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खरीफ सीजन में धान की बुवाई 4 फीसदी घटी, कर्नाटक और तेलंगाना में सबसे ज्यादा कमी

खरीफ सीजन 2026 में धान की बुवाई का रकबा 4 फीसदी घटकर 426.81 लाख हेक्टेयर रह गया है. पिछले साल इसी अवधि में यह 443.78 लाख हेक्टेयर था. कर्नाटक और तेलंगाना में धान की बुवाई सबसे ज्यादा घटी है. वहीं दलहन और मोटे अनाज का रकबा बढ़ा है. तिलहन और कपास की बुवाई में मामूली कमी आई है.

खरीफ सीजन 2026 में धान की बुवाई 4 फीसदी घटी. Image Credit: tv9

Highlights

  • खरीफ सीजन 2026 में धान की बुवाई 4 फीसदी घटी.
  • 11 सितंबर तक धान का रकबा 426.81 लाख हेक्टेयर रहा.
  • पिछले साल इसी अवधि में धान का रकबा 443.78 लाख हेक्टेयर था.

खरीफ सीजन 2026 में धान की बुवाई का रकबा पिछले साल के मुकाबले कम हुआ है. 11 सितंबर तक देश में 426.81 लाख हेक्टेयर में धान की बुवाई हुई है. पिछले साल इसी अवधि में धान का रकबा 443.78 लाख हेक्टेयर था. यानी इस साल धान की बुवाई में करीब 4 फीसदी की कमी आई है. कर्नाटक और तेलंगाना समेत कई राज्यों में धान का रकबा घटा है. कुछ इलाकों में कम बारिश को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है. धान खरीफ सीजन की प्रमुख फसल है और इसकी कटाई अक्टूबर से शुरू होती है.

कर्नाटक और तेलंगाना में धान की बुवाई घटी

कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, धान की बुवाई में सबसे ज्यादा कमी कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों में देखने को मिली है. कर्नाटक में धान का रकबा 4.54 लाख हेक्टेयर घटा है. वहीं तेलंगाना में 4.46 लाख हेक्टेयर की कमी आई है. आंध्र प्रदेश में भी धान की बुवाई 1.90 लाख हेक्टेयर कम हुई है. उत्तर प्रदेश में 1.84 लाख हेक्टेयर और मध्य प्रदेश में 1.75 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज की गई है.

इन राज्यों में भी धान का रकबा घटा

धान की बुवाई में कमी केवल दक्षिण भारत तक सीमित नहीं है. तमिलनाडु में धान का रकबा 1.40 लाख हेक्टेयर घटा है. महाराष्ट्र में 1.15 लाख हेक्टेयर और झारखंड में 0.97 लाख हेक्टेयर की कमी आई है. कई राज्यों में बारिश की स्थिति सामान्य नहीं रहने से किसान धान की बुवाई कम कर पाए हैं. इससे देश के कुल धान रकबे पर असर पड़ा है. धान की कटाई अक्टूबर से शुरू होने की उम्मीद है.

दलहन की बुवाई में बढ़ोतरी

धान के उलट दलहन की बुवाई में इस साल बढ़ोतरी दर्ज की गई है. 11 सितंबर तक देश में 118.46 लाख हेक्टेयर में दलहन की बुवाई हुई है. पिछले साल इसी अवधि में यह रकबा 116.79 लाख हेक्टेयर था. यानी दलहन का रकबा करीब 1.67 लाख हेक्टेयर बढ़ा है. श्री अन्न और मोटे अनाज की बुवाई भी बढ़कर 183.17 लाख हेक्टेयर हो गई है. पिछले साल यह आंकड़ा 182.48 लाख हेक्टेयर था.

तिलहन और कपास की बुवाई भी घटी

इस खरीफ सीजन में तिलहन और कपास की बुवाई में भी मामूली गिरावट आई है. तिलहन का रकबा घटकर 193.90 लाख हेक्टेयर रह गया है. पिछले साल इसी अवधि में यह 194.07 लाख हेक्टेयर था. कपास की बुवाई भी 110.31 लाख हेक्टेयर से घटकर 109.34 लाख हेक्टेयर रह गई. गन्ने की बुवाई में भी मामूली कमी आई है. इसका रकबा 58.87 लाख हेक्टेयर से घटकर 58.47 लाख हेक्टेयर हो गया है.

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कुल खरीफ फसल का रकबा भी कम

कृषि मंत्रालय के आंकडों के अनुसार 11 सितंबर तक सभी खरीफ फसलों का कुल रकबा 1096.49 लाख हेक्टेयर रहा. पिछले साल इसी अवधि में यह 1112.54 लाख हेक्टेयर था. यानी कुल खरीफ फसल क्षेत्र में करीब 16 लाख हेक्टेयर की कमी आई है. सरकार के अनुसार देश के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने के कारण बुवाई प्रभावित हुई है. आने वाले समय में फसल की पैदावार और मंडी में अनाज की उपलब्धता पर भी इसका असर देखा जा सकता है.