जेब पर पड़ेगी महंगाई की मार! अगस्त से चाय, TV और कार खरीदना होगा महंगा; 8% तक बढ़ सकती हैं कीमतें

अगस्त 2026 से आम लोगों पर महंगाई की एक और मार पड़ सकती है. चाय, टीवी, रेफ्रिजरेटर, स्मार्टफोन, कार, हेयर ऑयल और अपैरल समेत कई रोजमर्रा के प्रोडक्ट की कीमतें 4 फीसदी से 8 फीसदी तक बढ़ सकती हैं. पश्चिम एशिया कॉन्फ्लिक्ट और बढ़ती फ्रेट कॉस्ट, कच्चे माल की ऊंची कीमतों और रुपये में उतार-चढ़ाव के कारण कंपनियां कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं.

महंगाई की मार Image Credit: ai/canva

Price Hike August 2026: अगस्त का महीना आम लोगों के लिए महंगाई का एक और झटका लेकर आ सकता है. चाय से लेकर टेलीविजन, रेफ्रिजरेटर, पैसेंजर व्हीकल, हेयर ऑयल और अपैरल तक कई रोजमर्रा के प्रोडक्ट अगले महीने से महंगे हो सकते हैं. उद्योग जगत के जानकारों के मुताबिक, कंपनियां अगस्त में कीमतों में 6 से 8 फीसदी तक की बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रही हैं. वर्ष 2026 में अधिकांश कैटेगरी में यह तीसरी बार होगा, जब कंपनियां कीमतें बढ़ाएंगी. कंपनियों का कहना है कि पश्चिमी एशिया कॉन्फ्लिक्ट, बढ़ती फ्रेट कॉस्ट, कच्चे माल की ऊंची कीमतों और रुपये में उतार-चढ़ाव के कारण लागत लगातार बढ़ रही है. ऐसे में कंपनियों के पास कीमतें बढ़ाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है. हालांकि, कंपनियों को उम्मीद है कि त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले यह कीमतों में आखिरी बढ़ोतरी होगी.

किन प्रोडक्ट की कीमतें बढ़ेंगी

ईटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त से जिन प्रमुख प्रोडक्ट की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, उनमें शामिल हैं:

  • पैकेज्ड टी
  • हेयर ऑयल
  • रेफ्रिजरेटर
  • टेलीविजन
  • वॉशिंग मशीन
  • स्मार्टफोन
  • अपैरल
  • पैसेंजर व्हीकल

कई कंपनियां इन प्रोडक्ट की कीमतों में 4 से 8 फीसदी तक की बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रही हैं.

पश्चिमी एशिया कॉन्फ्लिक्ट बना सबसे बड़ी वजह

विशेषज्ञों के मुताबिक, वेस्ट एशिया में जारी तनाव का सीधा असर वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़ रहा है. समुद्री माल ढुलाई (फ्रेट) महंगी हो गई है. इसके अलावा कच्चे तेल और उससे जुड़े कई रॉ मैटेरियल की कीमतों में भी तेजी बनी हुई है. इसके साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी आने से आयातित कच्चा माल और अधिक महंगा हो गया है. यही वजह है कि कंपनियों की उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है.

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स पर सबसे ज्यादा असर

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में अगस्त से 4 से 6 फीसदी तक कीमतें बढ़ने की संभावना है. इस वर्ष पहले ही:

  • रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन की कीमतें 10 फीसदी से अधिक बढ़ चुकी हैं.
  • टेलीविजन की कीमतों में 15 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है.
  • मेमोरी चिप की कीमतों में पिछले 8-9 महीनों के दौरान तीन गुना तक उछाल आने से स्मार्टफोन भी लगातार महंगे हो रहे हैं.

कार खरीदना भी होगा महंगा

अगस्त से कार खरीदने वालों को भी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है.

  • मारुति सुजुकी अगस्त से अपनी कार की कीमतों में 30,000 रुपये तक की बढ़ोतरी करेगी.
  • होंडा कार्स इंडिया भी 1 अगस्त से कीमतें बढ़ाने जा रही है.
  • मर्सिडीज-बेंज इंडिया अगले क्वार्टर में कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही है.
  • टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा पहले ही इस महीने कीमतें बढ़ा चुकी हैं.

अपैरल भी नहीं रहेगा अछूता

अब तक कई अपैरल कंपनियां पुराने स्टॉक की बिक्री कर कीमतें बढ़ाने से बच रही थीं. लेकिन अब नए सीजन मर्चेंडाइज की खेप अधिक लागत पर स्टोर तक पहुंच रही है. ऐसे में अपैरल ब्रांड भी अगले महीने कीमतों में बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रहे हैं. Arvind Fashions, जो भारत में Calvin Klein और Tommy Hilfiger जैसे ब्रांड बेचती है, ने भी संकेत दिए हैं कि वह प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखने के लिए प्राइस रिवीजन कर सकती है.

FMCG Companies पर भी बढ़ा दबाव

FMCG कंपनियों पर भी लागत का दबाव बढ़ गया है. वेस्ट एशिया कॉन्फ्लिक्ट के कारण पेट्रोलियम आधारित पैकेजिंग मैटेरियल और LLDPE जैसे इनपुट महंगे हो गए हैं. टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और बजाज कंज्यूमर केयर दोनों ने हाल ही में बढ़ती लागत को लेकर चिंता जताई है.

बजाज कंज्यूमर केयर के प्रबंध निदेशक नवीन पांडे का कहना है कि सितंबर क्वार्टर तक कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि हार्वेस्ट सीजन होने के बावजूद मस्टर्ड ऑयल और आल्मंड ऑयल जैसी एडिबल ऑयल की कीमतें सामान्य से काफी अधिक बनी हुई हैं.

त्योहारी सीजन से पहले आखिरी बढ़ोतरी की उम्मीद

उद्योग जगत का मानना है कि अगस्त में होने वाली कीमतों में बढ़ोतरी संभवतः त्योहारी सीजन से पहले आखिरी होगी. भारत में ओणम के साथ फेस्टिव डिमांड शुरू होती है, जो नवरात्रि से दिवाली तक अपने चरम पर पहुंचती है. कंपनियों को उम्मीद है कि उपभोक्ता पहले की तरह इस बार भी सीमित कीमत बढ़ोतरी को स्वीकार कर लेंगे और फेस्टिव सीजन के दौरान मांग पर इसका बड़ा असर नहीं पड़ेगा.

हालांकि, आम उपभोक्ताओं के लिए यह खबर राहत देने वाली नहीं है. यदि कंपनियां अगस्त से कीमतें बढ़ाती हैं, तो घर की रसोई से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और नई कार खरीदने तक लगभग हर बड़ा खर्च पहले की तुलना में अधिक महंगा हो जाएगा.

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