रुपया 13 पैसे गिरकर 96.88 पर बंद, महंगे कच्चे तेल और मजबूत डॉलर का दबाव

भारतीय रुपया गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 13 पैसे कमजोर होकर 96.88 पर बंद हुआ. भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से रुपये पर दबाव रहा. मजबूत डॉलर और महंगे कच्चे तेल ने भी चिंता बढ़ाई. ब्रेंट कच्चा तेल 104.41 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.

मजबूत डॉलर और 104 डॉलर के पार पहुंचे ब्रेंट कच्चे तेल ने रुपये पर दबाव बढ़ाया. Image Credit: @Money9live

Highlights

  • रुपया 13 पैसे गिरकर 96.88 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ.
  • मजबूत डॉलर और 104 डॉलर के पार पहुंचे ब्रेंट कच्चे तेल ने रुपये पर दबाव बढ़ाया.
  • भारतीय रिजर्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप से रुपये को निचले स्तरों पर सहारा मिला.

भारतीय रुपया गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 13 पैसे कमजोर होकर 96.88 के स्तर पर बंद हुआ. बुधवार को रुपया 96.75 के स्तर पर बंद हुआ था. वैश्विक बाजारों में रिस्क से बचने की सेंटिमेंट और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से रुपये पर दबाव रहा. मजबूत डॉलर और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी रुपये की कमजोरी बढ़ाई. ब्रेंट कच्चा तेल करीब 104 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था.

कारोबार के दौरान रुपये का हाल

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.71 के स्तर पर खुला. कारोबार के दौरान रुपये ने 96.65 का ऊपरी स्तर और 96.79 का निचला स्तर देखा. कारोबार खत्म होने पर रुपया 96.88 के स्तर पर बंद हुआ. इस तरह पिछले बंद भाव के मुकाबले रुपये में 13 पैसे की गिरावट रही. बुधवार को रुपया अमेरिकी करेंसी के मुकाबले 96.75 के स्तर पर बंद हुआ था.

महंगा कच्चा तेल बना दबाव

एक्सपर्ट के मुताबिक, रुपये पर कई आर्थिक कारणों का दबाव बना हुआ है. डॉलर की मजबूती के कारण रुपये पर दबाव बढ़ रहा है और डॉलर इंडेक्स कई महीनों के ऊंचे स्तर के करीब कारोबार कर रहा है. ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत करीब 104 डॉलर प्रति बैरल बनी हुई है. कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से रुपये पर दबाव और बढ़ सकता है. मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर भी चिंता बनी हुई है.

भारतीय रिजर्व बैंक से रुपये को मिला सहारा

निचले स्तरों पर भारतीय रिजर्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप से रुपये को कुछ सहारा मिला. विदेशी मुद्रा कारोबारियों की नजर अब इस बात पर है कि भारतीय रिजर्व बैंक डॉलर और रुपये के कारोबार में किस तरह कदम उठाता है. भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि केंद्रीय बैंक रुपये को स्थिर रखने में मदद करेगा. उन्होंने कहा कि रुपये को उसका सही मूल्य हासिल करने में मदद की जाएगी. साथ ही रुपये में बहुत ज्यादा उतार चढ़ाव नहीं होने देने पर भी जोर दिया गया है.

डॉलर और कच्चे तेल की स्थिति

डॉलर इंडेक्स 102.40 के स्तर पर कारोबार कर रहा था और इसमें 0.16 फीसदी की तेजी थी. ब्रेंट कच्चा तेल वायदा कारोबार में 4.20 फीसदी बढ़कर 104.41 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. मध्य पूर्व में जारी भू राजनीतिक तनाव कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की मुख्य वजहों में शामिल है. खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर हमलों से कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा दबाव रुपये पर भी देखने को मिल रहा है.

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शेयर बाजार में भी भारी गिरावट

घरेलू शेयर बाजार में भी गुरुवार को भारी गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्स 1045.46 अंक गिरकर 71593.24 के स्तर पर बंद हुआ. निफ्टी 371.25 अंक टूटकर 22231.80 के स्तर पर बंद हुआ. इसके अलावा बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 6121.37 करोड रुपये की शुद्ध बिकवाली की.