नोएडा एयरपोर्ट के आसपास प्रॉपर्टी की कीमतें 2027 तक 28 फीसदी बढ़ जाएंगी, प्लॉट के रेट में डेढ़ गुना इजाफा

रिपोर्ट में कहा गया है कि रहने-सहने की बेहतर सुविधाओं, रोजगार के नए मौकों और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार की वजह से यह बढ़ोतरी का सिलसिला आगे भी जारी रहने की उम्मीद है.

हाउसिंग सेक्टर. Image Credit: Money9live

जेवर में बनने वाले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की वजह से नोएडा के हाउसिंग मार्केट में रियल एस्टेट की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के आस-पास प्रॉपर्टी की कीमतों में 2020 से 2025 के बीच जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. ऑनलाइन प्रॉपटेक प्लेटफॉर्म Square Yards ने अपनी नई रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी है.

तीन गुना बढ़ गईं कीमतें

‘Runway to Realty: How Noida International Airport is Reshaping Realty’ नाम की इस रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले पांच साल में अपार्टमेंट की कीमतें लगभग तीन गुना हो गई हैं, जबकि प्लॉट की कीमतों में औसतन 1.5 गुना बढ़ोतरी हुई है. कुछ खास इलाकों में तो 5 गुना तक की बढ़ोतरी देखी गई है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की वजह से निवेशकों में आए जोरदार उत्साह को दिखाता है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि रहने-सहने की बेहतर सुविधाओं, रोजगार के नए मौकों और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार की वजह से यह बढ़ोतरी का सिलसिला आगे भी जारी रहने की उम्मीद है. अगले दो साल में प्लॉट और अपार्टमेंट, दोनों की कीमतों में क्रमशः 28% और 22% की बढ़ोतरी होने का अनुमान है.

NCR का दूसरा सिविल एयरपोर्ट

28 मार्च, 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन के लिए तैयार, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट NCR का दूसरा सिविल एयरपोर्ट है. यह अब तक भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक है. लॉन्च होने पर एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने की उम्मीद वाला जेवर का यह एयरपोर्ट, अपने पूरी तरह से तैयार होने के बाद हर साल लगभग 225 मिलियन यात्रियों को संभालने की क्षमता रखेगा. इससे NCR की एविएशन क्षमता में काफी बढ़ोतरी होगी, साथ ही आर्थिक गतिविधियों और शहरी विस्तार को भी बढ़ावा मिलेगा.

अहम मोड़ पर रियल एस्टेट मार्केट

Square Yards के संस्थापक और CEO, तनुज शोरी ने कहा, ‘नोएडा का रियल एस्टेट मार्केट इस समय एक अहम मोड़ पर है. यह अपने स्थानीय जुड़ाव और वैश्विक महत्वाकांक्षाओं के बीच संतुलन बना रहा है, जिसका मुख्य कारण जेवर में बनने वाला इंटरनेशनल एयरपोर्ट है. शोरी ने आगे कहा, ‘यह एयरपोर्ट एक विश्व-स्तरीय ‘एयरोट्रोपोलिस’ (एयरपोर्ट-आधारित शहर) के विकास को बढ़ावा दे रहा है, जिसका घरों की मांग, कीमतों और निवेश की गतिविधियों पर लंबे समय तक गहरा असर पड़ेगा. यह दिखाता है कि कैसे एक रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर किसी क्षेत्र की पहचान को पूरी तरह बदल सकता है और लगातार आर्थिक विकास के नए रास्ते खोल सकता है.’

एयरोट्रोपोलिस मॉडल

इस रिपोर्ट की एक खास बात यह है कि इस क्षेत्र का विकास एक नियोजित ‘एयरोट्रोपोलिस’ मॉडल पर आधारित है. यह इसे एम्स्टर्डम के शिफोल एयरपोर्ट जैसे वैश्विक मानकों के बराबर लाकर खड़ा करता है. यह मॉडल एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर को कमर्शियल, इंडस्ट्रियल, लॉजिस्टिक्स और रिहायशी इकोसिस्टम के साथ जोड़कर ऐसे शहरी केंद्र बनाता है जो अपने आप में पूरी तरह आत्मनिर्भर होते हैं.

इस एयरपोर्ट को एक बड़े आर्थिक इकोसिस्टम के केंद्र के तौर पर विकसित किया जा रहा है. इसे इंडस्ट्रियल और मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स, लॉजिस्टिक्स हब्स और कमर्शियल सेंटर्स का पूरा समर्थन हासिल है. एक्सप्रेसवे और मल्टीमॉडल ट्रांज़िट नेटवर्क के जरिए बेहतर कनेक्टिविटी से यात्रा का समय और कम होने और इस क्षेत्र की निवेश अपील और मजबूत होने की उम्मीद है.

ढांचागत बदलाव पर जोर

गुड़गांव की एक फर्म की रिपोर्ट में एक ढांचागत बदलाव पर जोर दिया गया है. एक बाहरी, अंतिम यूजर्स ड्रिवेन मार्केट से हटकर, अब यह एक तेजी से बढ़ता हुआ रियल एस्टेट निवेश का हॉटस्पॉट बन गया है. स्क्वायर यार्ड्स की वाइस-प्रेसिडेंट – रिसर्च एंड इनसाइट्स, सुनीता मिश्रा ने कहा, ‘जेवर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट पर निर्माण कार्य में तेजी आने से पहले, नोएडा का रियल एस्टेट बाजार देरी और डेवलपर से जुड़ी चुनौतियों के कारण NCR के अन्य बाजारों से पीछे था.’

मिश्रा ने आगे कहा, ‘लेकिन, एयरपोर्ट और उससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर में साफ तौर पर हो रही प्रगति के साथ, बाजार की सोच में एक स्पष्ट बदलाव आया है. डेवलपर इस बढ़ते अवसर का फायदा उठाने के लिए, विशेष रूप से ज्यादा असर वाले क्षेत्रों में, सक्रिय रूप से नए प्रोजेक्ट लॉन्च कर रहे हैं.’

रिपोर्ट के निष्कर्ष के अनुसार, जैसे-जैसे एयरपोर्ट चालू होने के करीब पहुंच रहा है, उम्मीद है कि यह NCR में रियल एस्टेट विस्तार के अगले चरण को गति देगा, जिससे यमुना एक्सप्रेसवे और उसके आस-पास के क्षेत्र तेजी से बढ़ते हुए निवेश के डेस्टिनेशन बन जाएंगे.

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