समुद्री व्यापार संकट के बीच भारत के पोर्ट्स पर वेस्ट एशिया जाने वाले कार्गो को स्टोर करने की अनुमति, क्या है मायने
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक समुद्री व्यापार प्रभावित होने लगा है. कई शिपिंग कंपनियों ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते जाने वाली सेवाएं रोक दी हैं. इस स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने बंदरगाहों को मिडिल ईस्ट जाने वाले कार्गो को ट्रांसशिपमेंट कार्गो के रूप में अस्थायी रूप से स्टोर करने की अनुमति देने का निर्देश दिया है.
India transshipment cargo storage: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर अब वैश्विक समुद्री व्यापार पर भी दिखने लगा है. कई शिपिंग कंपनियों ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य की ओर जाने वाली अपनी जहाज सेवाएं रोक दी हैं. इस स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने एक अहम कदम उठाया है. Ministry of Ports, Shipping and Waterways ने देश के सभी बंदरगाहों को निर्देश दिया है कि वे पश्चिम एशिया जाने वाले कार्गो को ट्रांसशिपमेंट कार्गो के रूप में अस्थायी रूप से स्टोर करने की अनुमति दें.
बंदरगाहों के लिए जारी की गई नई गाइडलाइन
बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय ने शुक्रवार को इस स्थिति से निपटने के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किया. इसके तहत बंदरगाहों को कहा गया है कि यदि जरूरत पड़े तो ऐसे कार्गो के लिए अतिरिक्त भंडारण क्षेत्र उपलब्ध कराया जाए.
इसके अलावा बंदरगाहों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे वेस्ट एशिया जाने वाले ट्रांसशिपमेंट कार्गो को उठाने और उतारने के लिए आने वाले जहाजों को प्राथमिकता के साथ बर्थिंग सुविधा दें.
खराब होने वाले सामान को प्राथमिकता
सरकार ने बंदरगाहों से यह भी कहा है कि जल्दी खराब होने वाले सामान यानी परिशेबल कार्गो को प्राथमिकता के आधार पर संभाला जाए. इससे फल, सब्जियां, खाद्य सामग्री और अन्य संवेदनशील सामान को नुकसान से बचाया जा सकेगा.साथ ही बंदरगाहों को कस्टम विभाग, विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर इन उपायों को लागू करने को कहा गया है.
शुल्क में राहत पर भी विचार
मंत्रालय ने यह भी कहा है कि बंदरगाह उपयोगकर्ताओं के अनुरोध पर कुछ शुल्कों में राहत दी जा सकती है. परिस्थितियों के अनुसार रेफर प्लगिंग चार्ज, स्टोरेज रेंट या जहाज बदलने से जुड़े शुल्कों में कमी, छूट या माफी पर विचार किया जा सकता है.
ईरान–इजरायल संघर्ष के कारण कई बड़ी शिपिंग कंपनियों को अपने संचालन में बदलाव करना पड़ा है. शिपिंग कंपनी मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी (MSC) ने खाड़ी देशों के लिए जा रहे कार्गो के लिए “एंड ऑफ वॉयज” घोषित कर दिया है.
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जर्मन शिपिंग कंपनी हापाग-लॉयड के अनुसार कई बंदरगाह फिलहाल बंद हैं या वहां पहुंचना मुश्किल हो गया है. इसलिए कंपनियां ऐसे वैकल्पिक बंदरगाहों की तलाश कर रही हैं, जहां कंटेनरों को अस्थायी रूप से रखा जा सके और बाद में उन्हें अंतिम गंतव्य तक भेजा जा सके.
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