
Gold ETF और Silver ETF के जरिए निवेशक बिना फिजिकल सोना या चांदी खरीदे इनकी कीमतों में होने वाले बदलाव से जुड़ा निवेश कर सकते हैं. इसमें निवेशक फंड हाउस की ओर से जारी ETF की यूनिट खरीदता है. इन यूनिट का रिटर्न संबंधित मेटल की कीमतों से जुड़ा होता है.
Gold ETF और Silver ETF दोनों की यूनिट BSE और NSE पर खरीदी-बेची जा सकती हैं. इसके लिए निवेशक के पास डीमैट अकाउंट होना जरूरी है. निवेशक चाहें तो म्यूचुअल फंड के जरिए भी निवेश कर सकते हैं. इसके लिए Gold ETF या Silver ETF के फंड ऑफ फंड्स (FoF) विकल्प को चुना जा सकता है.
Gold ETF या Silver ETF, किसमें निवेश करना बेहतर?
सोने और चांदी के बीच सबसे बड़ा अंतर इनके इस्तेमाल और कीमतों में उतार-चढ़ाव का है. सोने को मुख्य रूप से निवेश के विकल्प के तौर पर देखा जाता है. दुनिया भर के केंद्रीय बैंक भी वित्तीय जरूरतों और आपात स्थिति के लिए सोना खरीदते हैं.
वहीं, चांदी का इस्तेमाल निवेश के साथ-साथ इंडस्ट्रियल जरूरतों में भी होता है. यही वजह है कि औद्योगिक मांग और दूसरी परिस्थितियों का असर चांदी की कीमतों पर पड़ सकता है. इससे इसमें सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
इस आधार पर कम जोखिम उठाने वाले निवेशकों के लिए Gold ETF एक विकल्प हो सकता है. वहीं, जो निवेशक ज्यादा जोखिम उठा सकते हैं और ज्यादा रिटर्न की संभावना तलाश रहे हैं, वे Silver ETF पर विचार कर सकते हैं.
इसलिए दिवाली पर Gold ETF और Silver ETF में से किसी एक को चुनने का फैसला सिर्फ इस आधार पर नहीं करना चाहिए कि किसमें ज्यादा तेजी का अनुमान है. निवेशक को अपनी जोखिम उठाने की क्षमता भी देखनी चाहिए.
Gold और Silver ETF खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
ETF में निवेश करते समय सिर्फ सोने या चांदी की कीमत पर नजर रखना काफी नहीं है. निवेशक को यह भी देखना चाहिए कि संबंधित ETF किस प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है. अगर किसी Gold ETF या Silver ETF का प्रीमियम बहुत ज्यादा है, तो उसमें निवेश करने से बचना बेहतर हो सकता है. कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट आने पर ज्यादा प्रीमियम पर ट्रेड करने वाले ETF में भी गिरावट का जोखिम रहता है.
ETF के प्रीमियम की तुलना करने का एक तरीका कैटेगरी के रिटर्न और संबंधित प्लान के रिटर्न के बीच अंतर देखना है. अगर किसी प्लान का रिटर्न अपनी कैटेगरी के रिटर्न से कम है, तो प्रीमियम के लिहाज से उसकी स्थिति बेहतर हो सकती है. इसके साथ ही ETF के ट्रेडिंग वॉल्यूम पर भी नजर रखनी चाहिए.
किन कंपनियों के Gold और Silver ETF पर रख सकते हैं नजर?
रिपोर्ट में ICICI Prudential और Nippon India के Gold ETF और Silver ETF को लोकप्रिय विकल्पों में शामिल बताया गया है. निवेशक इन फंड हाउस के ETF पर भी नजर रख सकते हैं. हालांकि, किसी ETF को चुनने से पहले उसके प्रीमियम, ट्रेडिंग वॉल्यूम और रिटर्न की तुलना करना जरूरी है. सिर्फ पॉपुलर होने के आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए.
दिवाली पर निवेश से पहले क्या समझें?
संवत 2083 के लिए सोने और चांदी दोनों में तेजी का अनुमान है. हालांकि, चांदी में 62% तक संभावित तेजी का अनुमान सोने के 26% के अनुमान से ज्यादा है. लेकिन चांदी में औद्योगिक मांग के कारण कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव भी हो सकता है.
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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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