₹67000 करोड़ के शेयर देंगे दस्तक! अगले 2 महीनों में खत्म होगा 49 IPO का लॉक-इन पीरियड; निवेशक हो जाएं तैयार

भारतीय शेयर बाजार में अगले दो महीनों के दौरान 49 कंपनियों का IPO Lock-in Period खत्म होने वाला है. इसके साथ ही करीब 67,000 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो जाएंगे. Nuvama Alternative & Quantitative Research की रिपोर्ट के अनुसार, Aye Finance, Fractal Analytics समेत कई कंपनियों के प्री-लिस्टिंग निवेशकों को पहली बार शेयर बेचने का मौका मिलेगा.

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IPO Lock-in Period: भारतीय शेयर बाजार में आने वाले दो महीने निवेशकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं. इसकी वजह यह है कि 27 जुलाई से 30 सितंबर 2026 के बीच हाल ही में लिस्टेड हुई 49 कंपनियों का IPO लॉक-इन पीरियड समाप्त होने वाला है. इसके बाद इन कंपनियों के प्री-लिस्टिंग निवेशकों को पहली बार अपने शेयर बेचने की अनुमति मिल जाएगी. ब्रोकरेज फर्म Nuvama Alternative & Quantitative Research की रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में करीब 8 अरब डॉलर (लगभग 67,000 करोड़ रुपये) मूल्य के शेयर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो जाएंगे.

क्या होता है IPO लॉक-इन पीरियड

जब कोई कंपनी IPO के जरिए शेयर बाजार में लिस्ट होती है, तब उसके प्रमोटर, प्राइवेट इक्विटी (PE) फंड, वेंचर कैपिटल (VC) निवेशक और अन्य शुरुआती शेयरधारकों पर एक निश्चित अवधि तक अपने शेयर बेचने पर रोक रहती है. इस अवधि को लॉक-इन पीरियड कहा जाता है.

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि कंपनी के शुरुआती निवेशक लिस्टिंग के तुरंत बाद बड़ी मात्रा में शेयर बेचकर बाजार में अस्थिरता पैदा न करें. लॉक-इन पीरियड समाप्त होने के बाद ये निवेशक अपने शेयर बेचने के लिए स्वतंत्र हो जाते हैं.

हर अनलॉक होने वाला शेयर बाजार में नहीं आएगा

Nuvama की रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब 8 अरब डॉलर मूल्य के शेयर ट्रेडिंग के लिए पात्र जरूर हो जाएंगे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इतनी बड़ी मात्रा में शेयर बाजार में बिकने आ जाएंगे. रिपोर्ट के अनुसार, इन शेयरों का बड़ा हिस्सा अभी भी प्रमोटर और प्रमोटर समूह के पास है.

आमतौर पर प्रमोटर लंबी अवधि के निवेशक होते हैं और वे लॉक-इन पीरियड समाप्त होते ही अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचते. ऐसे में वास्तविक बिक्री इससे काफी कम हो सकती है. फिर भी, यदि किसी कंपनी में बड़े निवेशक या प्राइवेट इक्विटी फंड अपनी हिस्सेदारी घटाने का फैसला करते हैं, तो उस शेयर पर अल्पकालिक दबाव देखने को मिल सकता है.

इन कंपनियों के शेयर होंगे अनलॉक

रिपोर्ट के अनुसार, अगले दो महीनों में कई कंपनियों के 1 महीने, 3 महीने और 6 महीने के लॉक-इन पीरियड समाप्त होंगे.

1 महीने के लॉक-इन पीरियड वाले प्रमुख नामों में शामिल हैं:

  • Advit Jewels
  • Waterways Leisure Tourism
  • CSM Technologies
  • Knack Packaging
  • Kusumgar
  • Laser Power & Infra
  • SBI Funds Management
  • Caliber Mining and Logistics

वहीं 3 महीने के लॉक-इन पीरियड वाली प्रमुख कंपनियां हैं:

  • OnEMI Technology Solution
  • CMR Green Technologies
  • Hexagon Nutrition
  • Turtlemint Fintech Solutions

6 महीने के लॉक-इन पीरियड में सबसे ज्यादा नजर Aye Finance पर

रिपोर्ट के अनुसार, सबसे बड़ी 6 महीने की Lock-in Expiry Aye Finance में देखने को मिलेगी. कंपनी के करीब 146 मिलियन शेयर, जो कुल इक्विटी का लगभग 59 फीसदी हैं, 13 अगस्त से बिक्री के लिए पात्र हो जाएंगे. यह इस अवधि की सबसे बड़ी अनलॉकिंग मानी जा रही है. इसके बाद Fractal Analytics का नंबर आता है, जहां 87 मिलियन शेयर, यानी कुल इक्विटी का लगभग 51 फीसदी, 14 अगस्त को अनलॉक होंगे.

इसके अलावा जिन कंपनियों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी, उनमें शामिल हैं:

  • Innovision
  • GSP Crop Science
  • Rajputana Stainless
  • SEDEMAC Mechatronics

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