$24 अरब की सौगात, तेल पर ढील और होर्मुज का रास्ता साफ! US-ईरान की 14 पॉइंट डील में क्या-क्या पका?

अमेरिका और ईरान को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच एक 14 प्वाइंट्स मसौदा समझौता तैयार हुआ है. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी मेहर न्यूज ने इस प्रस्तावित समझौते के key प्वाइंट्स के बारे में बताया है. दावा किया जा रहा है कि इस समझौते के तहत ईरान को 24 अरब डॉलर की जमी हुई संपत्तियों तक पहुंच मिल सकती है.

USA Iran ceasefire Image Credit: Canva/ Money9

US-Iran Peace Deal: वेस्ट एशिया में लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच अमेरिका और ईरान को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच एक 14 प्वाइंट्स मसौदा समझौता तैयार हुआ है. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी मेहर न्यूज ने इस प्रस्तावित समझौते के key प्वाइंट्स के बारे में बताया है. दावा किया जा रहा है कि इस समझौते के तहत ईरान को 24 अरब डॉलर की फ्रीज हुई संपत्तियों तक पहुंच मिल सकती है.

साथ ही तेल और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र पर लगी कई पाबंदियों में राहत दी जा सकती है. इतना ही नहीं, दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट को भी फिर से पूरी तरह खोला जा सकता है. हालांकि अभी तक न अमेरिका और न ही ईरान ने इस मसौदे की आधिकारिक पुष्टि की है. इसके बावजूद इस खबर ने दुनियाभर के बाजारों और कूटनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है.

क्या है 14 समझौते का दावा?

मेहर न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार प्रस्तावित समझौते में सबसे पहले सभी सैन्य गतिविधियों को तुरंत और स्थायी रूप से रोकने की बात कही गई है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका ईरान की संप्रभुता का सम्मान करेगा और उसके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगा.

होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुलेगा

रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका 30 दिनों के भीतर ईरान के आसपास तैनात सैन्य गतिविधियों को कम करेगा. इसके साथ ही होर्मुज स्ट्रेट को फिर से पूरी तरह खोलने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे. यह समुद्री मार्ग दुनिया के कुल तेल कारोबार का बड़ा हिस्सा संभालता है. इसलिए इसका खुलना वैश्विक बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

ईरान को मिल सकते हैं 24 अरब डॉलर

समझौते का सबसे बड़ा आर्थिक पहलू ईरान की जमी हुई संपत्तियों से जुड़ा है. रिपोर्ट के अनुसार ईरान को 24 अरब डॉलर की जमी हुई राशि तक पहुंच मिल सकती है. बताया गया है कि इस रकम का आधा हिस्सा बातचीत शुरू होने से पहले ही जारी किया जा सकता है.

तेल और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र को राहत

रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के तेल, गैस और पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट पर लगी कई पाबंदियों को अस्थायी रूप से हटाया जा सकता है. अगर ऐसा होता है तो ईरान एक बार फिर बड़ी मात्रा में तेल निर्यात कर सकेगा. इससे वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति बढ़ सकती है और कीमतों पर दबाव पड़ सकता है.

300 अरब डॉलर की Reconstruction योजना

दावे के अनुसार अमेरिका और उसके सहयोगी देश ईरान के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर की आर्थिक पुनर्निर्माण योजना तैयार करने पर भी विचार कर सकते हैं. इसका मकसद ईरान की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना बताया जा रहा है.

परमाणु कार्यक्रम पर होगी बातचीत

रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले 60 दिनों तक दोनों देशों के बीच विस्तृत बातचीत चलेगी. इस दौरान परमाणु गतिविधियों, Prosperous यूरेनियम, पाबंदियों में राहत और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी. हालांकि ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों से जुड़े मामलों को इस बातचीत से बाहर रखा जा सकता है.

क्रमांकप्रस्तावित समझौते का बिंदुक्या है मतलब?
1सभी सैन्य कार्रवाई बंदअमेरिका, ईरान और सहयोगी पक्षों के बीच लड़ाई तुरंत और स्थायी रूप से रोकी जाएगी.
2लेबनान समेत सभी मोर्चों पर शांतिक्षेत्र में चल रहे संघर्षों को खत्म करने की कोशिश की जाएगी.
3ईरान की संप्रभुता का सम्मानअमेरिका ईरान के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देगा.
4अमेरिकी नौसैनिक घेराबंदी खत्मअमेरिका 30 दिनों के भीतर ईरान के आसपास की सैन्य घेराबंदी हटाएगा.
5अमेरिकी सैन्य बलों की वापसीईरान के आसपास तैनात अतिरिक्त अमेरिकी बलों को पीछे हटाया जाएगा.
6होर्मुज स्ट्रेट फिर खुलेगातेल और व्यापारिक जहाजों की आवाजाही सामान्य की जाएगी.
760 दिन की विशेष बातचीतदोनों देश अगले 60 दिनों तक बड़े समझौते पर बातचीत करेंगे.
8परमाणु कार्यक्रम पर चर्चाईरान के परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम भंडार पर बातचीत होगी.
924 अरब डॉलर की फ्रीज संपत्ति जारीईरान को उसकी फ्रीज की गई 24 अरब डॉलर की संपत्तियों तक पहुंच मिलेगी.
10आधी रकम पहले मिलेगीबातचीत शुरू होने से पहले करीब 12 अरब डॉलर जारी किए जा सकते हैं.
11तेल और पेट्रोकेमिकल प्रतिबंधों में राहतईरान को फिर से तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पाद बेचने की छूट मिल सकती है.
12300 अरब डॉलर की आर्थिक मददअमेरिका और उसके सहयोगी ईरान के आर्थिक पुनर्निर्माण में मदद कर सकते हैं.
13नए प्रतिबंध नहीं लगेंगेबातचीत के दौरान अमेरिका ईरान पर नए आर्थिक प्रतिबंध नहीं लगाएगा.
14परमाणु हथियार नहीं बनाने का वादाईरान परमाणु हथियार नहीं बनाने की अपनी commitment दोहराएगा.

अभी भी बने हुए हैं कई सवाल

हालांकि इस समझौते को लेकर अभी भी कई महत्वपूर्ण सवाल बने हुए हैं. अमेरिकी अधिकारी जहां ईरान के परमाणु ढांचे को खत्म करने की बात कर रहे हैं, वहीं ईरानी पक्ष का कहना है कि वह अपने परमाणु संसाधनों पर कंट्रोल बनाए रखेगा. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अभी तक दोनों देशों की ओर से इस मसौदे को आधिकारिक मंजूरी नहीं मिली है.

इसी वजह से एक्सपर्ट इसे अंतिम समझौते के बजाय बातचीत की शुरुआती रूपरेखा मान रहे हैं. फिर भी अगर यह समझौता आगे बढ़ता है तो इससे न सिर्फ अमेरिका और ईरान के रिश्तों में बड़ा बदलाव आ सकता है, बल्कि वैश्विक तेल बाजार और पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है.

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