Retail Inflation: महंगाई ने फिर दिया झटका, अगस्त में 4.82 फीसदी पहुंची, प्याज और अदरक हुए महंगे
अगस्त में देश की खुदरा महंगाई बढकर 4.82 फीसदी हो गई, जबकि जुलाई में यह 4.45 फीसदी थी. खाने पीने की चीजों की कीमतों में तेजी ने महंगाई को बढाने में अहम भूमिका निभाई. खाद्य महंगाई 5.95 फीसदी रही. प्याज की महंगाई 48.27 फीसदी और अदरक की 73.82 फीसदी तक पहुंच गई. थोक महंगाई भी बढ़कर 9.92 फीसदी हो गई.
Highlights
- अगस्त में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.82 फीसदी पहुंची.
- जुलाई में खुदरा महंगाई 4.45 फीसदी थी.
- खाद्य महंगाई बढ़कर 5.95 फीसदी हुई.
महंगाई ने एक बार फिर आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है. अगस्त में देश की खुदरा महंगाई बढ़कर 4.82 फीसदी हो गई, जबकि जुलाई में यह 4.45 फीसदी थी. खाने पीने की चीजों की कीमतों में तेजी ने महंगाई बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई. अगस्त में खाद्य महंगाई 5.95 फीसदी रही. प्याज की कीमतों में 48.27 फीसदी और अदरक में 73.82 फीसदी की तेजी दर्ज की गई. अब अक्टूबर में होने वाली आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक पर सबकी नजर है, क्योंकि महंगाई का यह आंकड़ा ब्याज दरों के फैसले को प्रभावित कर सकता है.
अगस्त में खुदरा महंगाई कितनी बढ़ी
नेशनल स्टैटिस्टिकल ऑफिस के आंकडों के मुताबिक, अगस्त में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स बेस्ड खुदरा महंगाई 4.82 फीसदी रही. जुलाई में यह 4.45 फीसदी थी. यानी एक महीने में खुदरा महंगाई में 0.37 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. ग्रामीण इलाकों में महंगाई 5.23 फीसदी रही. वहीं शहरी इलाकों में यह 4.31 फीसदी दर्ज की गई. सरकार ने आरबीआई को महंगाई 4 फीसदी के आसपास रखने की जिम्मेदारी दी है.
खाने पीने की चीजों ने बढ़ाई महंगाई
अगस्त में खाद्य महंगाई में भी तेजी देखने को मिली. खाद्य महंगाई जुलाई के 5.52 फीसदी से बढकर अगस्त में 5.95 फीसदी हो गई. प्याज की कीमतों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली. अगस्त में प्याज की महंगाई 48.27 फीसदी रही, जबकि जुलाई में यह 22.54 फीसदी थी. लहसुन की महंगाई 43.6 फीसदी रही. वहीं अदरक की कीमतों में महंगाई 73.82 फीसदी तक पहुंच गई.
इन सब्जियों की कीमतों में आई गिरावट
जहां प्याज, लहसुन और अदरक महंगे हुए, वहीं कुछ सब्जियों की कीमतों में राहत देखने को मिली. अगस्त में टमाटर की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. आलू की कीमतों में भी कमी आई. भिंडी और परवल की कीमतें भी नीचे आईं. इसके बावजूद खाने पीने की कई चीजों की कीमतों में तेजी का असर कुल खाद्य महंगाई पर पड़ा. खाद्य महंगाई बढ़ने का सीधा असर आम परिवार के घरेलू बजट पर पड़ सकता है.
किन राज्यों में सबसे ज्यादा महंगाई रही
अगस्त में राज्यों के बीच खुदरा महंगाई में भी काफी अंतर देखने को मिला. तेलंगाना में खुदरा महंगाई सबसे ज्यादा 6.27 फीसदी रही. वहीं मिजोरम में यह सबसे कम 2.35 फीसदी दर्ज की गई. ग्रामीण इलाकों में महंगाई शहरी इलाकों के मुकाबले ज्यादा रही. ग्रामीण खुदरा महंगाई 5.23 फीसदी रही, जबकि शहरी महंगाई 4.31 फीसदी रही. इससे पता चलता है कि महंगाई का दबाव अलग अलग इलाकों में अलग रहा.
अक्टूबर में आरबीआई के फैसले पर असर
अगस्त की महंगाई का आंकड़ा आरबीआई की अगली मौद्रिक नीति बैठक के लिए काफी अहम होगा. आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक 5 से 7 अक्टूबर के बीच होनी है. इस बैठक में रेपो रेट को लेकर फैसला लिया जाएगा. अगस्त की बैठक में आरबीआई ने प्रमुख ब्याज दरों को स्थिर रखा था. आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026 27 के लिए खुदरा महंगाई का अनुमान 5 फीसदी रखा है. ऐसे में महंगाई में बढ़ोतरी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद पर असर डाल सकती है.
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थोक महंगाई भी अगस्त में बढ़ी
खुदरा महंगाई के साथ थोक महंगाई में भी बढ़ोतरी हुई है. अगस्त में थोक प्राइस इंडेक्स बेस्ड महंगाई 9.92 फीसदी रही, जबकि जुलाई में यह 9.78 फीसदी थी. खाद्य वस्तुओं की थोक महंगाई अगस्त में 7.05 फीसदी रही, जो जुलाई में 6.65 फीसदी थी. मैन्युफैक्चरिंग वस्तुओं की थोक महंगाई 8.37 फीसदी रही. वहीं ईंधन और बिजली की थोक महंगाई 22.93 फीसदी तक पहुंच गई. इससे अर्थव्यवस्था में महंगाई का दबाव बने रहने के संकेत मिलते हैं.
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