दक्षिण भारत बन रहा AC मैन्युफैक्चरिंग का नया हब, कंपनियां लगा रहीं बड़े प्लांट

भारत में AC की बढ़ती मांग और सरकार की PLI योजना से दक्षिण भारत मैन्युफैक्चरिंग हब बन रहा है. श्री सिटी और तमिलनाडु में कंपनियां बड़े प्लांट लगा रही हैं. इससे उत्पादन, लॉजिस्टिक्स बचत और स्थानीय कंपोनेंट निर्माण को बढ़ावा मिलेगा.

एयर कंडीशनर

Highlights

  • दक्षिण भारत AC मैन्युफैक्चरिंग का नया बड़ा हब बन रहा है
  • PLI योजना से कंपनियों का निवेश लगातार बढ़ रहा है
  • श्री सिटी में 2027 तक 60% AC बन सकते हैं

भारत में एयर कंडीशनर यानी AC की बढ़ती मांग अब कंपनियों के मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क को भी बदल रही है. देश की बड़ी AC कंपनियां उत्तर भारत से दक्षिण भारत की ओर उत्पादन का रुख कर रही हैं. इसके पीछे सरकार की PLI योजना, दक्षिण भारत में बढ़ती मांग, लंबा गर्मी का मौसम और बेहतर लॉजिस्टिक्स जैसे कई कारण हैं.

श्री सिटी से तमिलनाडु तक बन रहा नया AC कॉरिडोर

आंध्र प्रदेश के श्री सिटी और तमिलनाडु के आसपास का इलाका देश के नए AC मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर उभर रहा है. पिछले पांच वर्षों में Daikin, Blue Star, LG, Carrier और Havells Lloyd जैसी कंपनियों ने श्री सिटी में नई फैक्ट्रियां शुरू की हैं.

वहीं Voltas और Mitsubishi Electric ने तमिलनाडु में AC मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाई हैं. Samsung का पहले से ही श्रीपेरंबदूर में प्लांट मौजूद है. इस तरह चेन्नई-श्रीपेरंबदूर-श्री सिटी के करीब 100 किलोमीटर के क्षेत्र में AC मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा क्लस्टर तैयार हो रहा है.

2027 तक 60% AC उत्पादन श्री सिटी से?

श्री सिटी में 10 AC कंपनियों और 34 कंपोनेंट सप्लायर्स ने निवेश किया है. इन कंपनियों की संयुक्त उत्पादन क्षमता अगले साल तक करीब 80 लाख यूनिट पहुंचने की उम्मीद है. श्री सिटी के प्रबंधन के मुताबिक, 2027 तक भारत में बनने वाले करीब 60% AC का उत्पादन अकेले श्री सिटी से हो सकता है. आसपास के तमिलनाडु प्लांट को जोड़ने पर यह हिस्सा और बढ़ सकता है.

कंपनियों को हर AC पर करीब ₹1,200 की बचत

दक्षिण भारत में उत्पादन बढ़ाने का एक बड़ा कारण लॉजिस्टिक्स की लागत भी है. श्री सिटी चेन्नई पोर्ट से करीब 65 किलोमीटर दूर है. AC कंपनियां अपने करीब 50-60% कंपोनेंट विदेशों से आयात करती हैं. ऐसे में पोर्ट के करीब फैक्ट्री होने से इन सामानों को प्लांट तक पहुंचाना आसान और सस्ता पड़ता है.

इसके अलावा उत्तर भारत में बने AC को दक्षिण भारत तक भेजने में ज्यादा समय और खर्च लगता है. दक्षिण में प्लांट होने से कंपनियों को प्रति AC करीब ₹1,200 तक की लॉजिस्टिक्स बचत हो सकती है. ऑर्डर से डिलीवरी का समय भी करीब 12 दिन से घटकर तीन दिन तक आ सकता है.

दक्षिण में AC की मांग क्यों बढ़ रही है?

दक्षिण भारत में गर्म मौसम ज्यादा लंबे समय तक रहता है. कई इलाकों में सर्दी का असर कम होता है, इसलिए AC का इस्तेमाल लंबे समय तक किया जाता है. यही वजह है कि कंपनियों के लिए यहां सिर्फ बिक्री की संभावना ही नहीं, बल्कि पूरे साल अपेक्षाकृत मजबूत मांग का मौका भी है. इसके साथ ही देश में AC की पहुंच अभी भी काफी कम है. बढ़ती आय, शहरीकरण, आसान EMI और गर्मी बढ़ने के कारण आने वाले वर्षों में AC की मांग बढ़ने की उम्मीद है.

PLI योजना से मैन्युफैक्चरिंग को मिला बढ़ावा

सरकार की Production Linked Incentive यानी PLI योजना ने AC और उसके कंपोनेंट्स की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया है. कंपनियां अब भारत में कंपोनेंट निर्माण और सप्लाई चेन मजबूत करने पर भी निवेश कर रही हैं. इस बदलाव से दक्षिण भारत आने वाले वर्षों में सिर्फ AC बिक्री का बड़ा बाजार नहीं, बल्कि देश का प्रमुख AC उत्पादन केंद्र भी बन सकता है.