रिलायंस ने नहीं खरीदा 50 लाख बैरल ईरानी तेल, कहा- बेबुनियाद और गुमराह करने वाले हैं ये दावे

इससे पहले, रॉयटर्स ने रिपोर्ट दी थी कि दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स को ऑपरेट करने वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 50 लाख बैरल ईरानी कच्चा तेल खरीदा है. ईरानी तेल, जिसे हाल के वर्षों में मुख्य रूप से चीन की स्वतंत्र रिफाइनरियों द्वारा खरीदा गया है.

रिलायंस इंडस्ट्री. Image Credit: Getty image

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने गुरुवार को न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि कंपनी ने ईरानी कच्चा तेल खरीदा है. कंपनी ने इन दावों को ‘बेबुनियाद’ और गुमराह करने वाला बताया. कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड उन हालिया मीडिया रिपोर्ट्स को पूरी तरह से खारिज करती है, जिनमें कहा गया है कि कंपनी ने ईरानी मूल का कच्चा तेल खरीदा है. ये रिपोर्ट्स बेबुनियाद हैं और इनसे गुमराह करने वाले तथा गलत दावे सामने आ रहे हैं. हम संबंधित मीडिया संस्थानों से आग्रह करते हैं कि वे किसी भी खबर को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि कर लें.’

50 लाख बैरल ईरानी तेल खरीदने की थी रिपोर्ट

इससे पहले, रॉयटर्स ने रिपोर्ट दी थी कि दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स को ऑपरेट करने वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 50 लाख बैरल ईरानी कच्चा तेल खरीदा है. इस मामले से परिचित तीन सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि अमेरिका द्वारा तेल पर लगाए गए प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटाने के कुछ ही दिनों बाद कंपनी ने यह खरीद की है.

चीन की रिफाइनरियों ने खरीदा है ईरानी तेल

ईरानी तेल, जिसे हाल के वर्षों में मुख्य रूप से चीन की स्वतंत्र रिफाइनरियों द्वारा खरीदा गया है, को अक्सर किसी अन्य देश के मूल का बताकर दोबारा ब्रांड किया जाता है. ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को ईरानी तेल की खरीद के लिए 30 दिनों की प्रतिबंध छूट जारी की. यह छूट उस ईरानी तेल पर लागू होती है जो पहले से ही समुद्र में है. यह छूट 20 मार्च को या उससे पहले किसी भी जहाज (प्रतिबंधों के दायरे में आने वाले टैंकरों सहित) पर लादे गए और 19 अप्रैल तक उतारे जाने वाले तेल पर लागू होगी.

30 दिनों की छूट

रूसी कच्चे तेल पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी ढील देने के बाद, अमेरिका ने 30 दिनों की छूट जारी की, जिसके तहत समुद्र में मौजूद ईरानी तेल को खरीदने की अनुमति दी गई. अमेरिका के अनुसार, यह छूट उन सभी जहाजों पर लदे तेल पर लागू होती है – जिनमें प्रतिबंधों के दायरे में आने वाले टैंकर भी शामिल हैं – जो 20 मार्च या उससे पहले रवाना हुए हों और 19 अप्रैल तक अपने गंतव्य पर पहुंच जाएं.

भारत का टॉप सप्लायार था ईरान

ईरानी कच्चे तेल पर अमेरिका द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने से पहले, ईरान भारत के शीर्ष आपूर्तिकर्ताओं में से एक था. प्रतिबंधों के बाद भारत ने ईरान से तेल का आयात रोक दिया था. मई 2019 के बाद यह पहला मौका होगा जब भारत ईरान से तेल खरीदेगा . यह अमेरिका द्वारा ईरान पर दोबारा प्रतिबंध लगाए जाने के कुछ महीनों बाद की बात है.

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