Rupee vs Dollar: डॉलर के मुकाबले रुपया फिर 90 के पार, मैन्युफैक्चरिंग डेटा ने बढ़ाई चिंता
भारतीय करेंसी मार्केट में दबाव का दौर जारी है और शुक्रवार को भारतीय रुपया US डॉलर के मुकाबले 22 पैसे टूटकर 90.20 पर बंद हुआ. कमजोर मैक्रोइकोनॉमिक डेटा, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और ग्लोबल मार्केट में डॉलर की मजबूती ने रुपये पर दबाव बनाए रखा.
Rupee vs dollar: भारतीय करेंसी मार्केट में शुक्रवार को कमजोरी देखने को मिली. भारतीय रुपया एक बार फिर 90 के स्तर से नीचे फिसल गया और US डॉलर के मुकाबले 22 पैसे टूटकर 90.20 पर बंद हुआ. कमजोर मैक्रोइकोनॉमिक डेटा, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और ग्लोबल मार्केट में डॉलर की मजबूती ने रुपये पर दबाव बनाए रखा. इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपये की शुरुआत 89.95 के स्तर पर हुई. कारोबार के दौरान यह 89.92 के उच्च स्तर तक पहुंचा, जबकि दिन के निचले स्तर पर 90.25 तक फिसल गया. सत्र के अंत में रुपया 90.20 पर बंद हुआ. इससे पहले गुरुवार को भी रुपये में कमजोरी देखने को मिली थी और यह 10 पैसे टूटकर 89.98 पर बंद हुआ था.
RBI की भूमिका और राहत के संकेत
हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और घरेलू शेयर बाजार में आई तेजी ने रुपये की गिरावट को कुछ हद तक थामने का काम किया. बाजार सूत्रों का कहना है कि रिजर्व बैंक की ओर से निचले स्तरों पर संभावित हस्तक्षेप रुपये को सपोर्ट दे सकता है. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, RBI ने सरकारी बैंकों के जरिए डॉलर की बिक्री भी की, जिससे गिरावट की रफ्तार सीमित रही.
Mirae Asset Sharekhan के रिसर्च एनालिटिक्स अनुज चौधरी के अनुसार, कमजोर मैक्रोइकोनॉमिक डेटा और मजबूत US डॉलर इंडेक्स की वजह से रुपया एक बार फिर 90 के स्तर से नीचे चला गया. हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में कमजोरी और इक्विटी बाजारों की मजबूती ने नुकसान को सीमित किया.
कमजोर रहा मैन्युफैक्चरिंग डेटा
घरेलू आर्थिक मोर्चे पर दिसंबर में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ दो साल के सबसे कमजोर स्तर पर पहुंच गई. HSBC इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) नवंबर के 56.6 से घटकर दिसंबर में 55 पर आ गया. PMI में 50 से ऊपर का स्तर विस्तार और 50 से नीचे का स्तर सिमटने को दिखाता है.
ग्लोबल संकेत क्या कह रहे हैं
ग्लोबल मार्केट में US डॉलर इंडेक्स 0.07 फीसदी की बढ़त के साथ 98.38 पर कारोबार कर रहा था. वहीं Brent crude 0.58 फीसदी गिरकर 60.52 US डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जिससे रुपये को कुछ राहत मिली.
शेयर बाजार में तेजी
करेंसी मार्केट में दबाव के बावजूद घरेलू शेयर बाजार में मजबूती देखने को मिली. सेंसेक्स 573.41 अंकों की तेजी के साथ 85,762.01 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 182 अंकों की बढ़त के साथ 26,328.55 के स्तर पर पहुंच गया. एक्सचेंज डेटा के अनुसार, गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 3,268.60 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की थी, जिसका असर रुपये पर भी देखने को मिला.
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