बैंकों में जमा पैसों की रेस में Private Banks आगे, डिपॉजिट ग्रोथ 34% तक पहुंची; PSU Banks रह गए पीछे
वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में प्राइवेट बैंकों ने सरकारी बैंकों के मुकाबले तेजी से डिपॉजिट जुटाए. प्राइवेट बैंकों की डिपॉजिट ग्रोथ 17 फीसदी से 34 फीसदी रही, जबकि सरकारी बैंकों में यह 6.87 फीसदी से 17.01 फीसदी रही. RBL Bank की डिपॉजिट ग्रोथ 34 फीसदी रही.
Highlights
- FY27 की दूसरी तिमाही में Private Banks की डिपॉजिट ग्रोथ 17 फीसदी से 34 फीसदी रही.
- PSU Banks की डिपॉजिट ग्रोथ 6.87 फीसदी से 17.01 फीसदी के बीच रही.
- FCNR B डिपॉजिट के जरिए 31 अगस्त तक बैंकों ने 133 अरब डॉलर जुटाए.
प्राइवेट बैंकों ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में सरकारी बैंकों के मुकाबले ज्यादा तेजी से डिपॉजिट जुटाए हैं. जुलाई से सितंबर के दौरान प्राइवेट बैंकों की डिपॉजिट ग्रोथ 17 फीसदी से 34 फीसदी के बीच रही. वहीं सरकारी बैंकों में यह ग्रोथ 6.87 फीसदी से 17.01 फीसदी के बीच रही. इस दौरान FCNR B डिपॉजिट में मजबूत बढ़ोतरी को इसकी एक अहम वजह माना जा रहा है. RBI की विशेष फॉरेक्स स्वैप सुविधा के जरिए बैंकों ने विदेशी मुद्रा जमा जुटाई है. इससे बैंकिंग सिस्टम में कुल डिपॉजिट ग्रोथ भी तेज हुई है.
प्राइवेट बैंकों की डिपॉजिट ग्रोथ तेज
वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में प्राइवेट बैंकों ने डिपॉजिट जुटाने में सरकारी बैंकों को पीछे छोड़ दिया. आंकड़ों के मुताबिक प्राइवेट बैंकों की डिपॉजिट ग्रोथ सालाना आधार पर 17 फीसदी से 34 फीसदी रही. HDFC Bank की डिपॉजिट ग्रोथ 18.8 फीसदी रही. Kotak Mahindra Bank में यह 23.2 फीसदी और Axis Bank में 20.7 फीसदी रही. RBL Bank ने सबसे ज्यादा 34 फीसदी की डिपॉजिट ग्रोथ दर्ज की.
सरकारी बैंकों का प्रदर्शन कैसा रहा
सरकारी बैंकों में Bank of Baroda ने दूसरी तिमाही में सबसे ज्यादा डिपॉजिट ग्रोथ दर्ज की. बैंक के घरेलू डिपॉजिट में सालाना आधार पर 17.01 फीसदी और ग्लोबल डिपॉजिट में 16.75 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. Central Bank of India की ग्रोथ 14.43 फीसदी रही. UCO Bank के डिपॉजिट 14.05 फीसदी और Punjab and Sind Bank के 12.98 फीसदी बढे. Union Bank of India की कुल डिपॉजिट ग्रोथ 6.87 फीसदी रही.
FCNR B डिपॉजिट से मिला सपोर्ट
डिपॉजिट ग्रोथ में तेजी के पीछे FCNR B डिपॉजिट का बड़ा योगदान रहा है. Motilal Oswal Financial Services के मुताबिक सिस्टम डिपॉजिट ग्रोथ 11 से 12 फीसदी से बढ़कर 17 फीसदी हो गई. इस दौरान FCNR B के जरिए 133 अरब डॉलर का फ्लो आया. यह सिस्टम डिपॉजिट का करीब 4.5 फीसदी है. 31 अगस्त तक बैंकों ने विशेष FCNR B योजना के तहत 133 अरब डॉलर जुटाए थे.
RBI की फॉरेक्स स्वैप सुविधा क्या है
RBI ने 8 जून 2026 को FCNR B डिपॉजिट, Overseas Foreign Currency Borrowings और External Commercial Borrowings के लिए विशेष USD INR फॉरेक्स स्वैप सुविधा शुरू की थी. FCNR B डिपॉजिट के लिए यह योजना 31 अगस्त तक खुली थी. वहीं ECB और OFCB के लिए यह सुविधा 31 दिसंबर 2026 तक जारी रहेगी. FCNR B डिपॉजिट विदेशी मुद्रा में रखी जाने वाली फिक्स्ड टर्म जमा होती है. इसमें मूल रकम और ब्याज उसी विदेशी मुद्रा में वापस किया जाता है.
ये भी पढ़ें- महंगा हुआ हवाई सफर, 6 अक्टूबर से IndiGo लगाएगी फ्यूल सरचार्ज, इतनी बढ़ जाएगी कीमत
लोन ग्रोथ में भी प्राइवेट बैंक आगे
डिपॉजिट के साथ लोन ग्रोथ में भी प्राइवेट बैंकों का प्रदर्शन मजबूत रहा. दूसरी तिमाही में सरकारी बैंकों की एडवांस ग्रोथ सालाना आधार पर 12.59 फीसदी से 29.83 फीसदी के बीच रही. वहीं प्राइवेट बैंकों में यह ग्रोथ 16.3 फीसदी से 40 फीसदी के बीच रही. Motilal Oswal के मुताबिक 15 सितंबर 2026 तक सिस्टम क्रेडिट ग्रोथ 18.8 फीसदी रही. रिटेल डिमांड और MSME सेक्टर से कर्ज की मांग ने क्रेडिट ग्रोथ को सपोर्ट किया.
NIM पर क्या होगा असर
रिपोर्ट के मुताबिक FCNR B डिपॉजिट से प्राइवेट बैंकों की तेज बिजनेस ग्रोथ का असर नेट इंटरेस्ट मार्जिन यानी NIM पर पड सकता है. FCNR B से आने वाली रकम और उसके आधार पर बैंकिंग कारोबार बढ़ने से NIM पर दबाव आने की उम्मीद है. हालांकि बैंकों की ओर से इन फंड का इस्तेमाल लोन देने में बढ़ने पर स्थिति बेहतर हो सकती है. साथ ही महंगे कर्ज और देनदारियों को कम करने से भी NIM में धीरे धीरे सुधार आने की उम्मीद जताई गई है.
Latest Stories
महंगा हुआ हवाई सफर, 6 अक्टूबर से IndiGo लगाएगी फ्यूल सरचार्ज, इतनी बढ़ जाएगी कीमत
रुक गई इंडिया-US ट्रेड डील बातचीत, निर्मला सीतारमण बोलीं- हथियार की तरह इस्तेमाल हो रहा टैरिफ
रिलायंस रिटेल और 7-इलेवन की डील खत्म, मुश्किल में कन्वीनियंस स्टोर्स; अब आगे क्या होगा?
