वेनेजुएला में टॉफी की कीमत में मिलता है पेट्रोल, दाम मात्र ₹3, जाने क्यों है इतना सस्ता

अमेरिकी सेना के कराकास में हमले के बाद वेनेजुएला फिर सुर्खियों में है. वेनेजुएला में पेट्रोल करीब 3 रुपये लीटर है. आइये जानते हैं कि आर्थिक संकट से जूझ रहे इस देश में आखिर ऑयल की कीमतें इतनी सस्ती क्यों हैं.

वेनेजुएला Image Credit: canva

अमेरिका ने शनिवार सुबह वेनेजुएला की राजधानी कराकास में जोरदार हमला किया. हाल के महीनों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार वेनेजुएला पर ड्रग तस्करी से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाने की चेतावनी देते रहे थे. इस कार्रवाई के बाद वैश्विक राजनीति और तेल बाजारों में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. दरअसल, वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा कच्चे तेल का भंडार है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां एक लीटर पेट्रोल की कीमत महज 0.028 डॉलर, यानी करीब 3 रुपये है. सवाल उठता है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव और आर्थिक संकट से जूझ रहे वेनेजुएला में पेट्रोल इतना सस्ता क्यों है.

दुनिया का सबसे बड़ा कच्चे तेल का भंडार

OPEC की Annual Statistical Bulletin 2025 के अनुसार, वर्ष 2024 के अंत तक दुनिया के तेल भंडार बेहद सीमित देशों में केंद्रित हैं. इस सूची में वेनेजुएला पहले स्थान पर है, जिसके पास करीब 303 अरब बैरल तेल का भंडार है. इसके बावजूद, अमेरिकी प्रतिबंधों और ट्रंप प्रशासन के दौरान वेनेजुएला के तेल शिपमेंट जब्त किए जाने जैसी कार्रवाइयों ने वहां की सरकार की तेल निर्यात क्षमता को बुरी तरह प्रभावित किया है. नतीजतन, यह विशाल संसाधन आर्थिक और भू-राजनीतिक ताकत में पूरी तरह तब्दील नहीं हो सका है.

ऑयल सस्ता होने के प्रमुख कारण

  • भारी सब्सिडी: सरकार सामाजिक स्थिरता बनाए रखने के लिए पेट्रोल की कीमतें बेहद कम रखती है. इसका खामियाजा सरकारी खजाने को अरबों डॉलर के नुकसान के रूप में उठाना पड़ता है और पड़ोसी देशों में तस्करी भी बढ़ती है.
  • हेवी क्रूड ऑयल: वेनेजुएला का कच्चा तेल हेवी व सॉर युक्त होता है, जिसे रिफाइन करने के लिए विशेष और महंगी तकनीक चाहिए. इसी वजह से यह हल्के कच्चे तेल की तुलना में कम पसंद किया जाता है और सस्ता बिकता है.
  • कुप्रबंधन और कम निवेश: सरकारी तेल कंपनी PDVSA में भ्रष्टाचार, रखरखाव की कमी और तकनीकी विशेषज्ञों की जगह राजनीतिक नियुक्तियों के कारण उत्पादन क्षमता बुरी तरह घट गई है.
  • अमेरिकी प्रतिबंध: प्रतिबंधों के चलते नकद भुगतान करने वाले खरीदार नहीं मिलते है. वेनेजुएला को तेल के बदले सामान लेना पड़ता है या चीन, रूस और यूरोपीय कंपनियों को पुराने कर्ज चुकाने में तेल देना पड़ता है.
  • जर्जर इंफ्रास्ट्रक्चर: पुराने रिफाइनरी और उपकरण ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं, जिससे तेल के प्रसंस्करण और उत्पादन में और बाधाएं आती हैं.

टॉप 10 कच्चे तेल के भंडार वाले देश

रैंकदेशरिजर्व (मिलियन बैरल)
1Venezuela303,221
2Saudi Arabia267,200
3Iran208,600
4Canada163,000
5Iraq145,019
6United Arab Emirates113,000
7Kuwait101,500
8Russia80,000
9Libya48,363
10United States45,014

भारत-वेनेजुएला तेल व्यापार

भारत पहले वेनेजुएला से रोजाना करीब 3 से 4 लाख बैरल कच्चा तेल आयात करता था लेकिन अमेरिका के प्रतिबंध लगाने के बाद से भारत लगभग न के बराबर तेल खरीद रहा है. कुछ राहत मिलने पर आयात फिर शुरू हुआ, लेकिन बहुत कम स्तर पर. भारत फिलहाल इराक, सऊदी अरब, रूस और यूएई जैसे देशों से तेल खरीदता है.

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