US Attacks Venezuela: अमेरिका ने वेनेजुएला पर क्यों किया हमला, 190 साल पुराना रिश्ता टूटा, ऐसे बदले हालात

3 जनवरी 2026 को वेनेजुएला की राजधानी कराकास में तड़के जोरदार धमाकों ने शहर को दहला दिया. सैन्य ठिकानों के पास धुएं के गुबार उठे, बिजली गुल हो गई और कम ऊंचाई पर विमानों की गूंज सुनाई दी. अमेरिका ने सैन्य हमले किए, ट्रंप ने मादुरो को पकड़कर देश से बाहर भेजने का दावा किया. मादुरो ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया. दशकों पुराना तनाव अब खुले युद्ध में बदल गया.

Why USA Attacks on Venezuela Image Credit: money9live

Why USA Attacks on Venezuela: वेनेजुएला की राजधानी कराकास में शनिवार सुबह कई जोरदार धमाकों ने शहर को हिला दिया. स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 2 बजे शुरू हुए इन विस्फोटों की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी, साथ ही कम ऊंचाई पर उड़ते विमानों की गूंज भी महसूस की गई. कई इलाकों में बिजली गुल हो गई और धुएं के गुबार उठते देखे गए, जिनमें सैन्य ठिकानों के आसपास की जगहें शामिल हैं. यह हमला अमेरिका के द्वारा किया गया. यह घटना अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुई है. हाल के महीनों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला पर ड्रग तस्करी से जुड़े ठिकानों पर हमलों की धमकी दी थी और जमीनी कार्रवाई की संभावना जताई थी. इसके जवाब में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है.

गौर करने वाली बात यह है कि अमेरिकी महाद्वीप के दोनों देशों के बीच संबंध रातों-रात खराब नहीं हुए हैं. पिछले 190 साल से दोनों देशों के बीच संबंध उतार-चढ़ाव से गुजरे हैं. 1835 वह साल था जब अमेरिका ने वेनेजुएला को आजाद मुल्क की मान्यता दी थी. अब 2026 वह वर्ष है जब अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला किया है. इस रिपोर्ट में आप जानेंगे कि दोनों देशों के बीच रिश्ते कैसे तल्ख हुए हैं.

अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों का टूटना

कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस के मुताबिक, अमेरिका और वेनेजुएला के संबंध 2000 के मध्य से तेजी से बिगड़ने लगे. 2005 से अमेरिका ने भ्रष्टाचार, लोकतंत्र की समाप्ति, मानवाधिकार उल्लंघन और अपराधों के आरोप में वेनेजुएला के लोगों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं. ये प्रतिबंध कई राष्ट्रपतियों के कार्यकाल में कांग्रेस और व्हाइट हाउस दोनों से आए हैं.

अमेरिकी अधिकारियों ने पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज (Hugo Chávez) और मौजूदा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolás Maduro) के समय विवादित चुनावों और विपक्ष पर दमन को मुख्य कारण बताया. समय के साथ कूटनीति की जगह प्रतिबंधों और दबाव ने ले ली, क्योंकि वेनेजुएला का राजनीतिक संकट गहराता गया और वाशिंगटन से संबंध खराब होते गए.

ट्रंप प्रशासन की सख्त कार्रवाई

काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मैक्सिमम प्रेशर स्ट्रेटजी को फिर से शुरू किया. उन्होंने वेनेजुएला पर अमेरिका में कोकेन तस्करी में बड़ी भूमिका का आरोप लगाया. ट्रंप प्रशासन ने प्रतिबंध बढ़ाए, ट्रेन दे अरागुआ (Tren de Aragua) जैसे वेनेजुएला से जुड़े अपराधी समूहों को आतंकवादी संगठन घोषित किया और नारकोटिक्स रोकथाम और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए सैन्य और आर्थिक कार्रवाई बढ़ाई.

ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने साफ कहा कि उनकी मुख्य समस्या नीतिगत मतभेद नहीं, बल्कि खुद निकोलस मादुरो हैं. वे मादुरो की सरकार को अवैध, भ्रष्ट और अस्थिर करने वाला मानते हैं.

तेल: वेनेजुएला की समस्याओं की जड़!

काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस के अनुसार, वेनेजुएला का आधुनिक राजनीतिक सिस्टम 1900 के शुरुआत में बड़ा तेल भंडार मिलने के बाद बना. तेल जल्दी ही अर्थव्यवस्था की रीढ़ और सरकार की ताकत का स्रोत बन गया, जिससे सरकार पहले से अधिक ताकतवर बन गई. न्यू यॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, 1976 में वेनेजुएला ने तेल उद्योग का राष्ट्रीयकरण कर दिया. इससे सामाजिक खर्च और सरकार की ताकत बढ़ी, लेकिन देश तेल आय पर पूरी तरह निर्भर हो गया.

अमेरिका और वेनेजुएला के संबंधों कैसे बिगड़े?

अमेरिका और वेनेजुएला के संबंध दशकों से उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं. शुरुआत में अच्छे संबंध थे, लेकिन ह्यूगो शावेज के समय से तनाव बढ़ा और ट्रंप के दूसरे कार्यकाल (2025 से) में यह चरम पर पहुंच गया.

1835 – अमेरिका ने वेनेजुएला को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता दी और राजनयिक संबंध स्थापित किए. उस समय दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध थे.

1999-2013 (ह्यूगो शावेज का कार्यकाल) – शावेज राष्ट्रपति बने. उन्होंने अमेरिका पर लैटिन अमेरिका में साम्राज्यवादी महत्वाकांक्षाएं रखने और वेनेजुएला के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के आरोप लगाए. शावेज ने क्यूबा, रूस और ईरान जैसे अमेरिका के विरोधी देशों से संबंध मजबूत किए. इससे अमेरिका से संबंध और भी खराब हुए.

2013 से अब तक (निकोलस मादुरो का कार्यकाल) – शावेज की मौत के बाद मादुरो राष्ट्रपति बने. देश में लंबा राजनीतिक और आर्थिक संकट आया. हाइपरइन्फ्लेशन, तेल उत्पादन गिरावट, बड़े पैमाने पर प्रवास और मानवाधिकार उल्लंघन के मामले सामने आए. अमेरिका ने प्रतिबंध लगाए, राजनयिक अलगाव किया और विपक्ष का समर्थन किया. इसके बाद संबंध और बिगड़े.

2017-2021 (ट्रंप का पहला कार्यकाल) – ट्रंप ने मादुरो पर बड़े पैमाने पर ड्रग तस्करी में भूमिका का आरोप लगाया. अमेरिकी न्याय विभाग ने मादुरो को कार्टेल दे लोस सोलेस से जोड़ा.

2019 – ट्रंप प्रशासन ने विपक्षी नेता जुआन गुआइदो को वेनेजुएला का अंतरिम राष्ट्रपति मान्यता दी. मादुरो ने इसे तख्तापलट की कोशिश बताया.

2020 के शुरुआती वर्ष – दोनों देशों के बीच राजनयिक संवाद लगभग बंद.

2025 (ट्रंप का दूसला कार्यकाल शुरू) – ट्रंप ने वेनेजुएला के खिलाफ सख्त रुख अपनाया. कार्टेल दे लोस सोलेस और ट्रेन दे अरागुआ को विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) घोषित किया. मादुरो पर इनाम 50 मिलियन डॉलर किया और ड्रग तस्करी में सीधी भूमिका का आरोप लगाया.

अगस्त 2025 – ट्रंप ने गुप्त निर्देश पर हस्ताक्षर किए, जिससे पेंटागन को लैटिन अमेरिकी ड्रग तस्करी समूहों के खिलाफ सैन्य बल इस्तेमाल की अनुमति मिली.

2025 में सैन्य बढ़ोतरी – अमेरिका ने कैरिबियन में सैन्य मौजूदगी बढ़ाई. नौसेना जहाज, बॉम्बर, युद्धपोत और मरीन यूनिट तैनात किए. इसे “नार्को-टेररिस्ट्स” के खिलाफ ड्रग रोकथाम अभियान बताया.

सितंबर 2025 की शुरुआत – अमेरिकी सेनाओं ने ड्रग तस्करी के आरोप वाली नावों पर घातक समुद्री हमले शुरू किए. इन हमलों में कम से कम 95 लोगों की मौत हुई. यह दशकों में क्षेत्र की सबसे मजबूत अमेरिकी सैन्य कार्रवाई थी.

2025 के अंत तक – सैन्य गतिविधि बढ़ी, दोनों देशों की कड़ी बयानबाजी से संबंध शावेज के समय के बाद सबसे अस्थिर हो गए. इससे बड़ा राजनयिक और सुरक्षा संकट की आशंका बनी हुई है.

3 जनवरी 2026 – अमेरिका ने वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई शुरू की. ट्रंप ने कहा कि हमला तबतक जारी रहेगा जब तक मादुरो को पकड़न

तेल पर निर्भरता और आर्थिक संकट

काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस के डेटा से पता चलता है कि 1998 में ह्यूगो शावेज के समय तेल निर्यात कुल निर्यात का करीब 71 प्रतिशत से बढ़कर 2013 तक लगभग 98 प्रतिशत हो गया. 2014 में वैश्विक तेल कीमतें गिरने पर अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो गई, जिससे कमी, कर्ज और बड़े पैमाने पर अशांति हुई जो आज भी वेनेजुएला को प्रभावित कर रही है.

अर्थशास्त्रियों के अनुसार, तेल पर निर्भरता, कमजोर संस्थाओं और गहरे भ्रष्टाचार ने पूरी अर्थव्यवस्था को खोखला कर दिया. राज्य की आय कम होने पर अपराधी नेटवर्क मजबूत हो गए और सरकार ठीक से काम नहीं कर पाई. एबीसी न्यूज की रिपोर्टों में भी हाल के तनाव में ड्रग तस्करी और अमेरिकी हमलों का जिक्र किया था.

Source – Britannica, NYT