मणप्पुरम फाइनेंस के MD को SEBI ने भेजा वार्निंग लेटर, शेयर प्लेज खुलासे में देरी पड़ी भारी

गोल्ड लोन कंपनी Manappuram Finance Ltd के एमडी V. P. Nandakumar को SEBI ने शेयर प्लेज डिस्क्लोजर में 7 दिन की देरी पर प्रशासनिक चेतावनी दी है. मामला 2018 के लेनदेन से जुड़ा है. कंपनी ने कहा कि इससे उसके कारोबार, वित्तीय स्थिति या संचालन पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

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गोल्ड लोन देने वाली कंपनी मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है. मार्केट रेगुलेटर SEBI ने कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर वी. पी. नंदकुमार को चेतावनी लेटर जारी किया है. यह कार्रवाई शेयर गिरवी रखने से जुड़ी जानकारी समय पर न देने के मामले में की गई है.

क्या है पूरा मामला?

कंपनी की ओर से स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक, यह मामला साल 2018 का है. 21 सितंबर से 24 सितंबर 2018 के बीच Manappuram Finance के शेयरों पर एनकम्ब्रेंस (यानी गिरवी रखने) से जुड़े कुछ ट्रांजैक्शन किए गए थे.
नियमों के अनुसार, ऐसी जानकारी तय समय सीमा के भीतर सार्वजनिक करनी होती है, लेकिन इस मामले में जानकारी 11 अक्टूबर 2018 को दी गई, जो निर्धारित समय सीमा से 7 दिन की देरी से थी.

https://nsearchives.nseindia.com/corporate/MANAPPURAM_25042026135010_SEIntimationRegulation30AdminWarningLetterSigned.pdf

SEBI ने क्या कहा?

SEBI ने माना कि यह देरी नियमों का उल्लंघन है. खास तौर पर यह उल्लंघन SEBI (लिस्टिंग ऑब्लिगेशंस एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) रेगुलेशंस, 2015 के Regulation 31(1) और 31(3) के तहत आता है. इन नियमों के अनुसार, प्रमोटर्स और कंपनी के प्रमुख अधिकारियों को शेयर गिरवी रखने, हटाने या लागू करने जैसी जानकारी तय समय में देना जरूरी होता है.

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पर्सनल लेवल पर दी गई चेतावनी

SEBI ने यह चेतावनी सीधे वी.पी. नंदकुमार को उनकी व्यक्तिगत क्षमता में दी है. इसमें किसी तरह का जुर्माना या सख्त कार्रवाई शामिल नहीं है. हालांकि कंपनी ने साफ किया है कि यह मामला केवल व्यक्तिगत डिस्क्लोजर से जुड़ा है और इससे कंपनी की कुल कंप्लायंस या गवर्नेंस पर कोई सवाल नहीं उठता.

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